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तकनीकी दक्षता सफलता का प्रमुख आधार : राठौर
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बंदला हाइड्रो कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में भाग लेते लाभार्थी। स्रोत: कॉलेज
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हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में आधुनिक तकनीक सिखाने पर कार्यशाला शुरू
निदेशक-सह-प्राचार्य ने प्रतिभागियों का किया स्वागत, डॉ. रितुला ठाकुर ने दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में एक ज्ञानवर्धक कार्यशाला का शुभारंभ सोमवार को हुआ। इसमें आधुनिक तकनीक और व्यावहारिक शिक्षा पर विशेष बल दिया गया। निदेशक-सह-प्राचार्य प्रो. (डॉ.) उमेश सी. राठौर ने सभी आमंत्रित प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत करते हुए विशेष रूप से डॉ. रितुला ठाकुर का अभिनंदन किया।
उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक शिक्षा तथा आधुनिक तकनीकों में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी दक्षता सफलता का प्रमुख आधार है। कार्यशाला में विभिन्न महाविद्यालयों से आए पॉलिटेक्निक एवं अभियंत्रण संकाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान डॉ. रितुला ठाकुर ने आर्डुइनो यूएनओ, सर्वो मोटर, अवरक्त संवेदक तथा आर्डुइनो समेकित विकास परिवेश पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बताया कि आर्डुइनो यूएनओ इलेक्ट्रॉनिक घटकों के साथ किस प्रकार कार्य करता है और सी/सी प्लस प्लस प्रोग्रामिंग के माध्यम से विभिन्न उपकरणों को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही सेटअप और लूप क्रियाओं की भूमिका को भी सरल भाषा में समझाया। स्पष्ट किया कि कोडिंग और हार्डवेयर के समन्वय से वास्तविक परियोजनाओं का निर्माण कैसे संभव होता है, जिससे विद्यार्थियों की तकनीकी समझ विकसित होती है।
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निदेशक-सह-प्राचार्य ने प्रतिभागियों का किया स्वागत, डॉ. रितुला ठाकुर ने दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में एक ज्ञानवर्धक कार्यशाला का शुभारंभ सोमवार को हुआ। इसमें आधुनिक तकनीक और व्यावहारिक शिक्षा पर विशेष बल दिया गया। निदेशक-सह-प्राचार्य प्रो. (डॉ.) उमेश सी. राठौर ने सभी आमंत्रित प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत करते हुए विशेष रूप से डॉ. रितुला ठाकुर का अभिनंदन किया।
उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक शिक्षा तथा आधुनिक तकनीकों में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी दक्षता सफलता का प्रमुख आधार है। कार्यशाला में विभिन्न महाविद्यालयों से आए पॉलिटेक्निक एवं अभियंत्रण संकाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान डॉ. रितुला ठाकुर ने आर्डुइनो यूएनओ, सर्वो मोटर, अवरक्त संवेदक तथा आर्डुइनो समेकित विकास परिवेश पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बताया कि आर्डुइनो यूएनओ इलेक्ट्रॉनिक घटकों के साथ किस प्रकार कार्य करता है और सी/सी प्लस प्लस प्रोग्रामिंग के माध्यम से विभिन्न उपकरणों को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही सेटअप और लूप क्रियाओं की भूमिका को भी सरल भाषा में समझाया। स्पष्ट किया कि कोडिंग और हार्डवेयर के समन्वय से वास्तविक परियोजनाओं का निर्माण कैसे संभव होता है, जिससे विद्यार्थियों की तकनीकी समझ विकसित होती है।
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