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Bilaspur News: जिला परिषद अध्यक्ष पद ने चौंकाया, जीत के आंकड़ों से ज्यादा संगठन की राजनीति हावी
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 19 Jun 2026 11:55 PM IST
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जिला परिषद उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन करती प्रोमिला देवी। संवाद
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सदर की मजबूत जीत के बावजूद जुखाला के लेखराम ठाकुर बने अध्यक्ष
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चयन के बाद भाजपा के भीतर नए समीकरणों की चर्चा तेज
14 में से 9 सीटें जीतने वाली भाजपा ने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पदों पर दिए बड़े राजनीतिक संकेत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। भाजपा ने 14 में से 9 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। इसके बावजूद अध्यक्ष पद के लिए पार्टी ने अप्रत्याशित फैसला लिया।
सदर विधानसभा क्षेत्र ने भाजपा के लिए चार सीटें जीतकर सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। इसके विपरीत, श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा केवल दो सीटें ही जीत सकी। अध्यक्ष पद के लिए सदर क्षेत्र का दावा मजबूत माना जा रहा था। लेकिन भाजपा ने जुखाला से निर्वाचित लेखराम ठाकुर को अध्यक्ष बनाया। सदर की प्रमिला चंदेल को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला केवल चुनावी आंकड़ों पर आधारित नहीं था। इसके पीछे संगठनात्मक समीकरण और नेतृत्व की रणनीति भी काम कर रही थी। विधायक रणधीर शर्मा की संगठन में मजबूत पकड़ का भी इसमें योगदान माना जा रहा है। दोनों नवनिर्वाचित नेताओं को अनुराग ठाकुर के समर्थक खेमे से जोड़ा जा रहा है। इससे जिला परिषद की शीर्ष दोनों जिम्मेदारियों का एक ही धड़े को मिलना चर्चा का विषय है।
संगठनात्मक संतुलन और रणनीति
यह फैसला केवल जिला परिषद तक सीमित नहीं माना जा रहा है। भाजपा ने संगठन और सत्ता के स्थानीय केंद्रों में संतुलन बनाने का प्रयास किया है। इससे 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के संकेत भी मिल रहे हैं। जिले में भाजपा जिला अध्यक्ष पद भी श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र को मिला था। अब जिला परिषद अध्यक्ष पद भी उसी क्षेत्र के खाते में गया है।
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कार्यकर्ताओं में उठते सवाल
सदर, घुमारवीं और झंडूता क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं में सवाल उठ रहे हैं। वे पार्टी के दीर्घकालिक राजनीतिक रोडमैप को लेकर चिंतित हैं। कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि सबसे ज्यादा सीटें जिताने वाले क्षेत्र को शीर्ष जिम्मेदारी मिलेगी। लेकिन भाजपा नेतृत्व ने अलग फैसला लेकर स्पष्ट संदेश दिया है। संगठन में जीत का आंकड़ा ही सब कुछ नहीं होता, बल्कि रणनीति भी महत्वपूर्ण है।
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चयन के बाद भाजपा के भीतर नए समीकरणों की चर्चा तेज
14 में से 9 सीटें जीतने वाली भाजपा ने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पदों पर दिए बड़े राजनीतिक संकेत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। भाजपा ने 14 में से 9 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। इसके बावजूद अध्यक्ष पद के लिए पार्टी ने अप्रत्याशित फैसला लिया।
सदर विधानसभा क्षेत्र ने भाजपा के लिए चार सीटें जीतकर सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। इसके विपरीत, श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा केवल दो सीटें ही जीत सकी। अध्यक्ष पद के लिए सदर क्षेत्र का दावा मजबूत माना जा रहा था। लेकिन भाजपा ने जुखाला से निर्वाचित लेखराम ठाकुर को अध्यक्ष बनाया। सदर की प्रमिला चंदेल को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला केवल चुनावी आंकड़ों पर आधारित नहीं था। इसके पीछे संगठनात्मक समीकरण और नेतृत्व की रणनीति भी काम कर रही थी। विधायक रणधीर शर्मा की संगठन में मजबूत पकड़ का भी इसमें योगदान माना जा रहा है। दोनों नवनिर्वाचित नेताओं को अनुराग ठाकुर के समर्थक खेमे से जोड़ा जा रहा है। इससे जिला परिषद की शीर्ष दोनों जिम्मेदारियों का एक ही धड़े को मिलना चर्चा का विषय है।
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संगठनात्मक संतुलन और रणनीति
यह फैसला केवल जिला परिषद तक सीमित नहीं माना जा रहा है। भाजपा ने संगठन और सत्ता के स्थानीय केंद्रों में संतुलन बनाने का प्रयास किया है। इससे 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के संकेत भी मिल रहे हैं। जिले में भाजपा जिला अध्यक्ष पद भी श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र को मिला था। अब जिला परिषद अध्यक्ष पद भी उसी क्षेत्र के खाते में गया है।
कार्यकर्ताओं में उठते सवाल
सदर, घुमारवीं और झंडूता क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं में सवाल उठ रहे हैं। वे पार्टी के दीर्घकालिक राजनीतिक रोडमैप को लेकर चिंतित हैं। कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि सबसे ज्यादा सीटें जिताने वाले क्षेत्र को शीर्ष जिम्मेदारी मिलेगी। लेकिन भाजपा नेतृत्व ने अलग फैसला लेकर स्पष्ट संदेश दिया है। संगठन में जीत का आंकड़ा ही सब कुछ नहीं होता, बल्कि रणनीति भी महत्वपूर्ण है।

जिला परिषद उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन करती प्रोमिला देवी। संवाद