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Yamuna Nagar News: स्वरोजगार से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 04 May 2026 01:18 AM IST
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सिलाई करतीं पिंकी देवी। स्वयं
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के गांव कान्हड़ी कलां में नारी एकता ग्राम संगठन व पार्वती स्वयं सहायता समूह की प्रधान पिंकी देवी के नेतृत्व में महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। समूह से जुड़ी 10 महिलाओं ने मिलकर न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाली है बल्कि महिला सशक्तिकरण का उदाहरण भी पेश किया है।
वर्ष 2019 में शुरू हुए इस समूह की महिलाएं आज सिलाई, कपड़ा निर्माण, कॉस्मेटिक कार्य, खेती-बाड़ी और बुनाई जैसे विभिन्न कार्यों में माहिर हो चुकी हैं। समूह की नियमित गतिविधियों के तहत महीने में चार बार बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें आर्थिक प्रबंधन, बचत, ऋण और स्वरोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है।
ग्राम संगठन स्तर पर प्रत्येक माह की एक और 15 तारीख को बैठक कर योजनाओं की समीक्षा और नए लक्ष्य तय किए जाते हैं। प्रधान पिंकी देवी का कहना है कि शुरुआत में महिलाओं को घर से बाहर निकलकर काम करने में संकोच और सामाजिक बाधाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन निरंतर प्रयास और आपसी सहयोग से आज वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।
पिंकी देवी गांव की लड़कियों को निशुल्क सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण भी दे रही हैं, जिससे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। समूह की महिलाएं देवेंद्र राणा को अपना गुरु मानती हैं, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने अपने हुनर को निखारा और आज आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं। उनके सहयोग से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे नए-नए कार्यों को अपनाने के लिए प्रेरित हुई हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने भी संगठन की बैठकों के दौरान महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों, बचत समूहों के महत्व और वित्तीय साक्षरता की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि नियमित बैठकें महिलाओं को संगठित करती हैं और उन्हें निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती हैं। नारी एकता ग्राम संगठन न केवल आर्थिक मजबूती का प्रतीक है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभर रहा है।
पिंकी का मानना है कि किसी भी काम को करने के लिए अपने अंदर आत्मविश्वास होना जरूरी है ऐसे में विश्वास की कमी के चलते बहुत सी महिलाएं हिम्मत हार जाती हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास टूट जाता है और आगे नहीं बढ़ पाती। परिवार के लोग भी अगर साथ दें तो महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी दक्षता दिखा सकतीं है।
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यमुनानगर। जिले के गांव कान्हड़ी कलां में नारी एकता ग्राम संगठन व पार्वती स्वयं सहायता समूह की प्रधान पिंकी देवी के नेतृत्व में महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। समूह से जुड़ी 10 महिलाओं ने मिलकर न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाली है बल्कि महिला सशक्तिकरण का उदाहरण भी पेश किया है।
वर्ष 2019 में शुरू हुए इस समूह की महिलाएं आज सिलाई, कपड़ा निर्माण, कॉस्मेटिक कार्य, खेती-बाड़ी और बुनाई जैसे विभिन्न कार्यों में माहिर हो चुकी हैं। समूह की नियमित गतिविधियों के तहत महीने में चार बार बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें आर्थिक प्रबंधन, बचत, ऋण और स्वरोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है।
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ग्राम संगठन स्तर पर प्रत्येक माह की एक और 15 तारीख को बैठक कर योजनाओं की समीक्षा और नए लक्ष्य तय किए जाते हैं। प्रधान पिंकी देवी का कहना है कि शुरुआत में महिलाओं को घर से बाहर निकलकर काम करने में संकोच और सामाजिक बाधाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन निरंतर प्रयास और आपसी सहयोग से आज वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।
पिंकी देवी गांव की लड़कियों को निशुल्क सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण भी दे रही हैं, जिससे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। समूह की महिलाएं देवेंद्र राणा को अपना गुरु मानती हैं, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने अपने हुनर को निखारा और आज आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं। उनके सहयोग से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे नए-नए कार्यों को अपनाने के लिए प्रेरित हुई हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने भी संगठन की बैठकों के दौरान महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों, बचत समूहों के महत्व और वित्तीय साक्षरता की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि नियमित बैठकें महिलाओं को संगठित करती हैं और उन्हें निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती हैं। नारी एकता ग्राम संगठन न केवल आर्थिक मजबूती का प्रतीक है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभर रहा है।
पिंकी का मानना है कि किसी भी काम को करने के लिए अपने अंदर आत्मविश्वास होना जरूरी है ऐसे में विश्वास की कमी के चलते बहुत सी महिलाएं हिम्मत हार जाती हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास टूट जाता है और आगे नहीं बढ़ पाती। परिवार के लोग भी अगर साथ दें तो महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी दक्षता दिखा सकतीं है।
