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Chamba News: जंगल की आग के धुएं में गुम हुआ हाईवे, दो घंटे में पूरा वन क्षेत्र राख
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 10 Jun 2026 10:31 AM IST
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चंबा में कांदू के पास एनएच किनारे भड़की जंगल की आग के बीच से गुजरता वाहन चालक।संवाद
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चनेड़/सरोल (चंबा)। जिले को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग मंगलवार को कुछ घंटों के लिए जंगल की आग और धुएं की चपेट में आ गया। कांदू के समीप जंगल में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और दो घंटे के भीतर बड़े वन क्षेत्र को राख कर दिया। हालात ऐसे बन गए कि हाईवे धुएं के गुबार में ओझल हो गया और वाहन चालकों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ा।
मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे कांदू क्षेत्र में जंगल की निचली ढलानों से आग की लपटें उठनी शुरू हुईं। देखते ही देखते आग ने तेजी से फैलते हुए अपना दायरा बढ़ा लिया। दोपहर 12 बजे तक आग राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे तक पहुंच गई और सड़क के साथ लगे क्रैश बैरियरों को भी अपनी चपेट में लेने लगी। इसके चलते पूरे क्षेत्र में धुएं का घना गुबार छा गया।
धुएं और आग की लपटों के बीच भी वाहनों की आवाजाही जारी रही। कई वाहन चालक जोखिम उठाकर हाईवे से गुजरते रहे, जबकि कुछ लोगों ने स्थिति सामान्य होने तक इंतजार करना बेहतर समझा। दोपहर करीब 2 बजे तक आग की तीव्रता कम हुई, जिसके बाद यात्रियों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।
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वाहन चालक परमेश कुमार, सुनील कुमार और अमित कुमार ने बताया कि वे पठानकोट से चंबा लौट रहे थे। कांदू पहुंचने पर पूरा जंगल आग की चपेट में दिखाई दिया और धुएं के कारण हाईवे पर दृश्यता भी काफी कम हो गई थी। उनका कहना था कि आग की लपटें सड़क के किनारे लगे क्रैश बैरियरों तक पहुंच गई थीं। आग से पूरा जंगल राख में बदल गया है।
उल्लेखनीय है कि पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग चंबा जिले की जीवनरेखा माना जाता है और इस मार्ग पर दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में हाईवे के बिल्कुल साथ जंगल में लगी आग ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी।
सूचना मिलते ही विभागीय कर्मचारियों को मौके पर भेज दिया गया था। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाने का अभियान चलाया और आग पर काबू पा लिया गया। रजनीश महाजन, वन मंडलाधिकारी
मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे कांदू क्षेत्र में जंगल की निचली ढलानों से आग की लपटें उठनी शुरू हुईं। देखते ही देखते आग ने तेजी से फैलते हुए अपना दायरा बढ़ा लिया। दोपहर 12 बजे तक आग राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे तक पहुंच गई और सड़क के साथ लगे क्रैश बैरियरों को भी अपनी चपेट में लेने लगी। इसके चलते पूरे क्षेत्र में धुएं का घना गुबार छा गया।
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धुएं और आग की लपटों के बीच भी वाहनों की आवाजाही जारी रही। कई वाहन चालक जोखिम उठाकर हाईवे से गुजरते रहे, जबकि कुछ लोगों ने स्थिति सामान्य होने तक इंतजार करना बेहतर समझा। दोपहर करीब 2 बजे तक आग की तीव्रता कम हुई, जिसके बाद यात्रियों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।
वाहन चालक परमेश कुमार, सुनील कुमार और अमित कुमार ने बताया कि वे पठानकोट से चंबा लौट रहे थे। कांदू पहुंचने पर पूरा जंगल आग की चपेट में दिखाई दिया और धुएं के कारण हाईवे पर दृश्यता भी काफी कम हो गई थी। उनका कहना था कि आग की लपटें सड़क के किनारे लगे क्रैश बैरियरों तक पहुंच गई थीं। आग से पूरा जंगल राख में बदल गया है।
उल्लेखनीय है कि पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग चंबा जिले की जीवनरेखा माना जाता है और इस मार्ग पर दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में हाईवे के बिल्कुल साथ जंगल में लगी आग ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी।
सूचना मिलते ही विभागीय कर्मचारियों को मौके पर भेज दिया गया था। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाने का अभियान चलाया और आग पर काबू पा लिया गया। रजनीश महाजन, वन मंडलाधिकारी