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Chamba News: दस साल बाद भी 33 स्कूलों को नहीं मिला अपना भवन
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 08 Feb 2026 09:54 PM IST
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चंबा। एक तरफ प्रदेश सरकार बेहतर शिक्षा के दावे कर रही है, वहीं जिले के 33 प्राइमरी और मिडिल सरकाररी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है। इनमें अधिकांश स्कूल 10 वर्षों से संचालित हैं। बच्चों की कम संख्या और स्कूलों की जमीन विभाग के नाम न होने को भवन न मिलने का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
हालात ऐसे हैं कि इन स्कूल में पढ़ाई निजी भवनों में हो रही है। जानकारी के मुताबिक शिक्षा खंड मैहला द्वितीय के तहत प्राइमरी स्कूल गुवाड़ी, भुज्जा, साहलूंई, बंगबेई और खग्गा के पास अपने भवन नहीं हैं।
इसी तरह शिक्षा खंड चंबा प्रथम के धनोटी, तड़ोल और लोअर धरेड़ी, शिक्षा खंड मैहला प्रथम के तहत टाटरी और टिकरू, गैहरा के दुनाली, कठवाड़ा, चड़ासा, मुंधारा सहित शिक्षा खंड पांगी के तहत प्राइमरी स्कूल पुष्पास चस्क को अपना भवन नसीब नहीं हो पाया।
वहीं, कल्हेल खंड के तहत भटियोता और खंडे, तीसा का कठला, कियाणी के खंढरखा, बन्नू बियोड़, सुड़ला के सलोह और शिक्षा खंड सलूणी के तहत हिमगिरी स्कूल के पास अपना भवन नहीं है।
मिडिल स्कूलों की बात करें बैली, ककला, कुड़थला, धामग्रां, ऑयल, परेल, अंदवास, लक्कड़मंडी और लेच स्कूल निजी भवनों में चल रहे हैं।
इस संबंध में विशेष कार्य अधिकारी उमाकांत आनंद ने बताया कि कुछ आपत्तियों के कारण स्कूलों को भवन नहीं मिल पाया है। विभाग इन स्कूलों के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और कुछ स्कूलों के लिए भवन निर्माण की राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है।
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हालात ऐसे हैं कि इन स्कूल में पढ़ाई निजी भवनों में हो रही है। जानकारी के मुताबिक शिक्षा खंड मैहला द्वितीय के तहत प्राइमरी स्कूल गुवाड़ी, भुज्जा, साहलूंई, बंगबेई और खग्गा के पास अपने भवन नहीं हैं।
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इसी तरह शिक्षा खंड चंबा प्रथम के धनोटी, तड़ोल और लोअर धरेड़ी, शिक्षा खंड मैहला प्रथम के तहत टाटरी और टिकरू, गैहरा के दुनाली, कठवाड़ा, चड़ासा, मुंधारा सहित शिक्षा खंड पांगी के तहत प्राइमरी स्कूल पुष्पास चस्क को अपना भवन नसीब नहीं हो पाया।
वहीं, कल्हेल खंड के तहत भटियोता और खंडे, तीसा का कठला, कियाणी के खंढरखा, बन्नू बियोड़, सुड़ला के सलोह और शिक्षा खंड सलूणी के तहत हिमगिरी स्कूल के पास अपना भवन नहीं है।
मिडिल स्कूलों की बात करें बैली, ककला, कुड़थला, धामग्रां, ऑयल, परेल, अंदवास, लक्कड़मंडी और लेच स्कूल निजी भवनों में चल रहे हैं।
इस संबंध में विशेष कार्य अधिकारी उमाकांत आनंद ने बताया कि कुछ आपत्तियों के कारण स्कूलों को भवन नहीं मिल पाया है। विभाग इन स्कूलों के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और कुछ स्कूलों के लिए भवन निर्माण की राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है।