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Bilaspur News: नालागढ़ के पलासड़ा में दवा उद्योग के प्रदूषण के खिलाफ कल होगा प्रदर्शन
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नालागढ़ शहर में जन प्रतिनिधि दवा कंपनी के प्रदूषण को लेक लोगों को जागरूक करते हुए- संवाद।
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जन प्रतिनिधियों ने गांव-गांव जाकर किया लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के पसालड़ा स्थित दवा उद्योग से हो रहे प्रदूषण के विरोध में जन आंदोलन तेज हो गया है। 23 मार्च को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर जन प्रतिनिधियों ने नालागढ़ शहर और आसपास के गांवों में लोगों को जागरूक किया और अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। पार्षद महेश गौतम, अमरेंद्र सिंह भिंडर, रडियाली पंचायत की पूर्व प्रधान ईंदू वैद्य, संघर्ष समिति के सदस्य धर्मेंद्र कुमार और हदीप सिंह बावा समेत कई लोगों ने शनिवार को विभिन्न पंचायतों में जाकर लोगों को कंपनी से हो रहे प्रदूषण के बारे में जानकारी दी। संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि दवा उद्योग से लगातार वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण फैल रहा है, जिससे क्षेत्र के हालात गंभीर हो रहे हैं। उनका कहना है कि उद्योग में रोजाना लाखों लीटर पानी की खपत हो रही है, जिससे भविष्य में जल स्रोत सूखने का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाम के समय कंपनी से जहरीली गैसें निकलती हैं, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। संघर्ष समिति के सदस्य धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर 23 मार्च को सौड़ी गांव से नालागढ़ तक विरोध मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद एसडीएम के माध्यम से उपायुक्त सोलन और मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
कंपनी पर लगाया गया है 22 लाख रुपये का जुर्माना : बावा
हरदीप बावा ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी पर 22 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, लेकिन यदि इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कंपनी पर रोक नहीं लगी तो आसपास के गांवों से पलायन की स्थिति बन सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि 23 मार्च को होने वाले विरोध प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के पसालड़ा स्थित दवा उद्योग से हो रहे प्रदूषण के विरोध में जन आंदोलन तेज हो गया है। 23 मार्च को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर जन प्रतिनिधियों ने नालागढ़ शहर और आसपास के गांवों में लोगों को जागरूक किया और अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। पार्षद महेश गौतम, अमरेंद्र सिंह भिंडर, रडियाली पंचायत की पूर्व प्रधान ईंदू वैद्य, संघर्ष समिति के सदस्य धर्मेंद्र कुमार और हदीप सिंह बावा समेत कई लोगों ने शनिवार को विभिन्न पंचायतों में जाकर लोगों को कंपनी से हो रहे प्रदूषण के बारे में जानकारी दी। संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि दवा उद्योग से लगातार वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण फैल रहा है, जिससे क्षेत्र के हालात गंभीर हो रहे हैं। उनका कहना है कि उद्योग में रोजाना लाखों लीटर पानी की खपत हो रही है, जिससे भविष्य में जल स्रोत सूखने का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाम के समय कंपनी से जहरीली गैसें निकलती हैं, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। संघर्ष समिति के सदस्य धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर 23 मार्च को सौड़ी गांव से नालागढ़ तक विरोध मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद एसडीएम के माध्यम से उपायुक्त सोलन और मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
कंपनी पर लगाया गया है 22 लाख रुपये का जुर्माना : बावा
हरदीप बावा ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी पर 22 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, लेकिन यदि इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कंपनी पर रोक नहीं लगी तो आसपास के गांवों से पलायन की स्थिति बन सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि 23 मार्च को होने वाले विरोध प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें।
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