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Bilaspur News: एम्स बिलासपुर में 2.02 करोड़ की लागत से बनेगी अत्याधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 15 Feb 2026 11:35 PM IST
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1533 विषयों की नई किताबों से सुसज्जित होगा संस्थान
छात्रों और शोधार्थियों के लिए खुलेगा ज्ञान का द्वार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर ने अपने शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी योजना तैयार की है। संस्थान की सेंट्रल लाइब्रेरी को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रशासन ने दो करोड़ दो लाख से अधिक)का बजट आवंटित किया है। इस भारी-भरकम राशि से संस्थान के लिए 1533 विभिन्न श्रेणियों की चिकित्सा पुस्तकें खरीदी जा रही हैं।
एम्स बिलासपुर के इस निर्णय से यहां शिक्षा ले रहे एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों के साथ-साथ रेजिडेंट डॉक्टरों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब तक कई उच्च स्तरीय संदर्भ पुस्तकों के लिए छात्रों को बाहरी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के लेखकों की पुस्तकें लाइब्रेरी में ही उपलब्ध होंगी। विशेष रूप से शोध करने वाले डॉक्टरों के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा। संस्थान ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए ई-निविदा जारी कर दी है। टेंडर की शर्तों के अनुसार, जिस भी कंपनी या प्रकाशक को यह कार्य सौंपा जाएगा, उसे वर्क ऑर्डर मिलने के महज 45 दिनों के भीतर सभी किताबों की आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी। इसका उद्देश्य नए शैक्षणिक सत्र से पहले लाइब्रेरी को पूरी तरह तैयार करना है। एक साथ 1533 श्रेणियों की किताबों का आना लाइब्रेरी के मौजूदा स्वरूप को पूरी तरह बदल देगा। कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और रेडियोलॉजी जैसे जटिल विषयों पर नवीनतम शोध सामग्री और पुस्तकें उपलब्ध होंगी। किताबों के साथ-साथ इनके डिजिटल संस्करणों पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि छात्र कहीं से भी पढ़ाई कर सकें। एम्स बिलासपुर प्रबंधन के अनुसार, संस्थान केवल मरीजों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि देश को बेहतरीन डॉक्टर देना भी हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। एक समृद्ध लाइब्रेरी मेडिकल शिक्षा की रीढ़ होती है। दो करोड़ से अधिक का यह निवेश भविष्य के डॉक्टरों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और शोध की सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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छात्रों और शोधार्थियों के लिए खुलेगा ज्ञान का द्वार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर ने अपने शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी योजना तैयार की है। संस्थान की सेंट्रल लाइब्रेरी को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रशासन ने दो करोड़ दो लाख से अधिक)का बजट आवंटित किया है। इस भारी-भरकम राशि से संस्थान के लिए 1533 विभिन्न श्रेणियों की चिकित्सा पुस्तकें खरीदी जा रही हैं।
एम्स बिलासपुर के इस निर्णय से यहां शिक्षा ले रहे एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों के साथ-साथ रेजिडेंट डॉक्टरों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब तक कई उच्च स्तरीय संदर्भ पुस्तकों के लिए छात्रों को बाहरी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के लेखकों की पुस्तकें लाइब्रेरी में ही उपलब्ध होंगी। विशेष रूप से शोध करने वाले डॉक्टरों के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा। संस्थान ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए ई-निविदा जारी कर दी है। टेंडर की शर्तों के अनुसार, जिस भी कंपनी या प्रकाशक को यह कार्य सौंपा जाएगा, उसे वर्क ऑर्डर मिलने के महज 45 दिनों के भीतर सभी किताबों की आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी। इसका उद्देश्य नए शैक्षणिक सत्र से पहले लाइब्रेरी को पूरी तरह तैयार करना है। एक साथ 1533 श्रेणियों की किताबों का आना लाइब्रेरी के मौजूदा स्वरूप को पूरी तरह बदल देगा। कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और रेडियोलॉजी जैसे जटिल विषयों पर नवीनतम शोध सामग्री और पुस्तकें उपलब्ध होंगी। किताबों के साथ-साथ इनके डिजिटल संस्करणों पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि छात्र कहीं से भी पढ़ाई कर सकें। एम्स बिलासपुर प्रबंधन के अनुसार, संस्थान केवल मरीजों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि देश को बेहतरीन डॉक्टर देना भी हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। एक समृद्ध लाइब्रेरी मेडिकल शिक्षा की रीढ़ होती है। दो करोड़ से अधिक का यह निवेश भविष्य के डॉक्टरों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और शोध की सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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