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Bilaspur News: होमगार्ड जवानों पर दुकान में घुसकर धमकाने का आरोप

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jan 2026 11:55 PM IST
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alligation to threaten shopkeeper
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सीसीटीवी में कैद हुई बहस, एसपी ने दिए जांच के आदेश
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तीन साल से बेतरतीब पार्किंग की कर रहे शिकायत, समाधान के बजाय मिली प्रताड़ना

संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। हमीरपुर और बिलासपुर जिले की सीमा पर स्थित लदरौर कस्बे में बदहाल यातायात व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना एक स्थानीय दुकानदार के लिए मुसीबत बन गया। व्यवस्था में सुधार की मांग करने वाले दुकानदार नरेंद्र शर्मा ने ड्यूटी पर तैनात कर्मियों पर प्रताड़ित करने और दुकान में घुसकर धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को हुई इस बहस की पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसे आधार बनाकर पीड़ित ने प्रदेश के उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी है।
लदरौर बाजार में व्यापार करने वाले नरेंद्र शर्मा का कहना है कि वे पिछले तीन वर्ष से प्रशासन को बाजार में हो रही बेतरतीब पार्किंग के बारे में अवगत करवा रहे हैं। नरेंद्र के अनुसार, बाजार से गुजरने वाले स्टेट हाईवे के दोनों ओर वाहन घंटों तक खड़े रहते हैं, जिससे न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि किसी बड़े हादसे का डर भी बना रहता है। आरोप है कि मौके पर तैनात कर्मियों की ओर सुधार करने के बजाय शिकायतकर्ता का नाम उजागर कर दिया जाता है, जिससे वाहन मालिक उल्टा दुकानदार से ही उलझने लगते हैं। ताजा घटनाक्रम के अनुसार शुक्रवार को जब नरेंद्र ने सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहनों की वीडियो बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी, तो लदरौर में तैनात होमगार्ड के दो जवान उनकी दुकान में पहुंच गए। सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए नरेंद्र ने बताया कि जवानों ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया और बहस की। जवानों ने सवाल उठाया कि वीडियो बनाकर ऊपर क्यों भेजते हैं। दुकानदार का आरोप है कि व्यवस्था को पटरी पर लाने के बजाय उन्हें ही चुप कराने की कोशिश की जा रही है। लदरौर कस्बा दो जिलों की सीमा पर बंटा हुआ है, जिसका फायदा उठाकर लोग नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिनके पास निजी पार्किंग की सुविधा है, वे भी गाड़ियां सड़क पर ही खड़ी करते हैं। जब इस बारे में शिकायत की जाती है, तो गोपनीय जानकारी बाहर लीक कर दी जाती है, जिससे शिकायतकर्ता खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
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कोट
शिकायतकर्ता के साथ इस तरह की बहस और व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। मामले की पूरी जानकारी ली जा रही है और संबंधित थाना प्रभारी को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। -संदीप धवल, पुलिस अधीक्षक
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