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सिम्स में मिला नया जीवन: रहस्यमयी बुखार से जूझ रही युवती, एक साल से परेशान; ब्रांकोस्कोपी से बीमारी का पता चला

अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 16 Jun 2026 06:37 PM IST
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सार

बिलासपुर में एक युवती एक साल से बुखार से जूझ रही थी। आखिकार सिम्स में इलाज चलने के बाद उसी छुट्टी मिल गई। ब्रांकोस्कोपी जांच में पहली बार टीबी का कारण सामने आया। सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि टीबी आज भी देश में एक महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य चुनौती है। 

Bronchoscopy at SIMS Reveals Cause of Mysterious Fever and Young Woman Receives Correct TB Treatment
युवती को सिम्स से मिली छुट्टी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

लगभग एक वर्ष से रहस्यमयी बुखार, कमजोरी और रात में पसीना आने जैसी समस्याओं से जूझ रही एक युवती को सिम्स अस्पताल में राहत मिली है। कई निजी और जिला अस्पतालों में बीमारी का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। सिम्स के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में उन्नत ब्रांकोस्कोपी जांच से बीमारी की वास्तविक वजह सामने आई।

 

एक साल से युवती को था बुखार
गोंडपारा निवासी 24 वर्षीय युवती बीती 12 जून को सिम्स की ओपीडी में पहुंची थी। प्रतीक कुमार के निर्देशन में अनिल कुमार डनसेना और टीम ने जांच की। प्रारंभिक परीक्षण में युवती ने एक वर्ष से बुखार, कमजोरी और पसीना आने की शिकायत बताई। एक्सरे और सीटी स्कैन में निमोनिया के लक्षण दिखे, पर बलगम जांच निगेटिव आई। 

ब्रांकोस्कोपी के बाद शुरू हुआ सही इलाज
विशेषज्ञों ने ब्रांकोस्कोपी का निर्णय लिया। इस दूरबीन आधारित जांच से फेफड़ों के प्रभावित हिस्सों की गहन जांच हुई। वहां से नमूने लेकर सीबीनाट जांच हेतु भेजे गए। जांच रिपोर्ट में तपेदिक की पुष्टि हुई। सही पहचान के बाद तत्काल उपचार शुरू हुआ और युवती को अस्पताल से छुट्टी मिल गई।

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टीबी की पहचान में उन्नत तकनीक
सिम्स के अधिष्ठाता रमणेश मूर्ति ने बताया कि टीबी आज भी एक महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य चुनौती है। यह बीमारी कई बार सामान्य लक्षणों और रहस्यमयी बुखार के रूप में सामने आती है। प्रारंभिक जांचों में अक्सर यह पकड़ में नहीं आती है। ऐसे मामलों में ब्रांकोस्कोपी और सीबीनाट जैसी उन्नत जांच तकनीकें रोग की पहचान में अत्यंत उपयोगी होती हैं। समय पर सही निदान से मरीजों को गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकता है।

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लक्षणों को गंभीरता से लें
चिकित्सा अधीक्षक लखन सिंह ने लोगों को महत्वपूर्ण सलाह दी है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बुखार, कमजोरी, वजन घटना या लगातार खांसी को हल्के में न लें। रात में पसीना आना भी गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण टीबी सहित कई गंभीर बीमारियों के संकेत हो सकते हैं। समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श और जांच कराने से शीघ्र निदान और सफल उपचार संभव है।

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