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Chamba News: किसान सम्मान निधि के लिए ई-केवाईसी करवाना बना गले की फांस
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:07 PM IST
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चंबा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए ई-केवाईसी का काम करवाना किसानों के गले की फांस बनता जा रहा है। लोकमित्र केंद्रों के बार-बार चक्कर काटने के बाद भी किसानों के आधार कार्ड नंबर और फोन नंबर समेत अन्य डाटा तक अपडेट नहीं हो पा रहा है। इससे घंटों इंतजार के बाद भी किसानों को मायूस होकर घरों को लौटना पड़ रहा है।
ऐसे में किसान सरकार और प्रशासन को कोसते नजर आ रहे हैं। कई ग्रामीण इलाकों में सर्वर डाउन रहने के कारण ई-केवाईसी का काम बाधित हो रहा है। पीएम किसान निधि सम्मान योजना के तहत किस्त के लिए सरकार ने ई-केवाईसी भी अनिवार्य की है। इसके बिना 1 अप्रैल 2026 के बाद सम्मान निधि रुक सकती है।
लिहाजा ई-केवाईसी का काम किसानों की चिंताएं बढ़ा रहा है। अंगूठे के निशान मैच न होने के कारण वृद्ध किसानों को सीएससी केंद्रों पर कठिनाई हो रही है। किसान विजय कुमार, सुनील कुमार, देश राज और राज कुमार ने बताया कि लोक मित्र केंद्र, साइबर कैफे में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केवाईसी करवाने के लिए करीब सात से आठ किलोमीटर का सफर तय करके पहुंचना पड़ता है, लेकिन लोक मित्र केंद्र या साइबर कैफे में जाकर भी डाटा कंप्यूटर में अपडेट नहीं हो पा रहा है। इससे उन्हें मानसिक तौर पर परेशान होना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए मोबाइल नंबर अपडेट न होने से उन्हें दो दिन से लोकमित्र केंद्र के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। प्रेम सिंह, किसान
आठ से दस किलोमीटर का सफर तय कर लोकमित्र केंद्र और साइबर कैफे में पहुंचने पर उन्हें निराश होकर ही वापस लौटना पड़ा है। उमेश कुमार, किसान
सरकार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए मोबाइल, आधार और अन्य दस्तावेज अपडेट नहीं हो रहे हैं। संजू, किसान
बुजुर्गों के अंगूठों के निशान तक न लगने से उन्हें परेशानियां उठानी पड़ रही है। बार-बार साइबर कैफे और लोकमित्र केंद्रों के चक्करों से थक गए हैं। ताज बीबी, महिला
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ऐसे में किसान सरकार और प्रशासन को कोसते नजर आ रहे हैं। कई ग्रामीण इलाकों में सर्वर डाउन रहने के कारण ई-केवाईसी का काम बाधित हो रहा है। पीएम किसान निधि सम्मान योजना के तहत किस्त के लिए सरकार ने ई-केवाईसी भी अनिवार्य की है। इसके बिना 1 अप्रैल 2026 के बाद सम्मान निधि रुक सकती है।
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लिहाजा ई-केवाईसी का काम किसानों की चिंताएं बढ़ा रहा है। अंगूठे के निशान मैच न होने के कारण वृद्ध किसानों को सीएससी केंद्रों पर कठिनाई हो रही है। किसान विजय कुमार, सुनील कुमार, देश राज और राज कुमार ने बताया कि लोक मित्र केंद्र, साइबर कैफे में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केवाईसी करवाने के लिए करीब सात से आठ किलोमीटर का सफर तय करके पहुंचना पड़ता है, लेकिन लोक मित्र केंद्र या साइबर कैफे में जाकर भी डाटा कंप्यूटर में अपडेट नहीं हो पा रहा है। इससे उन्हें मानसिक तौर पर परेशान होना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए मोबाइल नंबर अपडेट न होने से उन्हें दो दिन से लोकमित्र केंद्र के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। प्रेम सिंह, किसान
आठ से दस किलोमीटर का सफर तय कर लोकमित्र केंद्र और साइबर कैफे में पहुंचने पर उन्हें निराश होकर ही वापस लौटना पड़ा है। उमेश कुमार, किसान
सरकार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए मोबाइल, आधार और अन्य दस्तावेज अपडेट नहीं हो रहे हैं। संजू, किसान
बुजुर्गों के अंगूठों के निशान तक न लगने से उन्हें परेशानियां उठानी पड़ रही है। बार-बार साइबर कैफे और लोकमित्र केंद्रों के चक्करों से थक गए हैं। ताज बीबी, महिला