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Bilaspur News: श्रद्धालुओं को सुनाए श्री कृष्ण की दिव्य लीलाओं के प्रसंग

संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 15 Mar 2026 11:50 PM IST
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Narrated the stories of Shri Krishna's divine pastimes to the devotees.
डीहर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करते हुए श्रद्धालु। स्रोत: जागरूक पाठक।
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डीहर में आयोजित श्रीमद् भागवत का छठा दिन
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संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं की ग्राम पंचायत मोरसिंघी के गांव डीहर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कथावाचक पं. दिवाकर शुक्ला ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं युवावस्था की दिव्य लीलाओं का मनमोहक और भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं बल्कि गहन आध्यात्मिक संदेश भी देती हैं। इन लीलाओं के माध्यम से भगवान भक्तों को यह संदेश देते हैं कि जो व्यक्ति सच्चे मन से प्रभु की भक्ति करता है, उसकी रक्षा स्वयं भगवान करते हैं और दुष्टों का अंत निश्चित होता है। उन्होंने पूतना उद्धार का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि अत्याचारी कंस ने श्रीकृष्ण को मारने के लिए राक्षसी पूतना को गोकुल भेजा था। पूतना ने सुंदर स्त्री का रूप धारण कर बालकृष्ण को विषैला दूध पिलाने का प्रयास किया, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने दूध के साथ उसके प्राण भी हर लिए। इसके साथ ही उसका उद्धार भी हो गया, जिससे यह संदेश मिलता है कि भगवान अपने शत्रुओं को भी मोक्ष प्रदान करने की क्षमता रखते हैं। कथा में वृंदावन की माखन चोरी लीला का भी वर्णन किया गया। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण गोपियों के घरों से माखन चुराकर खाते थे। यह लीला प्रतीकात्मक है, जिसमें भगवान भक्तों के मन का प्रेम चुरा लेते हैं और उनके अहंकार का नाश करते हैं। कालिया मर्दन लीला का वर्णन करते हुए बताया कि यमुना नदी में कालिया नाग के विष के कारण जल जहरीला हो गया था। तब श्रीकृष्ण ने कालिया नाग के फनों पर नृत्य कर उसका मर्दन किया और यमुना के जल को शुद्ध किया। कथा के दौरान रासलीला का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया। शरद पूर्णिमा की रात वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ रास रचाया, जो आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक माना जाता है। श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर पूर्णाहुति के साथ विशाल अटूट भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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