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Bilaspur News: जिले में बारिश के चलते रहा 15 घंटे रहा ब्लैकआउट
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सुबह 3 बजे गुल हुई बिजली, दिनभर लोग ठंड में हुए परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सर्दियों की पहली ही बारिश ने जिले में बिजली बोर्ड के दावों की पोल खोल दी। शुक्रवार को जिले का संपूर्ण विद्युत तंत्र इस कदर चरमरा गया कि शहरी व ग्रामीण इलाकों में करीब 15 घंटे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। सुबह 3 बजे शुरू हुआ ब्लैकआउट देर शाम तक जारी रहा, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। शुरुआत में लोगों ने इसे बारिश के कारण हुआ सामान्य फॉल्ट समझा, लेकिन समय बीतने के साथ यह संकट गहराता चला गया। दोपहर करीब 11 बजे महज आधे घंटे के लिए बिजली आई। इसके बाद देर शाम तक जिलेवासियों को अंधेरे में ही रहना पड़ा। बिजली आपूर्ति ठप होने का सीधा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा। बोरिंग और पंप न चलने से अधिकांश क्षेत्रों में पानी की सप्लाई पूरी तरह प्रभावित हो गई। ठंड के मौसम में महिलाओं और बुजुर्गों को दूरदराज के प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोना पड़ा। लंबे बिजली संकट से जिले की आर्थिक और शैक्षणिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ा। फोटोस्टेट, कंप्यूटर सेंटर, वेल्डिंग वर्कशॉप, रेफ्रिजरेशन से जुड़े कारोबार पूरी तरह ठप रहे। बीएएमएस सहित अन्य वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। बिजली न होने से छात्र परीक्षा की तैयारी नहीं कर सके। कई छात्रों को मोबाइल की टॉर्च और मोमबत्ती के सहारे पढ़ाई करनी पड़ी। बिजली बोर्ड के बैरी फीडर के कनिष्ठ अभियंता रवि ने बताया कि कांगू में लाइन में फॉल्ट आने से समस्या बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली बोर्ड की ओर से मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जाती है। जिले के कई फीडरों में आज भी 50 साल पुराने ट्रांसफॉर्मर और जर्जर तार के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। तकनीकी उन्नयन न होने के कारण पहली ही बारिश में पूरा सिस्टम धराशायी हो गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सर्दियों की पहली ही बारिश ने जिले में बिजली बोर्ड के दावों की पोल खोल दी। शुक्रवार को जिले का संपूर्ण विद्युत तंत्र इस कदर चरमरा गया कि शहरी व ग्रामीण इलाकों में करीब 15 घंटे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। सुबह 3 बजे शुरू हुआ ब्लैकआउट देर शाम तक जारी रहा, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। शुरुआत में लोगों ने इसे बारिश के कारण हुआ सामान्य फॉल्ट समझा, लेकिन समय बीतने के साथ यह संकट गहराता चला गया। दोपहर करीब 11 बजे महज आधे घंटे के लिए बिजली आई। इसके बाद देर शाम तक जिलेवासियों को अंधेरे में ही रहना पड़ा। बिजली आपूर्ति ठप होने का सीधा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा। बोरिंग और पंप न चलने से अधिकांश क्षेत्रों में पानी की सप्लाई पूरी तरह प्रभावित हो गई। ठंड के मौसम में महिलाओं और बुजुर्गों को दूरदराज के प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोना पड़ा। लंबे बिजली संकट से जिले की आर्थिक और शैक्षणिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ा। फोटोस्टेट, कंप्यूटर सेंटर, वेल्डिंग वर्कशॉप, रेफ्रिजरेशन से जुड़े कारोबार पूरी तरह ठप रहे। बीएएमएस सहित अन्य वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। बिजली न होने से छात्र परीक्षा की तैयारी नहीं कर सके। कई छात्रों को मोबाइल की टॉर्च और मोमबत्ती के सहारे पढ़ाई करनी पड़ी। बिजली बोर्ड के बैरी फीडर के कनिष्ठ अभियंता रवि ने बताया कि कांगू में लाइन में फॉल्ट आने से समस्या बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली बोर्ड की ओर से मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जाती है। जिले के कई फीडरों में आज भी 50 साल पुराने ट्रांसफॉर्मर और जर्जर तार के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। तकनीकी उन्नयन न होने के कारण पहली ही बारिश में पूरा सिस्टम धराशायी हो गया।
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