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Bilaspur News: एम्स बिलासपुर के डॉक्टर दीपेश को दिल्ली में मिला प्रथम पुरस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 27 Apr 2026 11:50 PM IST
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न्यूरो इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी में संस्थान का नाम किया रोशन
कैरोटिड आर्टरी स्टेंटिंग पर दी प्रस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर के रेडियोलॉजी विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के रेडियोलॉजी विभाग के द्वितीय वर्ष के पीजी रेजिडेंट डॉ. दीपेश प्रसाद ने नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी सीएमई में ई-पोस्टर श्रेणी में प्रथम पुरस्कार हासिल किया है।
यह कार्यक्रम इंडियन सोसाइटी ऑफ वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के दिल्ली-एनसीआर स्टेट चैप्टर की ओर से 25-26 अप्रैल को हुआ था। डॉ. दीपेश प्रसाद ने अपना ई-पोस्टर सेफगार्डिंग द ब्रेन: अर्ली एक्सपीरियंस विद एम्बोलिक प्रोटेक्शन डिवाइस इन कैरोटिड आर्टरी स्टेंटिंग विषय पर प्रस्तुत किया। उनके इस शोध में उत्तरी हिमालयी क्षेत्र में कैरोटिड आर्टरी स्टेंटिंग के दौरान एम्बोलिक प्रोटेक्शन डिवाइस के उपयोग और उससे मरीजों की सुरक्षा में होने वाले सुधारों पर प्रकाश डाला गया। इसके अलावा उन्होंने पेरिफेरल आर्टिरीज और एंडोवैस्कुलर रिपेयर जैसे जटिल विषयों पर भी शोध पत्र प्रस्तुत किए।
अनुभवी विशेषज्ञों का मिला मार्गदर्शन डॉ. दीपेश ने यह उपलब्धि रेडियोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रेशम सिंह के मार्गदर्शन में हासिल की। डॉ. सिंह ने इस आयोजन में वैरिकोज वेन्स'' के आधुनिक उपचार पर अपना व्याख्यान भी दिया। विभाग की इस सफलता पर विभागाध्यक्ष डॉ. नरवीर सिंह चौहान, डॉ. लोकेश राणा, डॉ. वरुण बंसल और डॉ. शिखा भाटिया ने प्रसन्नता व्यक्त की है। एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह ने इस उपलब्धि पर टीम को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर उन्नत इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिकल साइंस के केंद्र के रूप में उभर रहा है। संस्थान में वर्तमान में इलेक्टिव न्यूरो वैस्कुलर सेवाएं दी जा रही हैं और जल्द ही आपातकालीन न्यूरो वैस्कुलर और बॉडी वैस्कुलर इंटरवेंशन सेवाएं भी शुरू की जाएंगी। इससे हिमाचल प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के मरीजों को गंभीर स्थितियों में समय पर और आधुनिक विश्व स्तरीय उपचार मिल सकेगा।
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कैरोटिड आर्टरी स्टेंटिंग पर दी प्रस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर के रेडियोलॉजी विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के रेडियोलॉजी विभाग के द्वितीय वर्ष के पीजी रेजिडेंट डॉ. दीपेश प्रसाद ने नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी सीएमई में ई-पोस्टर श्रेणी में प्रथम पुरस्कार हासिल किया है।
यह कार्यक्रम इंडियन सोसाइटी ऑफ वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के दिल्ली-एनसीआर स्टेट चैप्टर की ओर से 25-26 अप्रैल को हुआ था। डॉ. दीपेश प्रसाद ने अपना ई-पोस्टर सेफगार्डिंग द ब्रेन: अर्ली एक्सपीरियंस विद एम्बोलिक प्रोटेक्शन डिवाइस इन कैरोटिड आर्टरी स्टेंटिंग विषय पर प्रस्तुत किया। उनके इस शोध में उत्तरी हिमालयी क्षेत्र में कैरोटिड आर्टरी स्टेंटिंग के दौरान एम्बोलिक प्रोटेक्शन डिवाइस के उपयोग और उससे मरीजों की सुरक्षा में होने वाले सुधारों पर प्रकाश डाला गया। इसके अलावा उन्होंने पेरिफेरल आर्टिरीज और एंडोवैस्कुलर रिपेयर जैसे जटिल विषयों पर भी शोध पत्र प्रस्तुत किए।
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अनुभवी विशेषज्ञों का मिला मार्गदर्शन डॉ. दीपेश ने यह उपलब्धि रेडियोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रेशम सिंह के मार्गदर्शन में हासिल की। डॉ. सिंह ने इस आयोजन में वैरिकोज वेन्स'' के आधुनिक उपचार पर अपना व्याख्यान भी दिया। विभाग की इस सफलता पर विभागाध्यक्ष डॉ. नरवीर सिंह चौहान, डॉ. लोकेश राणा, डॉ. वरुण बंसल और डॉ. शिखा भाटिया ने प्रसन्नता व्यक्त की है। एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह ने इस उपलब्धि पर टीम को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर उन्नत इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिकल साइंस के केंद्र के रूप में उभर रहा है। संस्थान में वर्तमान में इलेक्टिव न्यूरो वैस्कुलर सेवाएं दी जा रही हैं और जल्द ही आपातकालीन न्यूरो वैस्कुलर और बॉडी वैस्कुलर इंटरवेंशन सेवाएं भी शुरू की जाएंगी। इससे हिमाचल प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के मरीजों को गंभीर स्थितियों में समय पर और आधुनिक विश्व स्तरीय उपचार मिल सकेगा।

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