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Chamba News: गोताखोरों ने देखा वाहन, चालक का नहीं मिला निशान
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 31 May 2026 11:09 PM IST
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चमेरा जलाश्य में बॉट के जरिए लापता की तलाश में जुटे गोताखोर।जागरूक पाठक
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क्रेन के जरिये वाहन निकालते समय टूटा क्रेन का स्लिंग, दोबारा जलाशय में गिरा वाहन
नूरपुर से पहुंची टीम ने घटनास्थल से एकत्रित किए साक्ष्य, रिपोर्ट खोल सकती है कई राज
सोमवार सुबह एक बार फिर से चालक की तलाश में चलाया जाएगा अब सर्च ऑपरेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। चमेरा बांध के जलाशय में पिकअप वाहन गिरने की आशंका के बीच रविवार को प्रशासन ने सुबह 8 बजे से संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया।
अभियान के दौरान एनएचपीसी के गोताखोरों ने जलाशय में उतरकर दुर्घटनाग्रस्त वाहन और उसके चालक तौफिक की तलाश की। दिनभर की मशक्कत के बावजूद चालक का कोई पता नहीं चल पाया।
लापता युवक के भाई शहजाद ने बताया कि तौफीक शुक्रवार शाम अपने घर से पिकअप वाहन लेकर पठानकोट के लिए निकला था। इसके बाद वह रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजनों ने आशंका जताई थी कि वाहन चमेरा जलाशय में गिराया गया है। उन्होंने मामले में किसी साजिश से भी इन्कार नहीं किया। परिजनों का आरोप है कि चालक की चप्पल और वाहन की स्टेपनी घटनास्थल से करीब 100 मीटर पहले सड़क किनारे मिली थी। इसकी पहचान चालक के बड़े भाई ने की थी।
रविवार को चलाए गए रेस्क्यू अभियान के दौरान गोताखोरों ने प्रारंभिक सूचना दी कि चालक का शव वाहन के अंदर फंसा है। हालांकि, जब वाहन को पानी से ऊपर लाया गया और उसकी तलाशी ली गई तो उसमें कोई चालक मौजूद नहीं मिला। वाहन में रखे कपड़ों को देखकर चालक के अंदर फंसे होने का भ्रम पैदा हुआ था। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जलाशय से बाहर निकालने के लिए एनएचपीसी की बड़ी हाइड्रा क्रेन की मदद ली गई लेकिन जैसे ही वाहन को सड़क के पास लाया जा रहा था। अचानक से क्रेन का स्लिंग अचानक टूट गया। इसके चलते वाहन दोबारा जलाशय में समा गया जिससे राहत एवं बचाव कार्य को बड़ा झटका लगा। जिस वजह से खोज अभियान में भी चालक तौफिक का कोई सुराग नहीं मिल पाया। आशंका जताई जा रही है कि चालक का शव जलाशय के तल में जमा सिल्ट में दब गया हो सकता है। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले भी जलाशय से वर्षों पहले गिरे वाहनों के अवशेष और मानव कंकाल बरामद किए गए थे।
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उपमंडल अधिकारी डलहौजी अनिल भारद्वाज ने बताया कि रविवार को चलाए रेस्क्यू अभियान में चालक का शव नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि वाहन का पता लगा लिया गया था लेकिन क्रेन का स्लिंग टूटने के कारण वह फिर से जलाशय में समा गया। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां चालक की तलाश के लिए आगे भी अभियान जारी रखेंगी।
-- पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि चमेरा जलाशय में चलाए गए रेस्क्यू अभियान में शव बरामद नहीं हो पाया है। वाहन की खिड़कियां खुली होने से शव जलाशय में बह सकता है। अब सोमवार को फिर से रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। वहीं, नूरपुर से पहुंची फोरेसिंक टीम ने घटना स्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्रित कर लिए हैं। इसकी रिपोर्ट के बाद भी कई अटकलों से पर्दा उठ जाएगा।
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नूरपुर से पहुंची टीम ने घटनास्थल से एकत्रित किए साक्ष्य, रिपोर्ट खोल सकती है कई राज
सोमवार सुबह एक बार फिर से चालक की तलाश में चलाया जाएगा अब सर्च ऑपरेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। चमेरा बांध के जलाशय में पिकअप वाहन गिरने की आशंका के बीच रविवार को प्रशासन ने सुबह 8 बजे से संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया।
अभियान के दौरान एनएचपीसी के गोताखोरों ने जलाशय में उतरकर दुर्घटनाग्रस्त वाहन और उसके चालक तौफिक की तलाश की। दिनभर की मशक्कत के बावजूद चालक का कोई पता नहीं चल पाया।
लापता युवक के भाई शहजाद ने बताया कि तौफीक शुक्रवार शाम अपने घर से पिकअप वाहन लेकर पठानकोट के लिए निकला था। इसके बाद वह रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजनों ने आशंका जताई थी कि वाहन चमेरा जलाशय में गिराया गया है। उन्होंने मामले में किसी साजिश से भी इन्कार नहीं किया। परिजनों का आरोप है कि चालक की चप्पल और वाहन की स्टेपनी घटनास्थल से करीब 100 मीटर पहले सड़क किनारे मिली थी। इसकी पहचान चालक के बड़े भाई ने की थी।
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रविवार को चलाए गए रेस्क्यू अभियान के दौरान गोताखोरों ने प्रारंभिक सूचना दी कि चालक का शव वाहन के अंदर फंसा है। हालांकि, जब वाहन को पानी से ऊपर लाया गया और उसकी तलाशी ली गई तो उसमें कोई चालक मौजूद नहीं मिला। वाहन में रखे कपड़ों को देखकर चालक के अंदर फंसे होने का भ्रम पैदा हुआ था। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जलाशय से बाहर निकालने के लिए एनएचपीसी की बड़ी हाइड्रा क्रेन की मदद ली गई लेकिन जैसे ही वाहन को सड़क के पास लाया जा रहा था। अचानक से क्रेन का स्लिंग अचानक टूट गया। इसके चलते वाहन दोबारा जलाशय में समा गया जिससे राहत एवं बचाव कार्य को बड़ा झटका लगा। जिस वजह से खोज अभियान में भी चालक तौफिक का कोई सुराग नहीं मिल पाया। आशंका जताई जा रही है कि चालक का शव जलाशय के तल में जमा सिल्ट में दब गया हो सकता है। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले भी जलाशय से वर्षों पहले गिरे वाहनों के अवशेष और मानव कंकाल बरामद किए गए थे।
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