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Chamba News: पांगी में 300 किसानों को मिला 6 क्विंटल गेहूं का बीज
Fri, 31 Jul 2026 11:09 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:09 PM IST
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पांगी में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की पहल तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चला रहा है। विभिन्न पंचायतों में किसानों को प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है।
कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ नरेश कुमार नायक ने बताया कि विभाग प्राकृतिक खेती को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित कर रहा है। 29 जुलाई को पंचायत रेई और 30 जुलाई को पंचायत साच के गांव कुठल में जागरूकता शिविर हुए।
शिविरों में किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, जीवामृत, घनजीवामृत, बीज उपचार, जैविक पोषक तत्वों के उपयोग और रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि प्राकृतिक खेती अपनाकर कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है और मिट्टी की गुणवत्ता को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
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लगभग 300 किसानों को 6 क्विंटल गेहूं का बीज वितरित किया गया। नायक ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और पांगी जैसे जनजातीय क्षेत्रों में किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चला रहा है। विभिन्न पंचायतों में किसानों को प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है।
कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ नरेश कुमार नायक ने बताया कि विभाग प्राकृतिक खेती को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित कर रहा है। 29 जुलाई को पंचायत रेई और 30 जुलाई को पंचायत साच के गांव कुठल में जागरूकता शिविर हुए।
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शिविरों में किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, जीवामृत, घनजीवामृत, बीज उपचार, जैविक पोषक तत्वों के उपयोग और रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि प्राकृतिक खेती अपनाकर कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है और मिट्टी की गुणवत्ता को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
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लगभग 300 किसानों को 6 क्विंटल गेहूं का बीज वितरित किया गया। नायक ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और पांगी जैसे जनजातीय क्षेत्रों में किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।