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Bilaspur News: घुमारवीं क्षेत्र में फैल रहा नशे का जहर बना सामाजिक खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 03 May 2026 11:58 PM IST
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चिट्टे के बाद प्रतिबंधित दवाओं के मामले ने बढ़ाया डर
बाहरी राज्यों से संचालित नेटवर्क की चपेट में क्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं शहर और आसपास के क्षेत्रों में नशे का जहर अब इस कदर फैलता नजर आ रहा है कि लोग इसे आने वाले समय का सबसे बड़ा सामाजिक खतरा मानने लगे हैं। चिट्टे की लगातार बढ़ती खेपों के बाद अब प्रतिबंधित दवाइयों की सप्लाई का मामला सामने आने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि अब नशा तस्कर खुलेआम नए नेटवर्क तैयार कर रहे हैं और युवाओं तक नशा पहुंचाने के लिए कुरिअर सेवाओं तक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि यह कारोबार केवल छोटे स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि संगठित तरीके से जड़ें जमा चुका है। हाल ही में ड्रग कंट्रोल विभाग की ओर से की गई बड़ी कार्रवाई में एक दवा विक्रेता से जुड़े मामले में कुरिअर के माध्यम से मंगाई जा रही प्रतिबंधित टपेंटाडोल नामक प्रतिबंधित दवा की करीब 2000 गोलियां पकड़ी गईं। शुरुआती जांच में ही मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार यह केवल एक खेप थी और इसके पीछे कहीं बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। विभाग अब इस बात की पड़ताल कर रहा हैं कि आखिर यह दवाइयां किन लोगों तक पहुंचाई जा रही थीं और कितने समय से यह खेल चल रहा था। जिस तरीके से प्रतिबंधित दवाइयों को गुपचुप तरीके से युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा था, उसने अभिभावकों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है।
क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे मामले इस बात की गवाही दे रहे हैं कि नशा तस्करों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं। 29 सितंबर 2025 को बलोह टोल प्लाजा के पास पुलिस ने पंजाब के दो युवकों से 518.4 ग्राम चिट्टा बरामद किया था, जिसकी कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई। यह घुमारवीं क्षेत्र में पकड़ी गई सबसे बड़ी खेपों में से एक थी। बाद में इस मामले में अमृतसर से मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया था कि घुमारवीं अब बाहरी राज्यों से संचालित नशा नेटवर्क की चपेट में आ चुका है। इसके बाद 6 अक्टूबर 2025 को बालोह प्लाजा के पास महिला सहित तीन आरोपियों से 40 ग्राम चिट्टा पकड़ा गया। 23 सितंबर 2025 को 14.90 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ, जनवरी 2026 में भराड़ी में 23.65 ग्राम चिट्टे के साथ दो युवक पकड़े गए, अप्रैल 2026 में पट्टा क्षेत्र में भी चिट्टा बरामद हुआ। लगातार बढ़ते इन मामलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर नशे का यह जाल क्षेत्र में इतनी गहराई तक कैसे फैल गया। सबसे भयावह स्थिति यह है कि अब स्कूल-कॉलेज जाने वाले युवाओं को भी आसान निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन अब प्रतिबंधित दवाइयों का खेल सामने आने के बाद यह आशंका और गहरी हो गई है कि नशे का कारोबार अब केवल गलियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यवस्थित नेटवर्क के जरिए समाज की जड़ों को खोखला करने में लगा हुआ है।
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बाहरी राज्यों से संचालित नेटवर्क की चपेट में क्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं शहर और आसपास के क्षेत्रों में नशे का जहर अब इस कदर फैलता नजर आ रहा है कि लोग इसे आने वाले समय का सबसे बड़ा सामाजिक खतरा मानने लगे हैं। चिट्टे की लगातार बढ़ती खेपों के बाद अब प्रतिबंधित दवाइयों की सप्लाई का मामला सामने आने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि अब नशा तस्कर खुलेआम नए नेटवर्क तैयार कर रहे हैं और युवाओं तक नशा पहुंचाने के लिए कुरिअर सेवाओं तक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि यह कारोबार केवल छोटे स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि संगठित तरीके से जड़ें जमा चुका है। हाल ही में ड्रग कंट्रोल विभाग की ओर से की गई बड़ी कार्रवाई में एक दवा विक्रेता से जुड़े मामले में कुरिअर के माध्यम से मंगाई जा रही प्रतिबंधित टपेंटाडोल नामक प्रतिबंधित दवा की करीब 2000 गोलियां पकड़ी गईं। शुरुआती जांच में ही मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार यह केवल एक खेप थी और इसके पीछे कहीं बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। विभाग अब इस बात की पड़ताल कर रहा हैं कि आखिर यह दवाइयां किन लोगों तक पहुंचाई जा रही थीं और कितने समय से यह खेल चल रहा था। जिस तरीके से प्रतिबंधित दवाइयों को गुपचुप तरीके से युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा था, उसने अभिभावकों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है।
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क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे मामले इस बात की गवाही दे रहे हैं कि नशा तस्करों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं। 29 सितंबर 2025 को बलोह टोल प्लाजा के पास पुलिस ने पंजाब के दो युवकों से 518.4 ग्राम चिट्टा बरामद किया था, जिसकी कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई। यह घुमारवीं क्षेत्र में पकड़ी गई सबसे बड़ी खेपों में से एक थी। बाद में इस मामले में अमृतसर से मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया था कि घुमारवीं अब बाहरी राज्यों से संचालित नशा नेटवर्क की चपेट में आ चुका है। इसके बाद 6 अक्टूबर 2025 को बालोह प्लाजा के पास महिला सहित तीन आरोपियों से 40 ग्राम चिट्टा पकड़ा गया। 23 सितंबर 2025 को 14.90 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ, जनवरी 2026 में भराड़ी में 23.65 ग्राम चिट्टे के साथ दो युवक पकड़े गए, अप्रैल 2026 में पट्टा क्षेत्र में भी चिट्टा बरामद हुआ। लगातार बढ़ते इन मामलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर नशे का यह जाल क्षेत्र में इतनी गहराई तक कैसे फैल गया। सबसे भयावह स्थिति यह है कि अब स्कूल-कॉलेज जाने वाले युवाओं को भी आसान निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन अब प्रतिबंधित दवाइयों का खेल सामने आने के बाद यह आशंका और गहरी हो गई है कि नशे का कारोबार अब केवल गलियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यवस्थित नेटवर्क के जरिए समाज की जड़ों को खोखला करने में लगा हुआ है।
