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Bilaspur News: स्टाफ की कमी, झंडूता में बिजली व्यवस्था संभालना चुनौती
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20 फील्ड कर्मचारियों के साथ सहायक अभियंता का पद एक साल से खाली
तीन कनिष्ठ अभियंता संभाल रहे पूरे उपमंडल का काम
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जल्द बहाली और शिकायतों के समय पर समाधान की उम्मीद लगाए बैठे झंडूता क्षेत्र के करीब साढ़े 12 हजार उपभोक्ताओं को विद्युत बोर्ड में कर्मचारियों की कमी के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। उपमंडल में अधिकारियों से लेकर फील्ड कर्मचारियों तक के कई पद लंबे समय से रिक्त हैं। ऐसे में तैनात कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार है और तकनीकी खराबी दूर कर बिजली आपूर्ति बहाल करना चुनौती बना हुआ है।
विद्युत बोर्ड उपमंडल झंडूता में सहायक अभियंता का पद करीब एक साल से खाली है। वहीं, कनिष्ठ अभियंताओं के छह स्वीकृत पदों में से केवल तीन भरे हैं। फील्ड कर्मचारियों के 34 पदों में से भी महज 14 पर कर्मचारी तैनात हैं, जबकि 20 पद रिक्त हैं। इनमें टी-मेट, लाइनमैन सहित अन्य फील्ड कर्मचारियों के पद शामिल हैं।
उपमंडल के तहत 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र के अलावा झंडूता, समोह, नखलेहड़ा, गेहड़वीं और अमरपुर के पांच विद्युत अनुभाग आते हैं। इन अनुभागों के माध्यम से सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। सीमित कर्मचारियों के सहारे इतने बड़े क्षेत्र में विद्युत सेवाएं उपलब्ध करवाने से काम का दबाव बढ़ रहा है।
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बिजली आपूर्ति बाधित होने पर तकनीकी खराबी दूर करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का जल्द निपटारा करने में कर्मचारियों की कमी बाधा बन रही है। नियमित जिम्मेदारियों के साथ रिक्त पदों से जुड़े काम भी तैनात कर्मचारियों को संभालने पड़ रहे हैं। इससे लोगों को बेहतर विद्युत सेवाएं उपलब्ध करवाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
बोर्ड रिक्त पदों को भरने के लिए प्रयासरत
उधर, विद्युत बोर्ड उपमंडल झंडूता का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे सहायक अभियंता सचिन आर्य ने बताया कि उपमंडल में कनिष्ठ अभियंताओं और फील्ड कर्मचारियों की भारी कमी है। इस समस्या से बोर्ड के उच्च अधिकारियों को समय-समय पर अवगत करवाया गया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड रिक्त पदों को भरने के लिए प्रयासरत है और जल्द इस दिशा में कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
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तीन कनिष्ठ अभियंता संभाल रहे पूरे उपमंडल का काम
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जल्द बहाली और शिकायतों के समय पर समाधान की उम्मीद लगाए बैठे झंडूता क्षेत्र के करीब साढ़े 12 हजार उपभोक्ताओं को विद्युत बोर्ड में कर्मचारियों की कमी के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। उपमंडल में अधिकारियों से लेकर फील्ड कर्मचारियों तक के कई पद लंबे समय से रिक्त हैं। ऐसे में तैनात कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार है और तकनीकी खराबी दूर कर बिजली आपूर्ति बहाल करना चुनौती बना हुआ है।
विद्युत बोर्ड उपमंडल झंडूता में सहायक अभियंता का पद करीब एक साल से खाली है। वहीं, कनिष्ठ अभियंताओं के छह स्वीकृत पदों में से केवल तीन भरे हैं। फील्ड कर्मचारियों के 34 पदों में से भी महज 14 पर कर्मचारी तैनात हैं, जबकि 20 पद रिक्त हैं। इनमें टी-मेट, लाइनमैन सहित अन्य फील्ड कर्मचारियों के पद शामिल हैं।
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उपमंडल के तहत 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र के अलावा झंडूता, समोह, नखलेहड़ा, गेहड़वीं और अमरपुर के पांच विद्युत अनुभाग आते हैं। इन अनुभागों के माध्यम से सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। सीमित कर्मचारियों के सहारे इतने बड़े क्षेत्र में विद्युत सेवाएं उपलब्ध करवाने से काम का दबाव बढ़ रहा है।
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बिजली आपूर्ति बाधित होने पर तकनीकी खराबी दूर करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का जल्द निपटारा करने में कर्मचारियों की कमी बाधा बन रही है। नियमित जिम्मेदारियों के साथ रिक्त पदों से जुड़े काम भी तैनात कर्मचारियों को संभालने पड़ रहे हैं। इससे लोगों को बेहतर विद्युत सेवाएं उपलब्ध करवाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
बोर्ड रिक्त पदों को भरने के लिए प्रयासरत
उधर, विद्युत बोर्ड उपमंडल झंडूता का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे सहायक अभियंता सचिन आर्य ने बताया कि उपमंडल में कनिष्ठ अभियंताओं और फील्ड कर्मचारियों की भारी कमी है। इस समस्या से बोर्ड के उच्च अधिकारियों को समय-समय पर अवगत करवाया गया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड रिक्त पदों को भरने के लिए प्रयासरत है और जल्द इस दिशा में कदम उठाए जाने की उम्मीद है।