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Bilaspur News: घुमारवीं में स्थायी टैक्सी स्टैंड की मांग फिर हुई तेज
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 04 Feb 2026 11:59 PM IST
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टैक्सी ऑपरेटर यूनियन ने मंत्री राजेश धर्माणी से लगाई गुहार
यूनियन में संचालित हैं 100 से अधिक टैक्सियां
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर) नगर परिषद घुमारवीं क्षेत्र के अंतर्गत शहर में कार्यरत टैक्सी ऑपरेटरों ने एक बार फिर अपने लिए स्थायी टैक्सी स्टैंड की मांग को जोर-शोर से उठाया है। शिवा टैक्सी यूनियन घुमारवीं के प्रधान सुरेश शर्मा की अगुवाई में यूनियन के पदाधिकारियों ने तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी से मुलाकात कर अपनी वर्षों पुरानी समस्या उनके समक्ष रखी और शीघ्र समाधान की मांग की।
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि वे पिछले करीब दो दशकों से स्थायी टैक्सी स्टैंड की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी इस जायज मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। वर्तमान समय में यूनियन के अधीन 100 से अधिक टैक्सियां शहर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित हैं, लेकिन इनके लिए कोई निर्धारित टैक्सी स्टैंड या साइड पार्किंग उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में टैक्सी चालकों को अपनी गाड़ियां सड़क किनारे खड़ी करनी पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी करने के कारण उन्हें स्थानीय दुकानदारों के साथ अक्सर नोंकझोंक का सामना करना पड़ता है, क्योंकि दुकानदार अपनी दुकानों के सामने टैक्सियां खड़ी करने की अनुमति नहीं देते। इसके चलते कई चालकों को अपनी टैक्सियां घरों में ही खड़ी करनी पड़ती हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। यूनियन का कहना है कि वे समय पर सरकार को पूरा टैक्स अदा करते हैं, इसके बावजूद उनके लिए कोई बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है। एक ओर सड़क पर टैक्सियां खड़ी करने को लेकर यातायात बाधित होने और जाम की बात कहकर चालान किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। प्रधान सुरेश शर्मा ने बताया कि टैक्सी स्टैंड की मांग को लेकर यूनियन पूर्व में भूख हड़ताल तक कर चुकी है। करीब दस वर्ष पहले जब भूख हड़ताल की गई थी, तब प्रशासन द्वारा आश्वासन दिया गया था कि शीघ्र ही स्थायी टैक्सी स्टैंड का निर्माण किया जाएगा, लेकिन एक दशक बीत जाने के बाद भी यह आश्वासन धरातल पर नहीं उतर सका।
यूनियन ने तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के समक्ष यह मांग भी रखी कि सरकार द्वारा बस स्टैंड एग्जिट रोड के निकासी द्वार पर दोनों पुलों के बीच प्रस्तावित पार्किंग का निर्माण होने पर उसे स्थायी टैक्सी स्टैंड के रूप में टैक्सी यूनियन को समर्पित किया जाए। प्रधान ने बताया कि मंत्री राजेश धर्माणी ने यूनियन की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि जैसे ही उक्त पार्किंग का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, उसे टैक्सी स्टैंड के रूप में टैक्सी ऑपरेटरों को समर्पित किया जाएगा।
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यूनियन में संचालित हैं 100 से अधिक टैक्सियां
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर) नगर परिषद घुमारवीं क्षेत्र के अंतर्गत शहर में कार्यरत टैक्सी ऑपरेटरों ने एक बार फिर अपने लिए स्थायी टैक्सी स्टैंड की मांग को जोर-शोर से उठाया है। शिवा टैक्सी यूनियन घुमारवीं के प्रधान सुरेश शर्मा की अगुवाई में यूनियन के पदाधिकारियों ने तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी से मुलाकात कर अपनी वर्षों पुरानी समस्या उनके समक्ष रखी और शीघ्र समाधान की मांग की।
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि वे पिछले करीब दो दशकों से स्थायी टैक्सी स्टैंड की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी इस जायज मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। वर्तमान समय में यूनियन के अधीन 100 से अधिक टैक्सियां शहर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित हैं, लेकिन इनके लिए कोई निर्धारित टैक्सी स्टैंड या साइड पार्किंग उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में टैक्सी चालकों को अपनी गाड़ियां सड़क किनारे खड़ी करनी पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी करने के कारण उन्हें स्थानीय दुकानदारों के साथ अक्सर नोंकझोंक का सामना करना पड़ता है, क्योंकि दुकानदार अपनी दुकानों के सामने टैक्सियां खड़ी करने की अनुमति नहीं देते। इसके चलते कई चालकों को अपनी टैक्सियां घरों में ही खड़ी करनी पड़ती हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। यूनियन का कहना है कि वे समय पर सरकार को पूरा टैक्स अदा करते हैं, इसके बावजूद उनके लिए कोई बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है। एक ओर सड़क पर टैक्सियां खड़ी करने को लेकर यातायात बाधित होने और जाम की बात कहकर चालान किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। प्रधान सुरेश शर्मा ने बताया कि टैक्सी स्टैंड की मांग को लेकर यूनियन पूर्व में भूख हड़ताल तक कर चुकी है। करीब दस वर्ष पहले जब भूख हड़ताल की गई थी, तब प्रशासन द्वारा आश्वासन दिया गया था कि शीघ्र ही स्थायी टैक्सी स्टैंड का निर्माण किया जाएगा, लेकिन एक दशक बीत जाने के बाद भी यह आश्वासन धरातल पर नहीं उतर सका।
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यूनियन ने तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के समक्ष यह मांग भी रखी कि सरकार द्वारा बस स्टैंड एग्जिट रोड के निकासी द्वार पर दोनों पुलों के बीच प्रस्तावित पार्किंग का निर्माण होने पर उसे स्थायी टैक्सी स्टैंड के रूप में टैक्सी यूनियन को समर्पित किया जाए। प्रधान ने बताया कि मंत्री राजेश धर्माणी ने यूनियन की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि जैसे ही उक्त पार्किंग का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, उसे टैक्सी स्टैंड के रूप में टैक्सी ऑपरेटरों को समर्पित किया जाएगा।
