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Bilaspur News: पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:38 PM IST
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चिकित्सा बिलों के भुगतान में देरी पर विभागों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पेंशन वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश जिला बिलासपुर ने पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के जिला प्रधान चेत राम वर्मा, जिला महामंत्री सुशील पुंडीर सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान में कहा कि 13 मई 2026 को शिमला में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पेंशनरों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 15 दिनों के भीतर लंबित चिकित्सा बिलों के भुगतान का आश्वासन दिया था, जिसके बाद कई विभागों में बजट आना शुरू हो गया है। लेकिन कुछ विभागाध्यक्षों की ओर से अभी तक चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए बजट की मांग तक नहीं भेजी गई है। इससे पेंशनरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित कई विभागों ने अभी तक लंबित बिलों की जानकारी एकत्रित कर वित्त विभाग को नहीं भेजी है, जिस कारण बजट आवंटन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। जिला प्रधान चेत राम वर्मा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनदेखी करने वाले विभागाध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि सरकार की कार्यप्रणाली पर गलत प्रभाव न पड़े।
उन्होंने कहा कि कुछ विभागों को बजट उपलब्ध करवाया जा चुका है, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी बिलों के भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। विभाग स्टाफ की कमी और रिक्त पदों का हवाला देकर देरी कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि रिक्त पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरा जाए, ताकि विभागों का काम सुचारू रूप से चल सके।
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एसोसिएशन ने यह भी मांग उठाई कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को उनकी देनदारियों का 40 प्रतिशत नहीं बल्कि लंबित एरियर का एकमुश्त भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को इंतजार करते हुए कई वर्ष बीत चुके हैं और महंगाई भत्ते की किस्तें लंबित होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
चेत राम वर्मा ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना संशोधित वेतनमान, महंगाई भत्ते की किस्तों और एरियर का भुगतान करने वाली सरकार को ही कर्मचारी और पेंशनर समर्थन देंगे।
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पेंशन वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश जिला बिलासपुर ने पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के जिला प्रधान चेत राम वर्मा, जिला महामंत्री सुशील पुंडीर सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान में कहा कि 13 मई 2026 को शिमला में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पेंशनरों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 15 दिनों के भीतर लंबित चिकित्सा बिलों के भुगतान का आश्वासन दिया था, जिसके बाद कई विभागों में बजट आना शुरू हो गया है। लेकिन कुछ विभागाध्यक्षों की ओर से अभी तक चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए बजट की मांग तक नहीं भेजी गई है। इससे पेंशनरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित कई विभागों ने अभी तक लंबित बिलों की जानकारी एकत्रित कर वित्त विभाग को नहीं भेजी है, जिस कारण बजट आवंटन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। जिला प्रधान चेत राम वर्मा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनदेखी करने वाले विभागाध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि सरकार की कार्यप्रणाली पर गलत प्रभाव न पड़े।
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उन्होंने कहा कि कुछ विभागों को बजट उपलब्ध करवाया जा चुका है, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी बिलों के भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। विभाग स्टाफ की कमी और रिक्त पदों का हवाला देकर देरी कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि रिक्त पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरा जाए, ताकि विभागों का काम सुचारू रूप से चल सके।
एसोसिएशन ने यह भी मांग उठाई कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को उनकी देनदारियों का 40 प्रतिशत नहीं बल्कि लंबित एरियर का एकमुश्त भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को इंतजार करते हुए कई वर्ष बीत चुके हैं और महंगाई भत्ते की किस्तें लंबित होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
चेत राम वर्मा ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना संशोधित वेतनमान, महंगाई भत्ते की किस्तों और एरियर का भुगतान करने वाली सरकार को ही कर्मचारी और पेंशनर समर्थन देंगे।