{"_id":"695fdecfbe5d47487d0d60b6","slug":"anganwadi-workers-roared-outside-the-deputy-commissioners-office-chamba-news-c-88-1-ssml1006-171490-2026-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: उपायुक्त कार्यालय के बाहर गरजीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: उपायुक्त कार्यालय के बाहर गरजीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 08 Jan 2026 10:58 PM IST
विज्ञापन
चंबा उपायुक्त कार्यालय गेट के पास अपनी विभिंन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन करती आंगनबाड़ी कार्
विज्ञापन
चंबा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्परों ने सीटू के बैनर तले उपायुक्त कार्यालय चंबा के बाहर वीरवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके उपरांत उपायुक्त के जरिये मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
सीटू के जिला महासचिव सुदेश ठाकुर ने बताया कि मंडी जिले के टारना वृत्त में 22 दिसंबर 2025 को पल्स पोलियो अभियान की ड्यूटी के दौरान गिरने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर्षा की मौत ने प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को झकझोर कर रख दिया है। कार्यकर्ताओं से जोखिमपूर्ण बहु विभागीय कार्य करवाए जा रहे हैं, लेकिन दुर्घटना या मृत्यु होने पर सरकार जिम्मेदारी लेने से बचती है। इससे पहले कुल्लू के सैंज क्षेत्र और जून 2024 में चंबा जिले में मीटिंग में जाते समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरला और श्रेष्ठा की मौतें भी इसी लापरवाह व्यवस्था की देन हैं।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न तो सुरक्षा उपकरण दिए जाते हैं, न बीमा, न जोखिम भत्ता और न ही सामाजिक सुरक्षा। इसके साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चार-चार महीनों तक वेतन रोके रखना आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ने का प्रयास है। उन्होंने मांग की है कि चार महीनों से लंबित केंद्र का वेतन और दिसंबर का राज्य का वेतन तुरंत जारी किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र इन मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश-भर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं हेल्पर यूनियन की अध्यक्ष सरोज, सचिव अंजू, कोषाध्यक्ष रजनी शर्मा और अनीता देवी सहित अन्य मौजूद रहे।
Trending Videos
सीटू के जिला महासचिव सुदेश ठाकुर ने बताया कि मंडी जिले के टारना वृत्त में 22 दिसंबर 2025 को पल्स पोलियो अभियान की ड्यूटी के दौरान गिरने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर्षा की मौत ने प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को झकझोर कर रख दिया है। कार्यकर्ताओं से जोखिमपूर्ण बहु विभागीय कार्य करवाए जा रहे हैं, लेकिन दुर्घटना या मृत्यु होने पर सरकार जिम्मेदारी लेने से बचती है। इससे पहले कुल्लू के सैंज क्षेत्र और जून 2024 में चंबा जिले में मीटिंग में जाते समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरला और श्रेष्ठा की मौतें भी इसी लापरवाह व्यवस्था की देन हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न तो सुरक्षा उपकरण दिए जाते हैं, न बीमा, न जोखिम भत्ता और न ही सामाजिक सुरक्षा। इसके साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चार-चार महीनों तक वेतन रोके रखना आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ने का प्रयास है। उन्होंने मांग की है कि चार महीनों से लंबित केंद्र का वेतन और दिसंबर का राज्य का वेतन तुरंत जारी किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र इन मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश-भर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं हेल्पर यूनियन की अध्यक्ष सरोज, सचिव अंजू, कोषाध्यक्ष रजनी शर्मा और अनीता देवी सहित अन्य मौजूद रहे।