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Bilaspur News: जिले में 1,240 अभ्यर्थियों ने दी नीट की परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:59 PM IST
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बिलासपुर में नीट यूजी परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी अपना रोल नंबर देखते हुए। संवाद
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पांच केंद्रों पर हुई परीक्षा, 113 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित
सीसीटीवी और पुलिस की पहरेदारी में हुई परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। चिकित्सा संस्थानों में मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से नीट की परीक्षा रविवार को सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई। परीक्षा के लिए जिले में पांच केंद्र बनाए गए थे, जिनमें करीब 1,240 अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी। इसके लिए 1,353 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा में 113 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
परीक्षा पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर, कन्या पाठशाला बिलासपुर, पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक बाल पाठशाला घुमारवीं, कन्या पाठशाला घुमारवीं में और जेएनवी कोठीपुरा में हुई। परीक्षा में नकल को रोकने के लिए सभी केंद्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में सिर्फ एडमिट कार्ड, आधार कार्ड और दो फोटो ही ले जाने दिया गया। उन्हें पेन परीक्षा हॉल के अंदर ही उपलब्ध करवाए गए। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक हुई। दिव्यांग अभ्यर्थियों को एक घंटा अतिरिक्त दिया गया। उनकी परीक्षा 6:20 बजे खत्म हुई। परीक्षा देने के लिए बच्चे अभिभावकों के साथ सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। अभ्यर्थियों की परीक्षा केंद्र में सुबह 11 बजे से प्रवेश देना शुरू कर दिया गया था। अभ्यर्थियों की परीक्षा केंद्र में प्रवेश देने से पहले एक बार मेटल डिटेक्टर से और एक बार हाथ से जांच की गई। इस दौरान जूते और जेबें भी चेक की गई। अधिकतर अभ्यर्थी पहले से ही दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार आधी बाजू की शर्ट और चप्पल पहन कर ही आए थे। 1:30 बजे के बाद किसी को परीक्षा केंद्र में अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। अभ्यर्थियों को जानकारी देने के लिए परीक्षा केंद्रों में स्पीकर भी लगाए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर यातायात और अन्य सुविधा के लिए पुलिस के जवान भी तैनात किए गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्रों के आसपास संबंधित एसडीएम ने धारा 163 लागू की थी। सभी केंद्रों के आसपास परीक्षा खत्म होने तक किसी भी प्रकार के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक आयोजन, जुलूस, रैली, नारेबाजी एवं हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध था।
इनसेट
केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, परिवहन और अन्य सुविधाओं के बेहतर इंतजाम
अभिभावकों ने जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की सराहना करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, परिवहन और अन्य सुविधाओं के बेहतर इंतजाम किए गए हैं, जिससे छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। हालांकि अभिभावकों ने पिछले वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए मांग उठाई कि इस बार किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पेपर लीक जैसी घटना न हो। उनका कहना था कि लाखों विद्यार्थियों का भविष्य ऐसी परीक्षाओं से जुड़ा होता है, इसलिए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और गोपनीयता हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। अभिभावकों ने बताया कि इस बार एनटीए की ओर से परीक्षा केंद्र बदलने की अनुमति दी गई थी, जिससे बच्चों को राहत मिली।
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सीसीटीवी और पुलिस की पहरेदारी में हुई परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। चिकित्सा संस्थानों में मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से नीट की परीक्षा रविवार को सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई। परीक्षा के लिए जिले में पांच केंद्र बनाए गए थे, जिनमें करीब 1,240 अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी। इसके लिए 1,353 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा में 113 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
परीक्षा पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर, कन्या पाठशाला बिलासपुर, पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक बाल पाठशाला घुमारवीं, कन्या पाठशाला घुमारवीं में और जेएनवी कोठीपुरा में हुई। परीक्षा में नकल को रोकने के लिए सभी केंद्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में सिर्फ एडमिट कार्ड, आधार कार्ड और दो फोटो ही ले जाने दिया गया। उन्हें पेन परीक्षा हॉल के अंदर ही उपलब्ध करवाए गए। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक हुई। दिव्यांग अभ्यर्थियों को एक घंटा अतिरिक्त दिया गया। उनकी परीक्षा 6:20 बजे खत्म हुई। परीक्षा देने के लिए बच्चे अभिभावकों के साथ सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। अभ्यर्थियों की परीक्षा केंद्र में सुबह 11 बजे से प्रवेश देना शुरू कर दिया गया था। अभ्यर्थियों की परीक्षा केंद्र में प्रवेश देने से पहले एक बार मेटल डिटेक्टर से और एक बार हाथ से जांच की गई। इस दौरान जूते और जेबें भी चेक की गई। अधिकतर अभ्यर्थी पहले से ही दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार आधी बाजू की शर्ट और चप्पल पहन कर ही आए थे। 1:30 बजे के बाद किसी को परीक्षा केंद्र में अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। अभ्यर्थियों को जानकारी देने के लिए परीक्षा केंद्रों में स्पीकर भी लगाए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर यातायात और अन्य सुविधा के लिए पुलिस के जवान भी तैनात किए गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्रों के आसपास संबंधित एसडीएम ने धारा 163 लागू की थी। सभी केंद्रों के आसपास परीक्षा खत्म होने तक किसी भी प्रकार के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक आयोजन, जुलूस, रैली, नारेबाजी एवं हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध था।
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केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, परिवहन और अन्य सुविधाओं के बेहतर इंतजाम
अभिभावकों ने जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की सराहना करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, पेयजल, परिवहन और अन्य सुविधाओं के बेहतर इंतजाम किए गए हैं, जिससे छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। हालांकि अभिभावकों ने पिछले वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए मांग उठाई कि इस बार किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पेपर लीक जैसी घटना न हो। उनका कहना था कि लाखों विद्यार्थियों का भविष्य ऐसी परीक्षाओं से जुड़ा होता है, इसलिए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और गोपनीयता हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। अभिभावकों ने बताया कि इस बार एनटीए की ओर से परीक्षा केंद्र बदलने की अनुमति दी गई थी, जिससे बच्चों को राहत मिली।