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Bilaspur News: 949 ग्राम चरस बरामदगी मामले में आरोपी को जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 19 Apr 2026 11:57 PM IST
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अदालत ने कहा-मध्यम मात्रा होने से एनडीपीएस की सख्त धारा लागू नहीं
घुमारवीं विशेष न्यायालय ने सुनाया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। घुमारवीं थाना क्षेत्र में चरस बरामदगी के मामले में आरोपी को अदालत से जमानत मिल गई है। विशेष न्यायालय घुमारवीं ने मामले की सुनवाई के बाद यह राहत सख्त शर्तों के साथ प्रदान की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 फरवरी 2026 की रात पुलिस टीम गश्त के दौरान मलयावर लिंक रोड के पास वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक कार को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन के डैशबोर्ड से 949 ग्राम चरस बरामद की गई। इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही कार में सवार दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाने की बात कही। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए आशंका जताई कि आरोपी रिहा होने पर गवाहों को प्रभावित कर सकता है या फरार हो सकता है।
अदालत ने मामले के तथ्यों का अवलोकन करते हुए पाया कि बरामद चरस की मात्रा 949 ग्राम है, जो न तो छोटी श्रेणी में आती है और न ही वाणिज्यिक श्रेणी में। ऐसे में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 की कड़ी शर्तें इस मामले में लागू नहीं होतीं। साथ ही अदालत ने यह भी माना कि आरोपी से अब कोई और बरामदगी शेष नहीं है और जांच में उसकी आगे आवश्यकता नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल आशंका के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता, बल्कि इसे शर्तों के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है।
इन्हीं तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों पर रिहा करने के आदेश दिए। आरोपी को जांच में सहयोग करना अनिवार्य होगा, गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा, बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेगा, हर सुनवाई में अदालत में उपस्थित रहेगा। भविष्य में ऐसे किसी भी अपराध में शामिल नहीं होगा। हर महीने की 15 तारीख को संबंधित थाना में हाजिरी देगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन किया जाता है तो जमानत रद्द की जा सकती है।
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घुमारवीं विशेष न्यायालय ने सुनाया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। घुमारवीं थाना क्षेत्र में चरस बरामदगी के मामले में आरोपी को अदालत से जमानत मिल गई है। विशेष न्यायालय घुमारवीं ने मामले की सुनवाई के बाद यह राहत सख्त शर्तों के साथ प्रदान की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 फरवरी 2026 की रात पुलिस टीम गश्त के दौरान मलयावर लिंक रोड के पास वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक कार को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन के डैशबोर्ड से 949 ग्राम चरस बरामद की गई। इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही कार में सवार दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
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जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाने की बात कही। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए आशंका जताई कि आरोपी रिहा होने पर गवाहों को प्रभावित कर सकता है या फरार हो सकता है।
अदालत ने मामले के तथ्यों का अवलोकन करते हुए पाया कि बरामद चरस की मात्रा 949 ग्राम है, जो न तो छोटी श्रेणी में आती है और न ही वाणिज्यिक श्रेणी में। ऐसे में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 की कड़ी शर्तें इस मामले में लागू नहीं होतीं। साथ ही अदालत ने यह भी माना कि आरोपी से अब कोई और बरामदगी शेष नहीं है और जांच में उसकी आगे आवश्यकता नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल आशंका के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता, बल्कि इसे शर्तों के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है।
इन्हीं तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों पर रिहा करने के आदेश दिए। आरोपी को जांच में सहयोग करना अनिवार्य होगा, गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा, बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेगा, हर सुनवाई में अदालत में उपस्थित रहेगा। भविष्य में ऐसे किसी भी अपराध में शामिल नहीं होगा। हर महीने की 15 तारीख को संबंधित थाना में हाजिरी देगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन किया जाता है तो जमानत रद्द की जा सकती है।
