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Bilaspur News: बुझ गया घर का चिराग, बिखर गए परिवार के सपने
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:40 PM IST
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17 वर्षीय छात्र अरमान की डूबने से मौत के बाद परिवार सदमे में रो-रोकर बुरा हाल
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। ननावां पंचायत के पास बहने वाली भराड़ी स्थित मणि खड्ड में 17 वर्षीय छात्र अरमान की डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे से पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया है। अरमान की असमय मौत ने उसके आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सपनों को तोड़कर रख दिया।
अरमान एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंध रखता था। परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं कि वह पढ़-लिखकर परिवार का सहारा बनेगा। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उसकी असमय मौत से माता-पिता और दादा-दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली छोटी बहन को भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उसका भाई अब इस दुनिया में नहीं है। अरमान की मौत ने जिले में खड्डों और जलस्रोतों में लगातार हो रहे हादसों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले सीर खड्ड में दो छात्रों की मौत हो चुकी है। कसोहल पुल के समीप भी एक आईटीआई प्रशिक्षु की जान जा चुकी है। बीते वर्षों में भी ऐसे कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई परिवार अपने प्रियजनों को खो चुके हैं।
सुरक्षा इंतजामों का अभाव
लोगों का कहना है कि खतरनाक स्थलों पर चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा रेलिंग और निगरानी जैसी व्यवस्थाओं का अभाव है। गर्मियों के दौरान बड़ी संख्या में युवा और बच्चे खड्डों की ओर रुख करते हैं। लेकिन सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं होते हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसे स्थानों को चिह्नित कर प्रभावी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। यह सुरक्षा चूक लगातार हादसों का कारण बन रही है।
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आर्थिक सहायता की मांग
स्कूल प्रबंधन समिति प्रधान शीतल ठाकुर ने प्रशासन से मृतक के गरीब परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। क्षेत्र के अन्य लोगों ने भी इस मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि इस दुख की घड़ी में परिवार को सरकारी सहयोग की सख्त जरूरत है। अरमान का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था और उस पर निर्भर था। सरकारी मदद से परिवार को कुछ राहत मिल सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। ननावां पंचायत के पास बहने वाली भराड़ी स्थित मणि खड्ड में 17 वर्षीय छात्र अरमान की डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे से पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया है। अरमान की असमय मौत ने उसके आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सपनों को तोड़कर रख दिया।
अरमान एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंध रखता था। परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं कि वह पढ़-लिखकर परिवार का सहारा बनेगा। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उसकी असमय मौत से माता-पिता और दादा-दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली छोटी बहन को भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उसका भाई अब इस दुनिया में नहीं है। अरमान की मौत ने जिले में खड्डों और जलस्रोतों में लगातार हो रहे हादसों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले सीर खड्ड में दो छात्रों की मौत हो चुकी है। कसोहल पुल के समीप भी एक आईटीआई प्रशिक्षु की जान जा चुकी है। बीते वर्षों में भी ऐसे कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई परिवार अपने प्रियजनों को खो चुके हैं।
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सुरक्षा इंतजामों का अभाव
लोगों का कहना है कि खतरनाक स्थलों पर चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा रेलिंग और निगरानी जैसी व्यवस्थाओं का अभाव है। गर्मियों के दौरान बड़ी संख्या में युवा और बच्चे खड्डों की ओर रुख करते हैं। लेकिन सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं होते हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसे स्थानों को चिह्नित कर प्रभावी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। यह सुरक्षा चूक लगातार हादसों का कारण बन रही है।
आर्थिक सहायता की मांग
स्कूल प्रबंधन समिति प्रधान शीतल ठाकुर ने प्रशासन से मृतक के गरीब परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। क्षेत्र के अन्य लोगों ने भी इस मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि इस दुख की घड़ी में परिवार को सरकारी सहयोग की सख्त जरूरत है। अरमान का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था और उस पर निर्भर था। सरकारी मदद से परिवार को कुछ राहत मिल सकती है।