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Chamba News: विवाद लंबित रहने तक न नौकरी जाएगी, न होगा तबादला
Mon, 29 Jun 2026 10:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 29 Jun 2026 10:17 AM IST
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में चल रहे औद्योगिक विवाद के बीच आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी और स्थानांतरण को लेकर फैली आशंकाओं पर जिला श्रम विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
विभाग ने कहा है कि विवाद के लंबित रहने तक किसी भी कर्मचारी की सेवा समाप्त करने या उसे दूसरे जिले में स्थानांतरित करने की अनुमति कानून के तहत नहीं है।
हाल ही में ड्यूटी रोस्टर में किए गए बदलाव के बाद मेडिकल कॉलेज में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के बीच नौकरी जाने और अन्य जिलों में तबादले की चर्चाएं तेज हो गई थीं। इससे कर्मचारियों में असमंजस और चिंता का माहौल बना हुआ था।
जिला श्रम अधिकारी एवं समझौता अधिकारी अनुराग शर्मा ने बताया कि औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 33 के तहत किसी भी औद्योगिक विवाद के लंबित रहने की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी कर्मचारी की सेवा समाप्त नहीं की जा सकती और न ही उसका स्थानांतरण किया जा सकता है।
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कुछ दिन पहले मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक महिला सफाई कर्मचारी ने ठेकेदार और एक अन्य व्यक्ति पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। इसके बाद चंबा मेडिकल कॉलेज हेल्थ एंड सेनिटेशन वर्कर्स यूनियन (सीटू) ने इस मामले को जिला श्रम अधिकारी के समक्ष उठाया था।
शिकायत मिलने के बाद श्रम विभाग ने सभी संबंधित पक्षों की बैठक बुलाकर मामले में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए। जिला श्रम अधिकारी ने कर्मचारियों से किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करने और मेडिकल कॉलेज में औद्योगिक शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
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विभाग ने कहा है कि विवाद के लंबित रहने तक किसी भी कर्मचारी की सेवा समाप्त करने या उसे दूसरे जिले में स्थानांतरित करने की अनुमति कानून के तहत नहीं है।
हाल ही में ड्यूटी रोस्टर में किए गए बदलाव के बाद मेडिकल कॉलेज में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के बीच नौकरी जाने और अन्य जिलों में तबादले की चर्चाएं तेज हो गई थीं। इससे कर्मचारियों में असमंजस और चिंता का माहौल बना हुआ था।
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जिला श्रम अधिकारी एवं समझौता अधिकारी अनुराग शर्मा ने बताया कि औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 33 के तहत किसी भी औद्योगिक विवाद के लंबित रहने की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी कर्मचारी की सेवा समाप्त नहीं की जा सकती और न ही उसका स्थानांतरण किया जा सकता है।
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कुछ दिन पहले मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक महिला सफाई कर्मचारी ने ठेकेदार और एक अन्य व्यक्ति पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। इसके बाद चंबा मेडिकल कॉलेज हेल्थ एंड सेनिटेशन वर्कर्स यूनियन (सीटू) ने इस मामले को जिला श्रम अधिकारी के समक्ष उठाया था।
शिकायत मिलने के बाद श्रम विभाग ने सभी संबंधित पक्षों की बैठक बुलाकर मामले में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए। जिला श्रम अधिकारी ने कर्मचारियों से किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करने और मेडिकल कॉलेज में औद्योगिक शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की।