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Bilaspur News: कल्लर के जंगल में छोड़े जा रहे बैल, ग्रामीणों में रोष
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ग्राम पंचायत कोटलू ब्राह्मणा के गांव कल्लर छोड़े गए लावारिस पशु। स्रोत: जागरूक पाठक
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कल्लर के जंगल में छोड़े जा रहे बैल, ग्रामीणों में रोष
दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं(बिलासपुर)। विकासखंड घुमारवीं की कोटलू ब्राह्मणा पंचायत के कल्लर क्षेत्र में बेसहारा पशुओं की समस्या फिर गंभीर हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी कुछ लोगों ने चार बैलों को जंगल में छोड़ दिया है। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं को इस तरह जंगल में छोड़ना न केवल पशु क्रूरता है, बल्कि इससे किसानों और आम लोगों की परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। जंगल में छोड़े गए पशु भोजन और पानी की तलाश में खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंच जाते हैं, जिससे फसलों को नुकसान होता है। वहीं, सड़कों पर अचानक पशुओं के आ जाने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
नवदीप, राजन, अमन, बुद्धि सिंह, कमल, प्रकाश, देवीराम सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते ऐसे लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो समस्या और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग, ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन से जंगल में पशु छोड़ने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
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दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं(बिलासपुर)। विकासखंड घुमारवीं की कोटलू ब्राह्मणा पंचायत के कल्लर क्षेत्र में बेसहारा पशुओं की समस्या फिर गंभीर हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी कुछ लोगों ने चार बैलों को जंगल में छोड़ दिया है। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं को इस तरह जंगल में छोड़ना न केवल पशु क्रूरता है, बल्कि इससे किसानों और आम लोगों की परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। जंगल में छोड़े गए पशु भोजन और पानी की तलाश में खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंच जाते हैं, जिससे फसलों को नुकसान होता है। वहीं, सड़कों पर अचानक पशुओं के आ जाने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
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नवदीप, राजन, अमन, बुद्धि सिंह, कमल, प्रकाश, देवीराम सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते ऐसे लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो समस्या और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग, ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन से जंगल में पशु छोड़ने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
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