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Bilaspur News: जिले में आंधी-तूफान और बारिश से जनजीवन प्रभावित, किसानों की बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 03 May 2026 11:59 PM IST
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बिलासपुर में बिजली की तारों पर गिरा पेड़। संवाद
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किसानों की बढ़ी चिंता-बिजली के तारों पर गिरे पेड़, देर रात विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुटे कर्मचारी
खेतों में गेहूं की कटी फसल भीगी, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में रविवार सुबह आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुआ मौसम का यह तांडव लगभग 11 बजे तक जारी रहा। इस दौरान तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से जगह-जगह पेड़ गिर गए, कई स्थानों पर पेड़ बिजली की तारों पर गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। शहर के अधिकांश हिस्सों में सुबह से लेकर देर शाम तक बिजली गुल रही। वहीं शहर के तमाम हिस्सों में विद्युत आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई थी। ऐसे में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
तेज तूफान के कारण सड़कों पर आवागमन भी प्रभावित रहा। कई जगह पेड़ गिरने से रास्ते बंद हो गए। ये पेड़ शहर के कई इलाकों में गिरे, इनमें शहर में मस्जिद पास और औद्योगिक क्षेत्र में पेड़ गिरे हैं। वहीं मस्जिद से थोड़ी दूर एक खड़ी कार गिरा। ऐसे में कई अन्य वाहनों को भी नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक आए इस तूफान ने उन्हें संभलने का मौका तक नहीं दिया और देखते ही देखते हालात बिगड़ गए। बिजली बोर्ड के कर्मचारी और अधिकारी देर रात तक विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे। हालांकि खंभे और तार पूरी तरह उखड़ गए थे, जिससे परेशानी बढ़ी। कुछ स्थानों पर बोर्ड के स्ट्रक्चर को अधिक नुकसान पहुंचा जिससे विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। सहायक अभियंता रविंद्र चौधरी ने बताया कि कर्मचारी फील्ड में तैनात रहे, लेकिन नुकसान बहुत अधिक है, जिस कारण समस्या हुई। उन्होंने बताया कि बिजली बोर्ड को इस तूफान से काफी नुकसान हुआ है, जिसका आकलन किया जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति शाम तक बहाल हो गई थी, लेकिन कुछ क्षेत्रों में लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा।
इस बीच, जिले के ग्रामीण इलाकों में किसानों की चिंताएं भी काफी बढ़ गई हैं। जुखाला क्षेत्र सहित दावी घाटी में बेमौसमी बारिश ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस बार जिले में अच्छी बारिश के चलते किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन फसल की कटाई और थ्रेसिंग के समय हुई बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। जिले में कुल 57,822 किसान परिवार हैं और यहां लगभग 32 हजार हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है। इनमें से करीब 27 हजार हेक्टेयर में गेहूं व अन्य फसलें उगाई जाती हैं, जबकि 5 हजार हेक्टेयर में सब्जियों की खेती होती है।
किसान नत्थू राम शर्मा, हिम्मत सिंह मिन्हास, मनोज पराशर और गोपाल ने बताया कि अचानक हुई बारिश से उनकी गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि अगर मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो फसल के पूरी तरह खराब होने का खतरा बना हुआ है। दावी घाटी में इन दिनों गेहूं की कटाई का काम जोरों पर चल रहा था, लेकिन बेमौसमी बारिश ने इस प्रक्रिया को बाधित कर दिया है। कृषि विशेषज्ञ सुंदर लाल शर्मा के अनुसार यदि मौसम साफ नहीं हुआ और बारिश का सिलसिला जारी रहा तो गेहूं के दानों में नमी बढ़ने से वह काला पड़ सकता है, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित होंगे।
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खेतों में गेहूं की कटी फसल भीगी, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में रविवार सुबह आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुआ मौसम का यह तांडव लगभग 11 बजे तक जारी रहा। इस दौरान तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से जगह-जगह पेड़ गिर गए, कई स्थानों पर पेड़ बिजली की तारों पर गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। शहर के अधिकांश हिस्सों में सुबह से लेकर देर शाम तक बिजली गुल रही। वहीं शहर के तमाम हिस्सों में विद्युत आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई थी। ऐसे में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
तेज तूफान के कारण सड़कों पर आवागमन भी प्रभावित रहा। कई जगह पेड़ गिरने से रास्ते बंद हो गए। ये पेड़ शहर के कई इलाकों में गिरे, इनमें शहर में मस्जिद पास और औद्योगिक क्षेत्र में पेड़ गिरे हैं। वहीं मस्जिद से थोड़ी दूर एक खड़ी कार गिरा। ऐसे में कई अन्य वाहनों को भी नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक आए इस तूफान ने उन्हें संभलने का मौका तक नहीं दिया और देखते ही देखते हालात बिगड़ गए। बिजली बोर्ड के कर्मचारी और अधिकारी देर रात तक विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे। हालांकि खंभे और तार पूरी तरह उखड़ गए थे, जिससे परेशानी बढ़ी। कुछ स्थानों पर बोर्ड के स्ट्रक्चर को अधिक नुकसान पहुंचा जिससे विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। सहायक अभियंता रविंद्र चौधरी ने बताया कि कर्मचारी फील्ड में तैनात रहे, लेकिन नुकसान बहुत अधिक है, जिस कारण समस्या हुई। उन्होंने बताया कि बिजली बोर्ड को इस तूफान से काफी नुकसान हुआ है, जिसका आकलन किया जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति शाम तक बहाल हो गई थी, लेकिन कुछ क्षेत्रों में लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा।
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इस बीच, जिले के ग्रामीण इलाकों में किसानों की चिंताएं भी काफी बढ़ गई हैं। जुखाला क्षेत्र सहित दावी घाटी में बेमौसमी बारिश ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस बार जिले में अच्छी बारिश के चलते किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन फसल की कटाई और थ्रेसिंग के समय हुई बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। जिले में कुल 57,822 किसान परिवार हैं और यहां लगभग 32 हजार हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है। इनमें से करीब 27 हजार हेक्टेयर में गेहूं व अन्य फसलें उगाई जाती हैं, जबकि 5 हजार हेक्टेयर में सब्जियों की खेती होती है।
किसान नत्थू राम शर्मा, हिम्मत सिंह मिन्हास, मनोज पराशर और गोपाल ने बताया कि अचानक हुई बारिश से उनकी गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि अगर मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो फसल के पूरी तरह खराब होने का खतरा बना हुआ है। दावी घाटी में इन दिनों गेहूं की कटाई का काम जोरों पर चल रहा था, लेकिन बेमौसमी बारिश ने इस प्रक्रिया को बाधित कर दिया है। कृषि विशेषज्ञ सुंदर लाल शर्मा के अनुसार यदि मौसम साफ नहीं हुआ और बारिश का सिलसिला जारी रहा तो गेहूं के दानों में नमी बढ़ने से वह काला पड़ सकता है, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित होंगे।

बिलासपुर में बिजली की तारों पर गिरा पेड़। संवाद

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