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Bilaspur News: 400 ग्राम चरस मामले में आरोपी को मिली जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 20 Jun 2026 11:28 PM IST
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एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला के बरमाणा थाना में दर्ज 400 ग्राम चरस बरामदगी के मामले में विशेष न्यायाधीश-2 बिलासपुर की अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती के आधार पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार 4 जून 2026 को बरमाणा पुलिस की गश्ती टीम ने अलसू पुल के समीप एक व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में सड़क किनारे बैठे देखा। पुलिस के अनुसार, पुलिस वाहन को देखकर उक्त व्यक्ति ने अपने पास रखा एक गोलाकार पैकेट सड़क किनारे ढलान की ओर फेंक दिया। पुलिस ने स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में फेंके गए पैकेट की तलाशी ली। पैकेट के भीतर सेलो टेप से लिपटा एक बैग मिला, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और आरोपी से किसी प्रकार की आगे की पूछताछ या बरामदगी शेष नहीं है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और रिहा होने पर वह दोबारा ऐसे अपराध में शामिल हो सकता है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि बरामद चरस की मात्रा वाणिज्यिक श्रेणी में नहीं आती, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 के कठोर प्रावधान इस मामले में लागू नहीं होते। साथ ही आरोपी के खिलाफ पूर्व में एनडीपीएस एक्ट का कोई मामला दर्ज नहीं है और जांच एजेंसी ने भी आगे की हिरासत की आवश्यकता नहीं बताई है। अदालत ने आरोपी को यह शर्तें लगाते हुए जमानत दी कि वह सुनवाई के दौरान नियमित रूप से अदालत में उपस्थित होगा, किसी भी गवाह को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगा, समान अपराध में दोबारा शामिल नहीं होगा तथा न्यायालय की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में पुलिस जमानत रद्द करवाने के लिए आवेदन कर सकती है।
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बिलासपुर। जिला के बरमाणा थाना में दर्ज 400 ग्राम चरस बरामदगी के मामले में विशेष न्यायाधीश-2 बिलासपुर की अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती के आधार पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार 4 जून 2026 को बरमाणा पुलिस की गश्ती टीम ने अलसू पुल के समीप एक व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में सड़क किनारे बैठे देखा। पुलिस के अनुसार, पुलिस वाहन को देखकर उक्त व्यक्ति ने अपने पास रखा एक गोलाकार पैकेट सड़क किनारे ढलान की ओर फेंक दिया। पुलिस ने स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में फेंके गए पैकेट की तलाशी ली। पैकेट के भीतर सेलो टेप से लिपटा एक बैग मिला, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और आरोपी से किसी प्रकार की आगे की पूछताछ या बरामदगी शेष नहीं है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं और रिहा होने पर वह दोबारा ऐसे अपराध में शामिल हो सकता है।
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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि बरामद चरस की मात्रा वाणिज्यिक श्रेणी में नहीं आती, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 के कठोर प्रावधान इस मामले में लागू नहीं होते। साथ ही आरोपी के खिलाफ पूर्व में एनडीपीएस एक्ट का कोई मामला दर्ज नहीं है और जांच एजेंसी ने भी आगे की हिरासत की आवश्यकता नहीं बताई है। अदालत ने आरोपी को यह शर्तें लगाते हुए जमानत दी कि वह सुनवाई के दौरान नियमित रूप से अदालत में उपस्थित होगा, किसी भी गवाह को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगा, समान अपराध में दोबारा शामिल नहीं होगा तथा न्यायालय की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में पुलिस जमानत रद्द करवाने के लिए आवेदन कर सकती है।