{"_id":"6981fca8148a62134a0da47e","slug":"road-in-bad-condtition-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-153372-2026-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: समोह के पास दो दशकों से पहाड़ी खिसकने की समस्या जस की तस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: समोह के पास दो दशकों से पहाड़ी खिसकने की समस्या जस की तस
विज्ञापन
विज्ञापन
झंडूता-नंद नगराओं मुख्य मार्ग पर हर समय रहता है दुर्घटना का खतरा
वाहन चालकों को करना पड़ रहा है परेशानियों का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल मुख्यालय के अंतर्गत पनौल-समोह-झंडूता-नंद नगराओं-जेजवीं एमडीआर सड़क पर समोह के पास लंबे अरसे से पहाड़ी खिसकने की समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क तंग होने के कारण यहां हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क मार्ग संकरा होने से विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और भी जोखिम भरी बनी हुई है। कई बार दोपहिया वाहन चालक वाहनों की चपेट में आने से बाल-बाल बचे हैं। उपमंडल का मुख्य मार्ग होने के कारण इस सड़क पर रोजाना सैकड़ों वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। इस स्थान पर कई बार वाहन आमने-सामने टकरा चुके हैं। अचानक दूसरी ओर से वाहन आने पर पास देने के लिए पर्याप्त जगह न होने से वाहन चालकों में अक्सर बहस होती है।
बरसात के मौसम में पहाड़ी से मलबा गिरने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। लोक निर्माण विभाग की ओर से 22 किलोमीटर लंबे पनौल-समोह-झंडूता-नंद नगराओं एमडीआर सड़क के सुधारीकरण पर करीब 22.33 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। बावजूद इसके समोह जंगल वर्षाशालिका के पास पिछले दो दशकों से पहाड़ी खिसकने की समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सड़क पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, तो इस संवेदनशील स्थान की अनदेखी क्यों की गई। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सड़क को चौड़ा नहीं किया गया तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जो लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। लोगों ने विभाग से मांग की है कि जल्द सड़क को चौड़ा किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।
लोक निर्माण विभाग झंडूता के सहायक अभियंता नितेश शर्मा ने बताया कि पनौल से झंडूता-नंद नगराओं-जेजवीं सड़क पर 22.33 करोड़ रुपये की लागत से सुधारीकरण कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि समोह के पास पहाड़ी खिसकने से सड़क तंग हुई है। यह समस्या विभाग के ध्यान में है और इसके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
Trending Videos
वाहन चालकों को करना पड़ रहा है परेशानियों का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल मुख्यालय के अंतर्गत पनौल-समोह-झंडूता-नंद नगराओं-जेजवीं एमडीआर सड़क पर समोह के पास लंबे अरसे से पहाड़ी खिसकने की समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क तंग होने के कारण यहां हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क मार्ग संकरा होने से विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और भी जोखिम भरी बनी हुई है। कई बार दोपहिया वाहन चालक वाहनों की चपेट में आने से बाल-बाल बचे हैं। उपमंडल का मुख्य मार्ग होने के कारण इस सड़क पर रोजाना सैकड़ों वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। इस स्थान पर कई बार वाहन आमने-सामने टकरा चुके हैं। अचानक दूसरी ओर से वाहन आने पर पास देने के लिए पर्याप्त जगह न होने से वाहन चालकों में अक्सर बहस होती है।
बरसात के मौसम में पहाड़ी से मलबा गिरने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। लोक निर्माण विभाग की ओर से 22 किलोमीटर लंबे पनौल-समोह-झंडूता-नंद नगराओं एमडीआर सड़क के सुधारीकरण पर करीब 22.33 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। बावजूद इसके समोह जंगल वर्षाशालिका के पास पिछले दो दशकों से पहाड़ी खिसकने की समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सड़क पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, तो इस संवेदनशील स्थान की अनदेखी क्यों की गई। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सड़क को चौड़ा नहीं किया गया तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जो लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। लोगों ने विभाग से मांग की है कि जल्द सड़क को चौड़ा किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग झंडूता के सहायक अभियंता नितेश शर्मा ने बताया कि पनौल से झंडूता-नंद नगराओं-जेजवीं सड़क पर 22.33 करोड़ रुपये की लागत से सुधारीकरण कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि समोह के पास पहाड़ी खिसकने से सड़क तंग हुई है। यह समस्या विभाग के ध्यान में है और इसके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
