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Bilaspur News: केवल शिव की पूजा ही दो रूपों में साकार और निराकार
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 08 Feb 2026 11:53 PM IST
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श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रही कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
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पाप और पापियों के लिए भगवान ने प्रकट किए भैरव : भारती
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिवरात्रि के पावन पर्व आगमन पर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में रही श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन भगवान शिव के रूपों का सुंदर वर्णन किया गया। कथा वाचक महंत संगम भारती जी ने बताया कि केवल शिव एक मात्र ऐसे देव हैं जिनकी साकार और निराकार दोनों रूप में पूजा होती है अन्य किसी देवी देवता की नहीं। क्योंकि भगवान शिव स्वयं देवाधिदेव महादेव हैं, जिनसे सभी देवी देवता ऊर्जा लेते हैं।
संगम भारती ने बताया कि भगवान शिव पांच कृत्य हैं जिनमें पहला सृष्टि, दूसरा तिरोभाव, तीसरा स्थिति, चौथा संहार और पांचवां अनुग्रह है। उन्होंने बताया कि शिवलिंग में शिव के ऊपर का पहला भाग शंकर दूसरा शिव अंत का भाग रुद्र है अर्थात शिव का कोई रूप नहीं है इसलिए उसे निराकार रूप में पूजा जाता है। उन्होंने बताया कि शिवपुराण में शिव सूत्र बताए गए हैं जिसमें जीवन के वो रहस्य है जो इंसान को पता ही नहीं चल सकता जब तक उसे शिवपुराण सुनने का अवसर प्राप्त नहीं होता, जिसका पुण्य उदित होगा केवल उसे ही शिवपुराण सुनने का सौभाग्य प्राप्त होगा। वहीं श्रद्धालुओं ने कथा के तीसरे दिन भजनों के बीच सुंदर कथा का खूब आनंद उठाया।
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संगम भारती ने बताया कि भगवान शिव पांच कृत्य हैं जिनमें पहला सृष्टि, दूसरा तिरोभाव, तीसरा स्थिति, चौथा संहार और पांचवां अनुग्रह है। उन्होंने बताया कि शिवलिंग में शिव के ऊपर का पहला भाग शंकर दूसरा शिव अंत का भाग रुद्र है अर्थात शिव का कोई रूप नहीं है इसलिए उसे निराकार रूप में पूजा जाता है। उन्होंने बताया कि शिवपुराण में शिव सूत्र बताए गए हैं जिसमें जीवन के वो रहस्य है जो इंसान को पता ही नहीं चल सकता जब तक उसे शिवपुराण सुनने का अवसर प्राप्त नहीं होता, जिसका पुण्य उदित होगा केवल उसे ही शिवपुराण सुनने का सौभाग्य प्राप्त होगा। वहीं श्रद्धालुओं ने कथा के तीसरे दिन भजनों के बीच सुंदर कथा का खूब आनंद उठाया।
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