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Yamuna Nagar News: गेहूं का उठान धीमा, मंडियों में जगह कम
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 20 Apr 2026 01:32 AM IST
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जगाधरी में गोदाम के बाहर अनलोडिंग के लिए खड़े गेहूं के बैग से भरे ट्रक। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है। वहीं उठान की धीमी रफ्तार के चलते व्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि मंडी से लोड होने के बाद गेहूं से भरे ट्रक गोदामों पर समय पर खाली नहीं हो पा रहे और कई वाहन पूरी रात खड़े रहते हैं।
इसका मुख्य कारण ट्रांसपोर्टरों के पास मजदूरों की कमी बताया जा रहा है। मंडियों में रविवार को गेहूं की आवक तो तेज रही, लेकिन अवकाश के कारण खरीद प्रक्रिया बंद रही। इसके बावजूद पहले से खरीदी गई फसल का उठान अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा। वर्तमान में कुल खरीद के मुकाबले लगभग 43 प्रतिशत गेहूं का ही उठान हो सका है। मंडियों में जितनी तेजी से उठान हो रहा है, उससे अधिक तेजी से खेतों से नई फसल पहुंच रही है, जिससे जगह की कमी होने लगी है।
अधिकारियों के अनुसार अब तक जिले की विभिन्न मंडियों में 202892.41 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई है जबकि खरीद एजेंसियों की ओर से 182686.35 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। उठान की धीमी गति के कारण मंडियों में गेहूं सुखाने और रखने की पर्याप्त जगह नहीं बच रही, जिससे किसानों और आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी से गेहूं उठाकर गोदाम तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। ट्रांसपोर्टरों के पास पर्याप्त श्रमिक न होने के कारण ट्रकों को समय पर खाली नहीं किया जा रहा। नतीजतन, गोदामों के बाहर गेहूं से भरे वाहन लंबी कतारों में खड़े नजर आते हैं। इससे न केवल परिवहन व्यवस्था बाधित हो रही है, बल्कि मंडियों में आवक के लिए जगह बनाना भी मुश्किल हो रहा है।
किस मंडी में कितना खरीदा गया गेहूं
जिले की विभिन्न मंडियों में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 47695 मीट्रिक टन, हैफेड ने 99953 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन ने 35038.35 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। व्यासपुर मंडी में 23078 मीट्रिक टन, छछरौली में 19068.35 मीट्रिक टन, गुमथला राव में 3762 मीट्रिक टन और जगाधरी में 29321 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इसके अलावा जठलाना में 2462 मीट्रिक टन, खारवन में 2833 मीट्रिक टन, प्रतापनगर में 15957 मीट्रिक टन, सरस्वतीनगर में 33227 मीट्रिक टन और रादौर में 27942 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। रणजीतपुर में 7050 मीट्रिक टन, रसूलपुर में 6190 मीट्रिक टन, साढौरा में 11629 मीट्रिक टन और यमुनानगर मंडी में 167 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई है।
खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और उठान में तेजी लाने के लिए एजेंसी को बोल दिया है। उठान पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। संबंधित एजेंसियों और ट्रांसपोर्टरों को निर्देश दिए हैं कि मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित कर समय पर उठान किया जाए, ताकि मंडियों में अव्यवस्था की स्थिति न बने और किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। - नितिश सिंगला, डीएफएससी
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यमुनानगर। जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है। वहीं उठान की धीमी रफ्तार के चलते व्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि मंडी से लोड होने के बाद गेहूं से भरे ट्रक गोदामों पर समय पर खाली नहीं हो पा रहे और कई वाहन पूरी रात खड़े रहते हैं।
इसका मुख्य कारण ट्रांसपोर्टरों के पास मजदूरों की कमी बताया जा रहा है। मंडियों में रविवार को गेहूं की आवक तो तेज रही, लेकिन अवकाश के कारण खरीद प्रक्रिया बंद रही। इसके बावजूद पहले से खरीदी गई फसल का उठान अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा। वर्तमान में कुल खरीद के मुकाबले लगभग 43 प्रतिशत गेहूं का ही उठान हो सका है। मंडियों में जितनी तेजी से उठान हो रहा है, उससे अधिक तेजी से खेतों से नई फसल पहुंच रही है, जिससे जगह की कमी होने लगी है।
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अधिकारियों के अनुसार अब तक जिले की विभिन्न मंडियों में 202892.41 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई है जबकि खरीद एजेंसियों की ओर से 182686.35 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। उठान की धीमी गति के कारण मंडियों में गेहूं सुखाने और रखने की पर्याप्त जगह नहीं बच रही, जिससे किसानों और आढ़तियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी से गेहूं उठाकर गोदाम तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। ट्रांसपोर्टरों के पास पर्याप्त श्रमिक न होने के कारण ट्रकों को समय पर खाली नहीं किया जा रहा। नतीजतन, गोदामों के बाहर गेहूं से भरे वाहन लंबी कतारों में खड़े नजर आते हैं। इससे न केवल परिवहन व्यवस्था बाधित हो रही है, बल्कि मंडियों में आवक के लिए जगह बनाना भी मुश्किल हो रहा है।
किस मंडी में कितना खरीदा गया गेहूं
जिले की विभिन्न मंडियों में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 47695 मीट्रिक टन, हैफेड ने 99953 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन ने 35038.35 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। व्यासपुर मंडी में 23078 मीट्रिक टन, छछरौली में 19068.35 मीट्रिक टन, गुमथला राव में 3762 मीट्रिक टन और जगाधरी में 29321 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इसके अलावा जठलाना में 2462 मीट्रिक टन, खारवन में 2833 मीट्रिक टन, प्रतापनगर में 15957 मीट्रिक टन, सरस्वतीनगर में 33227 मीट्रिक टन और रादौर में 27942 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। रणजीतपुर में 7050 मीट्रिक टन, रसूलपुर में 6190 मीट्रिक टन, साढौरा में 11629 मीट्रिक टन और यमुनानगर मंडी में 167 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई है।
खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और उठान में तेजी लाने के लिए एजेंसी को बोल दिया है। उठान पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। संबंधित एजेंसियों और ट्रांसपोर्टरों को निर्देश दिए हैं कि मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित कर समय पर उठान किया जाए, ताकि मंडियों में अव्यवस्था की स्थिति न बने और किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। - नितिश सिंगला, डीएफएससी

जगाधरी में गोदाम के बाहर अनलोडिंग के लिए खड़े गेहूं के बैग से भरे ट्रक। संवाद

जगाधरी में गोदाम के बाहर अनलोडिंग के लिए खड़े गेहूं के बैग से भरे ट्रक। संवाद

जगाधरी में गोदाम के बाहर अनलोडिंग के लिए खड़े गेहूं के बैग से भरे ट्रक। संवाद

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