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Yamuna Nagar News: अनाज मंडियों में गेहूं से भरे ट्रकों की कतार
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 22 Apr 2026 01:36 AM IST
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जगाधरी अनाज मंडी में गेहूं के कट्टों की सिलाई करता मजदूर। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक तेज होने के बीच उठान की धीमी रफ्तार ने किसानों और आढ़तियों की परेशानी बढ़ा दी है। हालात यह हैं कि मंडियों में गेहूं से भरे ट्रकों की लंबी कतारें लग गई हैं, जबकि गोदामों में भी ट्रक खड़े करने की जगह कम पड़ने लगी है। ऐसे में कई ट्रक मंडियों में ही खड़े रहने को मजबूर हैं।
मंडियों में गेहूं की ढुलाई और अनलोडिंग का कार्य ठेकेदारों के जिम्मे है, लेकिन उनके पास पर्याप्त लेबर नहीं होने के कारण ट्रकों को खाली करने में देरी हो रही है। इसका सीधा असर उठान प्रक्रिया पर पड़ रहा है। मंडियों में जगह की कमी के चलते किसान भी अपनी फसल लेकर परेशान घूम रहे हैं, क्योंकि उन्हें गेहूं डालने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा।
जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में अब तक 2,34,975.84 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जबकि खरीद एजेंसियों द्वारा 2,08,320 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। खरीदे गए गेहूं में से 1,05,321 मीट्रिक टन का ही उठान हो पाया है, जो कुल खरीद का करीब 50.55 प्रतिशत है। उठान की यह धीमी गति मंडियों में अव्यवस्था का कारण बन रही है।
खरीद एजेंसियों की बात करें तो खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 61,526 मीट्रिक टन, हैफेड ने 1,08,285 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 38,509 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। वहीं, अब तक किसानों को मंडियों से उठाए जा चुके गेहूं का करीब 80 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। व्या
सपुर मंडी में 25,454 मीट्रिक टन, छछरौली में 23,433 मीट्रिक टन, गुमथला राव में 4,352 मीट्रिक टन, जगाधरी में 33,902 मीट्रिक टन, जठलाना में 3,105 मीट्रिक टन, खारवन में 3,420 मीट्रिक टन, प्रतापनगर में 20,777 मीट्रिक टन, सरस्वतीनगर में 33,747 मीट्रिक टन, रादौर में 31,797 मीट्रिक टन, रणजीतपुर में 7,513 मीट्रिक टन, रसूलपुर में 7,081 मीट्रिक टन, सढौरा में 13,506 मीट्रिक टन और यमुनानगर मंडी में 232 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई है।
भाकियू निदेशक मंदीप सिंह रोडछप्पर का कहना है कि यदि समय रहते उठान की प्रक्रिया तेज नहीं की गई तो मंडियों में हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि लेबर की व्यवस्था दुरुस्त कर ट्रकों की अनलोडिंग तेज करवाई जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके और फसल की बिक्री सुचारू रूप से जारी रह सके।
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यमुनानगर। जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक तेज होने के बीच उठान की धीमी रफ्तार ने किसानों और आढ़तियों की परेशानी बढ़ा दी है। हालात यह हैं कि मंडियों में गेहूं से भरे ट्रकों की लंबी कतारें लग गई हैं, जबकि गोदामों में भी ट्रक खड़े करने की जगह कम पड़ने लगी है। ऐसे में कई ट्रक मंडियों में ही खड़े रहने को मजबूर हैं।
मंडियों में गेहूं की ढुलाई और अनलोडिंग का कार्य ठेकेदारों के जिम्मे है, लेकिन उनके पास पर्याप्त लेबर नहीं होने के कारण ट्रकों को खाली करने में देरी हो रही है। इसका सीधा असर उठान प्रक्रिया पर पड़ रहा है। मंडियों में जगह की कमी के चलते किसान भी अपनी फसल लेकर परेशान घूम रहे हैं, क्योंकि उन्हें गेहूं डालने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा।
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जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में अब तक 2,34,975.84 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जबकि खरीद एजेंसियों द्वारा 2,08,320 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। खरीदे गए गेहूं में से 1,05,321 मीट्रिक टन का ही उठान हो पाया है, जो कुल खरीद का करीब 50.55 प्रतिशत है। उठान की यह धीमी गति मंडियों में अव्यवस्था का कारण बन रही है।
खरीद एजेंसियों की बात करें तो खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 61,526 मीट्रिक टन, हैफेड ने 1,08,285 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 38,509 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। वहीं, अब तक किसानों को मंडियों से उठाए जा चुके गेहूं का करीब 80 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। व्या
सपुर मंडी में 25,454 मीट्रिक टन, छछरौली में 23,433 मीट्रिक टन, गुमथला राव में 4,352 मीट्रिक टन, जगाधरी में 33,902 मीट्रिक टन, जठलाना में 3,105 मीट्रिक टन, खारवन में 3,420 मीट्रिक टन, प्रतापनगर में 20,777 मीट्रिक टन, सरस्वतीनगर में 33,747 मीट्रिक टन, रादौर में 31,797 मीट्रिक टन, रणजीतपुर में 7,513 मीट्रिक टन, रसूलपुर में 7,081 मीट्रिक टन, सढौरा में 13,506 मीट्रिक टन और यमुनानगर मंडी में 232 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई है।
भाकियू निदेशक मंदीप सिंह रोडछप्पर का कहना है कि यदि समय रहते उठान की प्रक्रिया तेज नहीं की गई तो मंडियों में हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि लेबर की व्यवस्था दुरुस्त कर ट्रकों की अनलोडिंग तेज करवाई जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके और फसल की बिक्री सुचारू रूप से जारी रह सके।

जगाधरी अनाज मंडी में गेहूं के कट्टों की सिलाई करता मजदूर। संवाद

जगाधरी अनाज मंडी में गेहूं के कट्टों की सिलाई करता मजदूर। संवाद

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