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Bilaspur News: हाई रिस्क गांवों में चला टीबी स्क्रीनिंग अभियान
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188 लोगों के डिजिटल एक्सरे, पांच मामलों में मिली असामान्यता
मारकंड और झंडूता खंड में स्वास्थ्य शिविरों में सैकड़ों लोगों की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के उद्देश्य से जिले के हाई रिस्क गांवों में आयुष्मान आरोग्य एवं टीबी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य जांच करवाई और टीबी की समय रहते पहचान के लिए स्क्रीनिंग कराई।
मारकंड ब्लॉक के अंतर्गत सिहरा, पट्टा, धमना और बदसौर गांवों में आयोजित आयुष्मान आरोग्य शिविर में 108 लोगों के डिजिटल एक्सरे किए गए। इनमें 106 एक्सरे सामान्य जबकि 2 मामलों में असामान्यता सामने आई। शिविर के दौरान 50 लोगों की टीबी जांच की गई। इसके अलावा 108 लोगों का रक्तचाप, बीपी, ब्लड शुगर और हीमोग्लोबिन परीक्षण भी किया गया। झंडूता ब्लॉक के हाई रिस्क गांव भरोली, कलां, खुराद और बगरू में लगाए शिविर में 80 लोगों के एक्सरे किए गए। इनमें 77 एक्सरे सामान्य और 3 एक्सरे असामान्य पाए गए। शिविर में 20 लोगों की टीबी जांच की गई। साथ ही 80 लोगों के बीपी, ब्लड शुगर और एचबी परीक्षण भी किए गए।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे शिविरों का मुख्य उद्देश्य टीबी के संभावित मरीजों की शीघ्र पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध करवाना है। विभाग की ओर से हाई रिस्क क्षेत्रों में लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाकर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है, ताकि जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
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टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मारकंड खंड और झंडूता खंड में आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन किया गया। जिसमें 188 लोगों को एक्सरे किया गया। इसमें पांच लोगों के एक्सरे असामान्य सामने आई है।
-डाॅ. शशि दत्त शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर
मारकंड और झंडूता खंड में स्वास्थ्य शिविरों में सैकड़ों लोगों की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के उद्देश्य से जिले के हाई रिस्क गांवों में आयुष्मान आरोग्य एवं टीबी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य जांच करवाई और टीबी की समय रहते पहचान के लिए स्क्रीनिंग कराई।
मारकंड ब्लॉक के अंतर्गत सिहरा, पट्टा, धमना और बदसौर गांवों में आयोजित आयुष्मान आरोग्य शिविर में 108 लोगों के डिजिटल एक्सरे किए गए। इनमें 106 एक्सरे सामान्य जबकि 2 मामलों में असामान्यता सामने आई। शिविर के दौरान 50 लोगों की टीबी जांच की गई। इसके अलावा 108 लोगों का रक्तचाप, बीपी, ब्लड शुगर और हीमोग्लोबिन परीक्षण भी किया गया। झंडूता ब्लॉक के हाई रिस्क गांव भरोली, कलां, खुराद और बगरू में लगाए शिविर में 80 लोगों के एक्सरे किए गए। इनमें 77 एक्सरे सामान्य और 3 एक्सरे असामान्य पाए गए। शिविर में 20 लोगों की टीबी जांच की गई। साथ ही 80 लोगों के बीपी, ब्लड शुगर और एचबी परीक्षण भी किए गए।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे शिविरों का मुख्य उद्देश्य टीबी के संभावित मरीजों की शीघ्र पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध करवाना है। विभाग की ओर से हाई रिस्क क्षेत्रों में लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाकर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है, ताकि जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
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-डाॅ. शशि दत्त शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर