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Chamba News: फाइलों की चुप्पी से दबा करोड़ों का खेल
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 30 Apr 2026 10:35 PM IST
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सवा करोड़ सेब पौधों की खरीद-फरोख्त की गड़बड़ी की जांच में अड़ंगा डाल रहा विभाग
बीडीओ कार्यालय तीसा को पुलिस ने भेजे सात बार रिमाइंडर, अभी तक नहीं मिला जवाब
इस मामले में अब तक पंचायत अधिकारी से लेकर पंचायत प्रतिनिधि हो चुके हैं गिरफ्तार
प्रवीण कुमार
चंबा। सनवाल पंचायत में सवा करोड़ सेब के पौधों की खरीद-फरोख्त की गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच में सरकारी विभाग की अड़ंगा डाल रहा है।
मनरेगा से संबंधित इस कार्य से जुड़े दस्तावेज और बिल की प्रतिलिपि मुहैया करवाने के लिए पुलिस खंड विकास अधिकारी कार्यालय तीसा को सात रिमांइडर भेज चुकी है लेकिन एक भी रिमाइंडर का जवाब उन्हें नहीं मिला है। ऐसा लगता है कि विभाग पुलिस को मामले के दस्तावेज उपलब्ध ही करवाना नहीं चाहता या फिर विभागीय अधिकारी पर रिकॉर्ड न देने को लेकर कोई दबाव है।
वर्ष 2022 में सवा करोड़ रुपये से पंचायत के सभी वार्डों में सेब के पौधे लगाने का कार्य स्वीकृत हुआ। इसमें सरकारी खाते से धनराशि को वेंडरों के खातों में जमा हो गई। धरातल पर पौधे लगे ही नहीं। पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलकर इसमें बड़ी गड़बड़ी कर डाली। मामले की शिकायत पहुंचते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने आठ लोगों को मामले में गिरफ्तार किया। इनमें पूर्व जिला परिषद सदस्य, पंचायत प्रधान, उपप्रधान, पंचायत सचिव, कनिष्ठ अभियंता और ग्राम रोजगार सेवक सहित अन्य शामिल हैं। वे मौजूदा समय में जमानत पर हैं। सरकारी कर्मचारी पदों से हट चुके हैं। अब पुलिस को मामले में आगामी जांच करना मुश्किल हो रहा है। संबंधित विभाग पुलिस को जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करवा रहा है।
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तत्कालीन बीडीओ को कर दिया था सस्पेंड
इस मामले में तत्कालीन बीडीओ को सरकार ने सस्पेंड कर दिया था। वह भटियात में बतौर बीडीओ सेवाएं दे रहे थे। उन्हें बहाल किया गया है या नहीं, इसको लेकर भी अभी तक किसी को जानकारी नहीं है।
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मामले में गिरफ्तार हो सकता है बड़ा अधिकारी
इस मामले में एक अन्य बड़ा अधिकारी गिरफ्तार हो सकता है। इसने लाखों रुपये के बिल बिना जांच-पड़ताल के पास किए हैं। ऐसे में अधिकारी भी पुलिस की जांच प्रक्रिया से बचने के लिए हर पैंतरा इस्तेमाल कर रहे हैं।
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बीडीओ कार्यालय से इस मामले से जुड़ा रिकॉर्ड मांगा है। अब तक भेजे रिमाइंडर में उन्हें रिकॉर्ड नहीं मिला है। अब दोबारा से रिमाइंडर भेजा जाएगा। - विजय सकलानी, पुलिस अधीक्षक
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बीडीओ कार्यालय तीसा को पुलिस ने भेजे सात बार रिमाइंडर, अभी तक नहीं मिला जवाब
इस मामले में अब तक पंचायत अधिकारी से लेकर पंचायत प्रतिनिधि हो चुके हैं गिरफ्तार
प्रवीण कुमार
चंबा। सनवाल पंचायत में सवा करोड़ सेब के पौधों की खरीद-फरोख्त की गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच में सरकारी विभाग की अड़ंगा डाल रहा है।
मनरेगा से संबंधित इस कार्य से जुड़े दस्तावेज और बिल की प्रतिलिपि मुहैया करवाने के लिए पुलिस खंड विकास अधिकारी कार्यालय तीसा को सात रिमांइडर भेज चुकी है लेकिन एक भी रिमाइंडर का जवाब उन्हें नहीं मिला है। ऐसा लगता है कि विभाग पुलिस को मामले के दस्तावेज उपलब्ध ही करवाना नहीं चाहता या फिर विभागीय अधिकारी पर रिकॉर्ड न देने को लेकर कोई दबाव है।
वर्ष 2022 में सवा करोड़ रुपये से पंचायत के सभी वार्डों में सेब के पौधे लगाने का कार्य स्वीकृत हुआ। इसमें सरकारी खाते से धनराशि को वेंडरों के खातों में जमा हो गई। धरातल पर पौधे लगे ही नहीं। पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलकर इसमें बड़ी गड़बड़ी कर डाली। मामले की शिकायत पहुंचते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
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पुलिस ने आठ लोगों को मामले में गिरफ्तार किया। इनमें पूर्व जिला परिषद सदस्य, पंचायत प्रधान, उपप्रधान, पंचायत सचिव, कनिष्ठ अभियंता और ग्राम रोजगार सेवक सहित अन्य शामिल हैं। वे मौजूदा समय में जमानत पर हैं। सरकारी कर्मचारी पदों से हट चुके हैं। अब पुलिस को मामले में आगामी जांच करना मुश्किल हो रहा है। संबंधित विभाग पुलिस को जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करवा रहा है।
तत्कालीन बीडीओ को कर दिया था सस्पेंड
इस मामले में तत्कालीन बीडीओ को सरकार ने सस्पेंड कर दिया था। वह भटियात में बतौर बीडीओ सेवाएं दे रहे थे। उन्हें बहाल किया गया है या नहीं, इसको लेकर भी अभी तक किसी को जानकारी नहीं है।
मामले में गिरफ्तार हो सकता है बड़ा अधिकारी
इस मामले में एक अन्य बड़ा अधिकारी गिरफ्तार हो सकता है। इसने लाखों रुपये के बिल बिना जांच-पड़ताल के पास किए हैं। ऐसे में अधिकारी भी पुलिस की जांच प्रक्रिया से बचने के लिए हर पैंतरा इस्तेमाल कर रहे हैं।
बीडीओ कार्यालय से इस मामले से जुड़ा रिकॉर्ड मांगा है। अब तक भेजे रिमाइंडर में उन्हें रिकॉर्ड नहीं मिला है। अब दोबारा से रिमाइंडर भेजा जाएगा। - विजय सकलानी, पुलिस अधीक्षक
