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Bilaspur News: बेटी अनमोल योजना की छात्रवृत्ति के लिए नहीं मिल रहा पैसा
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 11 Mar 2026 11:59 PM IST
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सदर खंड में 788 बेटियों की रुकी हुई है छात्रवृत्ति
विभाग ने सरकार को भेजी है 43.57 लाख के बजट की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। बेटी अनमोल योजना के तहत छात्रवृत्ति के लिए अभी तक विभाग को बजट नहीं मिल पाया है। पिछले दो साल से बेटियां छात्रवृत्ति का इंतजार कर रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की इस अहम योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है, लेकिन बजट न आने से जिले में हजारों बच्चियों का हक अटका हुआ है। विभाग ने 43.57 लाख के बजट की मांग सरकार को भेजी है।
जानकारी के अनुसार जिले के चारों खंड में बड़ी संख्या में बेटियां इस योजना के तहत पंजीकृत हैं। पहली से तीसरी कक्षा तक 450 रुपये, चौथी पास करने पर 750 रुपये, पांचवीं में 900 रुपये, छठी–सातवीं में 1050 रुपये, आठवीं में 1200 रुपये, नौवीं–दसवीं में 1500 रुपये, जमा एक–दो में 2250 रुपये और स्नातक व अन्य डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए 5000 रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। लेकिन दो साल से सरकार की ओर से बजट जारी न होने पर छात्रवृत्ति रुकी पड़ी है। सिर्फ सदर खंड की बात करें तो 788 बेटियों की छात्रवृत्ति इसमें रुकी हुई है। छात्रवृत्ति न मिलने से कई परिवारों को पढ़ाई का खर्च उठाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस बारे में परियोजना अधिकारी सत्या देवी ने बताया कि सरकार को 43.57 लाख के बजट की मांग भेजी गई है। बजट मिलते ही छात्रवृत्ति जारी कर दी जाएगी।
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विभाग ने सरकार को भेजी है 43.57 लाख के बजट की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। बेटी अनमोल योजना के तहत छात्रवृत्ति के लिए अभी तक विभाग को बजट नहीं मिल पाया है। पिछले दो साल से बेटियां छात्रवृत्ति का इंतजार कर रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की इस अहम योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है, लेकिन बजट न आने से जिले में हजारों बच्चियों का हक अटका हुआ है। विभाग ने 43.57 लाख के बजट की मांग सरकार को भेजी है।
जानकारी के अनुसार जिले के चारों खंड में बड़ी संख्या में बेटियां इस योजना के तहत पंजीकृत हैं। पहली से तीसरी कक्षा तक 450 रुपये, चौथी पास करने पर 750 रुपये, पांचवीं में 900 रुपये, छठी–सातवीं में 1050 रुपये, आठवीं में 1200 रुपये, नौवीं–दसवीं में 1500 रुपये, जमा एक–दो में 2250 रुपये और स्नातक व अन्य डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए 5000 रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। लेकिन दो साल से सरकार की ओर से बजट जारी न होने पर छात्रवृत्ति रुकी पड़ी है। सिर्फ सदर खंड की बात करें तो 788 बेटियों की छात्रवृत्ति इसमें रुकी हुई है। छात्रवृत्ति न मिलने से कई परिवारों को पढ़ाई का खर्च उठाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस बारे में परियोजना अधिकारी सत्या देवी ने बताया कि सरकार को 43.57 लाख के बजट की मांग भेजी गई है। बजट मिलते ही छात्रवृत्ति जारी कर दी जाएगी।
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