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Yamuna Nagar News: एक्सरे मशीनें आ रहीं पर चलाने वाले नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:20 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक अहम कदम उठाया है। विभाग ने व्यासपुर, छछरौली और प्रतापनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए नई एक्सरे मशीनें खरीदी हैं। इन मशीनों की खरीद के लिए मुख्यालय स्तर पर ही टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी और अब सप्लाई ऑर्डर जारी होते ही मशीनें जिले में पहुंच जाएंगी।
मशीनों के आने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन आधुनिक मशीनों को चलाएगा कौन? स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्तमान में केवल दो ही रेडियोग्राफर कार्यरत हैं।
ऐसे में तीन नए केंद्रों पर एक्सरे मशीनें लगने के बावजूद नियमित संचालन एक चुनौती बनकर सामने आ रहा है। इस समस्या का सबसे बड़ा उदाहरण सरस्वतीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, जहां करीब तीन साल पहले एक्सरे मशीन खरीदी गई थी। रेडियोग्राफर की नियुक्ति न होने के कारण यह मशीन आज तक चालू नहीं हो पाई। हालत यह है कि पैक्ड पड़ी इस मशीन की गारंटी अवधि भी समाप्त हो चुकी है।
अब मशीन के चालू होने पर अतिरिक्त खर्च आने की आशंका जताई जा रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग का सवाल भी खड़ा हो रहा है। दूसरी ओर विभाग का मानना है कि यदि स्टाफ की व्यवस्था समय रहते कर ली जाए तो नई मशीनें ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में मील का पत्थर साबित होंगी। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को मामूली एक्सरे जांच के लिए भी यमुनानगर या जगाधरी के सरकारी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
इससे मरीजों का समय तो नष्ट होता ही है, साथ ही उन्हें बार-बार लंबी दूरी तय करने की भागदौड़ भी करनी पड़ती है। नई मशीनों के चालू होने से व्यासपुर, छछरौली और प्रतापनगर क्षेत्र के हजारों लोगों को अपने ही क्षेत्र में जांच की सुविधा मिल सकेगी। इससे न केवल मरीजों को त्वरित इलाज में मदद मिलेगी, बल्कि जिला नागरिक अस्पताल पर एक्सरे का बढ़ता बोझ भी कुछ हद तक कम होगा।
रेडियोग्राफर की कमी को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है और जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है। मुख्यालय स्तर पर मशीनें खरीदीं गई हैं। -जितेंद्र कुमार, सीएमओ, यमुनानगर।
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यमुनानगर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक अहम कदम उठाया है। विभाग ने व्यासपुर, छछरौली और प्रतापनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए नई एक्सरे मशीनें खरीदी हैं। इन मशीनों की खरीद के लिए मुख्यालय स्तर पर ही टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी और अब सप्लाई ऑर्डर जारी होते ही मशीनें जिले में पहुंच जाएंगी।
मशीनों के आने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन आधुनिक मशीनों को चलाएगा कौन? स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्तमान में केवल दो ही रेडियोग्राफर कार्यरत हैं।
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ऐसे में तीन नए केंद्रों पर एक्सरे मशीनें लगने के बावजूद नियमित संचालन एक चुनौती बनकर सामने आ रहा है। इस समस्या का सबसे बड़ा उदाहरण सरस्वतीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, जहां करीब तीन साल पहले एक्सरे मशीन खरीदी गई थी। रेडियोग्राफर की नियुक्ति न होने के कारण यह मशीन आज तक चालू नहीं हो पाई। हालत यह है कि पैक्ड पड़ी इस मशीन की गारंटी अवधि भी समाप्त हो चुकी है।
अब मशीन के चालू होने पर अतिरिक्त खर्च आने की आशंका जताई जा रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग का सवाल भी खड़ा हो रहा है। दूसरी ओर विभाग का मानना है कि यदि स्टाफ की व्यवस्था समय रहते कर ली जाए तो नई मशीनें ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में मील का पत्थर साबित होंगी। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को मामूली एक्सरे जांच के लिए भी यमुनानगर या जगाधरी के सरकारी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
इससे मरीजों का समय तो नष्ट होता ही है, साथ ही उन्हें बार-बार लंबी दूरी तय करने की भागदौड़ भी करनी पड़ती है। नई मशीनों के चालू होने से व्यासपुर, छछरौली और प्रतापनगर क्षेत्र के हजारों लोगों को अपने ही क्षेत्र में जांच की सुविधा मिल सकेगी। इससे न केवल मरीजों को त्वरित इलाज में मदद मिलेगी, बल्कि जिला नागरिक अस्पताल पर एक्सरे का बढ़ता बोझ भी कुछ हद तक कम होगा।
रेडियोग्राफर की कमी को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है और जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है। मुख्यालय स्तर पर मशीनें खरीदीं गई हैं। -जितेंद्र कुमार, सीएमओ, यमुनानगर।
