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Bilaspur News: दधोल के तरूण शर्मा बने सेना में कैप्टन, बतौर चिकित्सक करेंगे सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:51 PM IST
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भारतीय सेना में कैप्टन बने दधोल के तरूण को स्टार लगाते माता-पिता। स्रोत: जागरूक पाठक
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माता-पिता को दिया सफलता का श्रेय
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के दधोल गांव के होनहार युवा तरूण शर्मा ने भारतीय सेना में कैप्टन पद हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि तरूण का चयन बतौर चिकित्सक हुआ है, जिससे अब वे देश की सेवा के साथ-साथ सैनिकों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।
तरूण शर्मा की प्रारंभिक शिक्षा एसवीएम स्कूल दधोल से हुई। बचपन से ही मेधावी रहे तरूण ने आगे की पढ़ाई के लिए मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल घुमारवीं का रुख किया, जहां से उन्होंने नौवीं से बारहवीं तक की शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में कॅरिअर बनाने का लक्ष्य तय कर लिया था। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद तरूण ने सोलन स्थित एक निजी विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। अपनी पढ़ाई के प्रति समर्पण और अनुशासन के चलते उन्होंने कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच यह मुकाम हासिल किया। एमबीबीएस के बाद उन्होंने घर पर रहकर तैयारी जारी रखी और सेना में चिकित्सक के रूप में चयन पाने के लिए कड़ी मेहनत की। उनकी मेहनत रंग लाई और अब उनका चयन भारतीय सेना में कैप्टन के पद पर बतौर डॉक्टर हो गया है। इस उपलब्धि से उनके परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने भी तरूण की इस सफलता पर गर्व जताया है। तरूण के पिता राजेंद्र कुमार दवाइयों की दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी माता लीला शर्मा गृहिणी हैं। तरूण शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को दिया है।
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भराड़ी (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के दधोल गांव के होनहार युवा तरूण शर्मा ने भारतीय सेना में कैप्टन पद हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि तरूण का चयन बतौर चिकित्सक हुआ है, जिससे अब वे देश की सेवा के साथ-साथ सैनिकों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।
तरूण शर्मा की प्रारंभिक शिक्षा एसवीएम स्कूल दधोल से हुई। बचपन से ही मेधावी रहे तरूण ने आगे की पढ़ाई के लिए मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल घुमारवीं का रुख किया, जहां से उन्होंने नौवीं से बारहवीं तक की शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में कॅरिअर बनाने का लक्ष्य तय कर लिया था। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद तरूण ने सोलन स्थित एक निजी विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। अपनी पढ़ाई के प्रति समर्पण और अनुशासन के चलते उन्होंने कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच यह मुकाम हासिल किया। एमबीबीएस के बाद उन्होंने घर पर रहकर तैयारी जारी रखी और सेना में चिकित्सक के रूप में चयन पाने के लिए कड़ी मेहनत की। उनकी मेहनत रंग लाई और अब उनका चयन भारतीय सेना में कैप्टन के पद पर बतौर डॉक्टर हो गया है। इस उपलब्धि से उनके परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने भी तरूण की इस सफलता पर गर्व जताया है। तरूण के पिता राजेंद्र कुमार दवाइयों की दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी माता लीला शर्मा गृहिणी हैं। तरूण शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को दिया है।
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