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Chamba News: पहाड़ की गोद में बिखर गईं दो परिवारों की खुशियां
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 31 May 2026 11:08 PM IST
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चंबा में कालाबन के पास पांगी मार्ग पर हादसे के बाद शवों को रेस्क्यू करती टीम।संवाद
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कालाबन के पास सड़क के साथ गिरे पेड़ के कारण चालक टैक्सी वाहन से खो बैठा नियंत्रण
800 मीटर खाई में जा गिरा वाहन, बनीखेत के चालक समेत सात पर्यटक बने काल का ग्रास
मजदूरों ने खाई में सैलानियों के शव देख बैरागढ़ स्थित सुरक्षा चौकी में दी हादसे की सूचना
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। घने कोहरे, लगातार बरसती बारिश और पहाड़ से गिरे एक पेड़ ने कुछ ही पलों में सात जिंदगियों का सफर हमेशा के लिए थाम दिया।
हिमाचल की वादियों में घूमने निकले कर्नाटक और बंगलूरू के दो परिवारों को क्या पता था कि सचे जोत की खूबसूरती देखने की उनकी यात्रा आखिरी बन जाएगी। 800 मीटर गहरी खाई में गिरी टैक्सी ने ऐसा दर्दनाक मंजर छोड़ा जिसे देखने वालों की भी रूह कांप उठी।
बारिश, धुंध और कालाबन के समीप सड़क के साथ पेड़ गिरा होने से चालक टैक्सी वाहन से नियंत्रण खो बैठा। इससे वाहन अनियंत्रित होकर करीब 800 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में चालक समेत कर्नाटक और बंगलूरू के दो परिवारों के 7 लोगों की मौत हो गई। शनिवार को दोपहर बाद शाम करीब पांच बजे कालाबन के समीप पेड़ की कटाई कर रहे मजदूरों को खाई में कौओं का झुंड दिखा। उन्होंने देखा तो वहां शव पड़े थे। मजदूरों ने बैरागढ़ सुरक्षा चौकी पहुंचकर जवानों और पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घुप अंधेरा होने के कारण रात को गहरी खाई में उतरने की कोई संभावना न होने पर पुलिस ने रविवार को पर्यटकों के शव रेस्क्यू करने का निर्णय लिया।
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चार घंटे की मशक्कत के बाद खाई से निकाले शव
पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी की अगुवाई में पुलिस, गृहरक्षकों, एसडीआरएफ और ग्रामीणों की मदद से सुबह 8 बजे रेस्क्यू अभियान शुरू किया। रेस्क्यू अभियान चार घंटे चला। पर्यटकों और चालक के शवों को खाई से रस्सी और स्ट्रेचर के सहारे निकाला गया। शव मेडिकल कॉलेज चंबा स्थित मोर्चरी में रखे गए हैं। मृतकों के परिवारों को सूचित कर दिया है। चालक के पिता ने बेटे के शव की पहचान की। पोस्टमार्टम के बाद चालक का शव परिजनों के सौंपा गया।
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डलहौजी से घूमने के लिए सचे जोत गए थे पर्यटक
29 मई को बंगलूरू और कर्नाटक से पर्यटक अरविंद चंद्राकर निवासी (फ्लैट संख्या-001) कादूगड़ी बंगलूरू, प्राची पत्नी अरविंद चंद्राकर, बेटा दर्श, अक्षद, निवासी बेंगलुरु और पीजी कार्तिकेयन निवासी व्हाइट फील्ड कर्नाटक सिंफनी, मणिमाला बिना पत्नी पीजी कार्तिकेयन, नंदन पुत्र पीजी कार्तिकेयन डलहौजी में टैक्सी में बनीखेत के चालक विश्वास के साथ सचे जोत घूमने के लिए निकले। कालाबन के पास हादसा हो गया। वाहन मालिक को टैक्सी चालक के वापस न आने पर अनहोनी होने की आशंका हुई। उन्होंने जीपीएस ट्रैकर से गाड़ी की लोकेशन का पता लगाया। पुलिस को भी सूचित किया। कालाबन के समीप मजदूरों ने खाई में शव देखे तो बैरागढ़ सुरक्षा चौकी में सूचना दी।
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टैक्सी मालिक और मजदूरों ने पुलिस को सूचित किया। रविवार को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर खाई से पर्यटकों के शव निकाले गए। मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया है। उनके आने पर ही पोस्टमार्टम होगा। चालक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। - विजय सकलानी, पुलिस अधीक्षक
800 मीटर खाई में जा गिरा वाहन, बनीखेत के चालक समेत सात पर्यटक बने काल का ग्रास
मजदूरों ने खाई में सैलानियों के शव देख बैरागढ़ स्थित सुरक्षा चौकी में दी हादसे की सूचना
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। घने कोहरे, लगातार बरसती बारिश और पहाड़ से गिरे एक पेड़ ने कुछ ही पलों में सात जिंदगियों का सफर हमेशा के लिए थाम दिया।
हिमाचल की वादियों में घूमने निकले कर्नाटक और बंगलूरू के दो परिवारों को क्या पता था कि सचे जोत की खूबसूरती देखने की उनकी यात्रा आखिरी बन जाएगी। 800 मीटर गहरी खाई में गिरी टैक्सी ने ऐसा दर्दनाक मंजर छोड़ा जिसे देखने वालों की भी रूह कांप उठी।
बारिश, धुंध और कालाबन के समीप सड़क के साथ पेड़ गिरा होने से चालक टैक्सी वाहन से नियंत्रण खो बैठा। इससे वाहन अनियंत्रित होकर करीब 800 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में चालक समेत कर्नाटक और बंगलूरू के दो परिवारों के 7 लोगों की मौत हो गई। शनिवार को दोपहर बाद शाम करीब पांच बजे कालाबन के समीप पेड़ की कटाई कर रहे मजदूरों को खाई में कौओं का झुंड दिखा। उन्होंने देखा तो वहां शव पड़े थे। मजदूरों ने बैरागढ़ सुरक्षा चौकी पहुंचकर जवानों और पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घुप अंधेरा होने के कारण रात को गहरी खाई में उतरने की कोई संभावना न होने पर पुलिस ने रविवार को पर्यटकों के शव रेस्क्यू करने का निर्णय लिया।
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चार घंटे की मशक्कत के बाद खाई से निकाले शव
पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी की अगुवाई में पुलिस, गृहरक्षकों, एसडीआरएफ और ग्रामीणों की मदद से सुबह 8 बजे रेस्क्यू अभियान शुरू किया। रेस्क्यू अभियान चार घंटे चला। पर्यटकों और चालक के शवों को खाई से रस्सी और स्ट्रेचर के सहारे निकाला गया। शव मेडिकल कॉलेज चंबा स्थित मोर्चरी में रखे गए हैं। मृतकों के परिवारों को सूचित कर दिया है। चालक के पिता ने बेटे के शव की पहचान की। पोस्टमार्टम के बाद चालक का शव परिजनों के सौंपा गया।
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29 मई को बंगलूरू और कर्नाटक से पर्यटक अरविंद चंद्राकर निवासी (फ्लैट संख्या-001) कादूगड़ी बंगलूरू, प्राची पत्नी अरविंद चंद्राकर, बेटा दर्श, अक्षद, निवासी बेंगलुरु और पीजी कार्तिकेयन निवासी व्हाइट फील्ड कर्नाटक सिंफनी, मणिमाला बिना पत्नी पीजी कार्तिकेयन, नंदन पुत्र पीजी कार्तिकेयन डलहौजी में टैक्सी में बनीखेत के चालक विश्वास के साथ सचे जोत घूमने के लिए निकले। कालाबन के पास हादसा हो गया। वाहन मालिक को टैक्सी चालक के वापस न आने पर अनहोनी होने की आशंका हुई। उन्होंने जीपीएस ट्रैकर से गाड़ी की लोकेशन का पता लगाया। पुलिस को भी सूचित किया। कालाबन के समीप मजदूरों ने खाई में शव देखे तो बैरागढ़ सुरक्षा चौकी में सूचना दी।
टैक्सी मालिक और मजदूरों ने पुलिस को सूचित किया। रविवार को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर खाई से पर्यटकों के शव निकाले गए। मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया है। उनके आने पर ही पोस्टमार्टम होगा। चालक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। - विजय सकलानी, पुलिस अधीक्षक