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Chamba News: वादों पर धूल... नींव लगने से पहले उग आई नाकामी
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 17 Jun 2026 10:46 PM IST
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चंबा मिनी सचिवालय के निर्माण स्थल पर जंग खा रहा सरिया।संवाद
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करोड़ों से बनने वाले मिनी सचिवालय की जमीन पर लहलहा रहे भांग के पौधे
एक साल बाद भी कागजों में ही घूम रहा विकास, सरिया भी खा रहा जंग
एक छत के नीचे सभी विभागों की सेवाएं पाने के लिए करना पड़ेगा इंतजार
प्रवीण कुमार
चंबा। जिस जमीन पर सरकारी दफ्तरों की घंटियां गूंजनी थीं, वहां आज भांग के पौधे लहलहा रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले मिनी सचिवालय का काम शिलान्यास के एक साल बाद भी कागजों से बाहर नहीं निकल पाया है।
निर्माण सामग्री खुले आसमान के नीचे जंग खा रही है। लोगों को एक छत के नीचे सरकारी सेवाएं मिलने का सपना अधूरा पड़ा है। एक साल में नींव का एक पत्थर तक नहीं लगा जबकि दो वर्षों में इसका निर्माण पूरा करने की योजना थी।
निर्माण के लिए ठेकेदार ने सरिया रखा है, वह भी जंग खाने लगा है। भवन निर्माण की पहले जो ड्राइंग बनाई थी, उसमें बदलाव किया गया है। यह अभी मंजूरी के लिए सरकार के पास गई है। सदर के विधायक सहित अन्य नेताओं ने शिलान्यास के मौके पर बड़ी-बड़ी बातें की थीं लेकिन एक साल से ठप पड़े कार्य की समीक्षा करने की किसी ने जहमत नहीं उठाई। इस भवन की छत के नीचे लोगों को सभी सरकारी विभागों की सुविधा मिलनी थी।
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निर्माण स्थल पर भांग के पौधे लहलहा रहे हैं। जमीन की कटिंग करने के लिए पोकलेन मशीन तो खड़ी है लेकिन उसे चलाया नहीं जा रहा। न लोक निर्माण विभाग का कोई कर्मचारी मिला और न नहीं संबंधित ठेकेदार की लेबर काम करती दिखी। यह कार्य कब शुरू होगा और कब खत्म, इसको लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।
निर्माण कार्य अभी शुरू ही हुआ था कि वहां लूज मैटीरियल निकल आया। इसके ऊपर भवन की नींव बनाना मुश्किल था। ऐसे में विभाग ने नई ड्राइंग बनाने का फैसला लिया। पहले इस कार्य पर 35 करोड़ की धनराशि खर्च होने का अनुमान था। अब इसमें दो से तीन करोड़ की वृद्धि हो सकती है।
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नई ड्राइंग की अनुमति अंतिम चरण में है। दस दिन में निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। विभाग के पास साढ़े छह करोड़ रुपये जमा है। बाकी की धनराशि भी जल्द जारी हो सकती है। - दिनेश कुमार, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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परिचर्चा
दो सालों में जिस भवन का तैयार हो जाना चाहिए था वहां अभी तक एक इंच कार्य नहीं किया गया है। - सोनू
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दूरदराज क्षेत्र के लोगों को सरकारी कार्यालय का चक्कर काटते पूरा दिन निकल जाता है। मिनी सचिवालय बनना जरूरी है। - नील सिंह
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विभाग को निर्माण स्थल पर पहले ही सारी औपचारिकताएं कर लेनी चाहिए थी ताकि लोगों को यह परेशानी न झेलनी पड़ती। - मनु ठाकुर
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एक साल बाद भी कागजों में ही घूम रहा विकास, सरिया भी खा रहा जंग
एक छत के नीचे सभी विभागों की सेवाएं पाने के लिए करना पड़ेगा इंतजार
प्रवीण कुमार
चंबा। जिस जमीन पर सरकारी दफ्तरों की घंटियां गूंजनी थीं, वहां आज भांग के पौधे लहलहा रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले मिनी सचिवालय का काम शिलान्यास के एक साल बाद भी कागजों से बाहर नहीं निकल पाया है।
निर्माण सामग्री खुले आसमान के नीचे जंग खा रही है। लोगों को एक छत के नीचे सरकारी सेवाएं मिलने का सपना अधूरा पड़ा है। एक साल में नींव का एक पत्थर तक नहीं लगा जबकि दो वर्षों में इसका निर्माण पूरा करने की योजना थी।
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निर्माण के लिए ठेकेदार ने सरिया रखा है, वह भी जंग खाने लगा है। भवन निर्माण की पहले जो ड्राइंग बनाई थी, उसमें बदलाव किया गया है। यह अभी मंजूरी के लिए सरकार के पास गई है। सदर के विधायक सहित अन्य नेताओं ने शिलान्यास के मौके पर बड़ी-बड़ी बातें की थीं लेकिन एक साल से ठप पड़े कार्य की समीक्षा करने की किसी ने जहमत नहीं उठाई। इस भवन की छत के नीचे लोगों को सभी सरकारी विभागों की सुविधा मिलनी थी।
निर्माण स्थल पर भांग के पौधे लहलहा रहे हैं। जमीन की कटिंग करने के लिए पोकलेन मशीन तो खड़ी है लेकिन उसे चलाया नहीं जा रहा। न लोक निर्माण विभाग का कोई कर्मचारी मिला और न नहीं संबंधित ठेकेदार की लेबर काम करती दिखी। यह कार्य कब शुरू होगा और कब खत्म, इसको लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।
निर्माण कार्य अभी शुरू ही हुआ था कि वहां लूज मैटीरियल निकल आया। इसके ऊपर भवन की नींव बनाना मुश्किल था। ऐसे में विभाग ने नई ड्राइंग बनाने का फैसला लिया। पहले इस कार्य पर 35 करोड़ की धनराशि खर्च होने का अनुमान था। अब इसमें दो से तीन करोड़ की वृद्धि हो सकती है।
नई ड्राइंग की अनुमति अंतिम चरण में है। दस दिन में निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। विभाग के पास साढ़े छह करोड़ रुपये जमा है। बाकी की धनराशि भी जल्द जारी हो सकती है। - दिनेश कुमार, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग
परिचर्चा
दो सालों में जिस भवन का तैयार हो जाना चाहिए था वहां अभी तक एक इंच कार्य नहीं किया गया है। - सोनू
दूरदराज क्षेत्र के लोगों को सरकारी कार्यालय का चक्कर काटते पूरा दिन निकल जाता है। मिनी सचिवालय बनना जरूरी है। - नील सिंह
विभाग को निर्माण स्थल पर पहले ही सारी औपचारिकताएं कर लेनी चाहिए थी ताकि लोगों को यह परेशानी न झेलनी पड़ती। - मनु ठाकुर

चंबा मिनी सचिवालय के निर्माण स्थल पर जंग खा रहा सरिया।संवाद