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विद्यार्थी अनुशासित दिनचर्या अपनाएं : ठाकुर
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घागस स्कूल में बच्चों से संवाद करते हुए एडीसी। स्रोत: डीपीआरओ
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घागस स्कूल में एडीसी ने विद्यार्थियों को नशे से लड़ने के बताए मंत्र
विद्यार्थियों व शिक्षकों को दिलाई नशा मुक्त भारत और चिट्टा विरोधी अभियान की शपथ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश सरकार के अपना विद्यालय कार्यक्रम के तहत अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घागस में विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उन्हें नशे के दुष्प्रभाव, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का जिम्मेदार नागरिक है और समाज को सही दिशा देने में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वच्छ वातावरण बेहतर जीवन की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित स्वच्छता अपनाने, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन करने, नियमित व्यायाम करने और अनुशासित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें भविष्य में बड़ी उपलब्धियों का आधार बनती हैं।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है। पर्यावरण को सुरक्षित रखना केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। विद्यार्थी इस दिशा में जनजागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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संवाद के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने चिट्टा सहित अन्य नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों को बर्बाद कर देता है। चिट्टा जैसी घातक लत युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने दोस्तों तथा परिवार के सदस्यों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
अंत में अतिरिक्त उपायुक्त ने विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को नशा मुक्त भारत एवं चिट्टा विरोधी अभियान की शपथ दिलाई। प्रधानाचार्य ने कहा कि ऐसे संवादात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
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विद्यार्थियों व शिक्षकों को दिलाई नशा मुक्त भारत और चिट्टा विरोधी अभियान की शपथ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश सरकार के अपना विद्यालय कार्यक्रम के तहत अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घागस में विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उन्हें नशे के दुष्प्रभाव, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का जिम्मेदार नागरिक है और समाज को सही दिशा देने में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वच्छ वातावरण बेहतर जीवन की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित स्वच्छता अपनाने, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन करने, नियमित व्यायाम करने और अनुशासित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें भविष्य में बड़ी उपलब्धियों का आधार बनती हैं।
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पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है। पर्यावरण को सुरक्षित रखना केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। विद्यार्थी इस दिशा में जनजागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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संवाद के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने चिट्टा सहित अन्य नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों को बर्बाद कर देता है। चिट्टा जैसी घातक लत युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने दोस्तों तथा परिवार के सदस्यों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
अंत में अतिरिक्त उपायुक्त ने विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को नशा मुक्त भारत एवं चिट्टा विरोधी अभियान की शपथ दिलाई। प्रधानाचार्य ने कहा कि ऐसे संवादात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।