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Chamba News: उपमंडल के मुख्यालयों, बस और टैक्सी स्टैंड पर जांचीं जाए चालकों की आंखें
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 27 Jan 2026 10:36 PM IST
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चंबा। जिले के सभी उपमंडल मुख्यालयों, बस और टैक्सी स्टैंड इत्यादि प्रमुख स्थानों पर नेत्र जांच के लिए विशेष शिविर आयोजित कर चालकों की आंखें जांच की जाए। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को यह निर्देश जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने दिए।
बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत जिले में संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उपायुक्त ने इसके साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान आरंभ करने को भी कहा।
मुकेश रेपसवाल ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहन दुर्घटना की स्थिति में घायलों की तत्परता से सहायता करने वाले नागरिकों (राहवीरों) के नाम फर्स्ट रिपोर्ट में अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएं,जिससे उन्हें उचित सम्मान और पहचान मिल सके।
उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को ओवरलोडिंग के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने और नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही हिट एंड रन मामलों में पीड़ितों को कैशलेस उपचार और प्रावधानों के अनुसार गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये एवं मृत्यु की स्थिति में परिजनों को दो लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान करने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित बनाई जाए। उपायुक्त ने जिले में दुर्घटना मृत्यु दर संबंधित आंकड़ों पर समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को इनमें कमी लाने के लिए ठोस और बहुस्तरीय उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता ही दुर्घटनाओं में कमी लाने और अनमोल जीवन की रक्षा का प्रभावी माध्यम है।
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बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत जिले में संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उपायुक्त ने इसके साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान आरंभ करने को भी कहा।
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मुकेश रेपसवाल ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहन दुर्घटना की स्थिति में घायलों की तत्परता से सहायता करने वाले नागरिकों (राहवीरों) के नाम फर्स्ट रिपोर्ट में अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएं,जिससे उन्हें उचित सम्मान और पहचान मिल सके।
उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को ओवरलोडिंग के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने और नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही हिट एंड रन मामलों में पीड़ितों को कैशलेस उपचार और प्रावधानों के अनुसार गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये एवं मृत्यु की स्थिति में परिजनों को दो लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान करने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित बनाई जाए। उपायुक्त ने जिले में दुर्घटना मृत्यु दर संबंधित आंकड़ों पर समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को इनमें कमी लाने के लिए ठोस और बहुस्तरीय उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता ही दुर्घटनाओं में कमी लाने और अनमोल जीवन की रक्षा का प्रभावी माध्यम है।