{"_id":"69ce85a4360b9f9a580b36bd","slug":"piligrimeages-in-naina-devi-temple-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-157231-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: हनुमान जन्मोत्सव पर नयना देवी मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: हनुमान जन्मोत्सव पर नयना देवी मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
विज्ञापन
विज्ञापन
एक दिन में 15 हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा, दर्शन के समय में किया गया विस्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी(बिलासपुर)। हनुमान जन्मोत्सव पर श्री नयना देवी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। चैत्र नवरात्र खत्म होने के बाद भी हालात यह हैं कि सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है, जो देर रात तक जारी रहता है।
मंदिर अधिकारी चतर सिंह रनौत ने कहा कि वीरवार को करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में माथा टेका। बताया कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पहले सामान्य दिनों में मंदिर के कपाट रात 10 बजे बंद हो जाते थे, लेकिन अब श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए यह समय बढ़ाकर रात 11 बजे कर दिया गया है। वहीं सुबह 4 बजे से लेकर दोपहर लगभग 11:45 बजे तक मंदिर के कपाट खुले रहते हैं। सायंकालीन आरती के लिए शाम 6:30 बजे मंदिर को एक घंटे के लिए बंद किया जाता है। इसके बाद पुनः दर्शन शुरू हो जाते हैं और श्रद्धालु रात 11 बजे तक माता के दर्शन कर सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन दिनों हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर एंट्री टैक्स को लेकर पंजाब और हरियाणा के लोगों की ओर से विरोध भी देखा जा रहा है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना किसी डर के माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त प्रबंध किए जा रहे हैं, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी(बिलासपुर)। हनुमान जन्मोत्सव पर श्री नयना देवी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। चैत्र नवरात्र खत्म होने के बाद भी हालात यह हैं कि सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है, जो देर रात तक जारी रहता है।
मंदिर अधिकारी चतर सिंह रनौत ने कहा कि वीरवार को करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में माथा टेका। बताया कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पहले सामान्य दिनों में मंदिर के कपाट रात 10 बजे बंद हो जाते थे, लेकिन अब श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए यह समय बढ़ाकर रात 11 बजे कर दिया गया है। वहीं सुबह 4 बजे से लेकर दोपहर लगभग 11:45 बजे तक मंदिर के कपाट खुले रहते हैं। सायंकालीन आरती के लिए शाम 6:30 बजे मंदिर को एक घंटे के लिए बंद किया जाता है। इसके बाद पुनः दर्शन शुरू हो जाते हैं और श्रद्धालु रात 11 बजे तक माता के दर्शन कर सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन दिनों हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर एंट्री टैक्स को लेकर पंजाब और हरियाणा के लोगों की ओर से विरोध भी देखा जा रहा है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना किसी डर के माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त प्रबंध किए जा रहे हैं, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन