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Bilaspur News: उद्यमियों को एआई, उद्योग तकनीकें बताईं
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ग्वालथाई में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मौजूद उद्यमी व अधिकारी। स्रोत: डीपीआरओ
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औद्योगिक क्षेत्र ग्वालथाई में स्मार्ट एमएसएमई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
उद्योग विभाग की योजनाओं, प्रोत्साहन कार्यक्रमों की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। औद्योगिक क्षेत्र ग्वालथाई में स्मार्ट एमएसएमई कार्यक्रम के तहत जागरूकता एवं क्षमता संवर्धन सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को डिजिटल रूपांतरण, उद्योग 4.0, एआई और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मनोज कुमार ने की। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी दौर में एमएसएमई इकाइयों के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता बन गया है। उन्होंने उद्यमियों से केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं और तकनीकी उन्नयन कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विस्तार अधिकारी चेतन ने उद्योग विभाग की योजनाओं, प्रोत्साहन कार्यक्रमों और सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने औद्योगिक विकास में विभाग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उद्यमियों को उपलब्ध सहायता और अवसरों से अवगत कराया।
कार्यक्रम में डिजिटल रूपांतरण विशेषज्ञ तुषार सैनी ने उद्योग 4.0, स्वचालन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), स्मार्ट विनिर्माण और डिजिटल तकनीकों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल तकनीकों को अपनाकर एमएसएमई इकाइयां अपनी उत्पादकता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती हैं। वहीं, एआई विशेषज्ञ शिवम जसवाल ने औद्योगिक क्षेत्र में एआई की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एआई आधारित समाधान व्यावसायिक निर्णयों को बेहतर बनाने, कार्यकुशलता बढ़ाने और उत्पादन प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम में ग्वालथाई औद्योगिक क्षेत्र की विभिन्न एमएसएमई इकाइयों से 35 से अधिक उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने डिजिटल परिवर्तन और आधुनिक तकनीकों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की और कार्यक्रम को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।
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उद्योग विभाग की योजनाओं, प्रोत्साहन कार्यक्रमों की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। औद्योगिक क्षेत्र ग्वालथाई में स्मार्ट एमएसएमई कार्यक्रम के तहत जागरूकता एवं क्षमता संवर्धन सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को डिजिटल रूपांतरण, उद्योग 4.0, एआई और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मनोज कुमार ने की। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी दौर में एमएसएमई इकाइयों के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता बन गया है। उन्होंने उद्यमियों से केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं और तकनीकी उन्नयन कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विस्तार अधिकारी चेतन ने उद्योग विभाग की योजनाओं, प्रोत्साहन कार्यक्रमों और सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने औद्योगिक विकास में विभाग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उद्यमियों को उपलब्ध सहायता और अवसरों से अवगत कराया।
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कार्यक्रम में डिजिटल रूपांतरण विशेषज्ञ तुषार सैनी ने उद्योग 4.0, स्वचालन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), स्मार्ट विनिर्माण और डिजिटल तकनीकों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल तकनीकों को अपनाकर एमएसएमई इकाइयां अपनी उत्पादकता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती हैं। वहीं, एआई विशेषज्ञ शिवम जसवाल ने औद्योगिक क्षेत्र में एआई की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एआई आधारित समाधान व्यावसायिक निर्णयों को बेहतर बनाने, कार्यकुशलता बढ़ाने और उत्पादन प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम में ग्वालथाई औद्योगिक क्षेत्र की विभिन्न एमएसएमई इकाइयों से 35 से अधिक उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने डिजिटल परिवर्तन और आधुनिक तकनीकों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की और कार्यक्रम को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।