हिमाचल में बर्फबारी: चंबा की चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर, तीन इंच तक हिमपात; दो स्नो लेपर्ड भी आए नजर
चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्रों पांगी और भरमौर में मौसम ने करवट ली है। ऊंची चोटियों पर करीब तीन इंच तक ताजा बर्फबारी हुई है, जबकि पांगी की सुराल घाटी में भी हिमपात शुरू होने की सूचना है। इसी बीच दो स्नो लेपर्ड नजर आने की जानकारी सामने आई है। पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर और निचले क्षेत्रों में बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है।
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पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर, घाटियों में बारिश की बूंदें और तेजी से बढ़ती ठंड… चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्रों में मौसम ने एक बार फिर सर्दियों की दस्तक का एहसास कराना शुरू कर दिया है। पांगी और भरमौर की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी से पहाड़ों का नजारा बदल गया है। चोटियों पर करीब तीन इंच तक बर्फ जमने की सूचना है। वहीं, पांगी की सुराल घाटी में भी बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। इस बदलते मौसम के बीच क्षेत्र में दो स्नो लेपर्ड नजर आने की जानकारी ने भी लोगों का ध्यान खींचा है।
चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद पहाड़ों का दृश्य आकर्षक हो गया है। चोटियों पर जमी बर्फ ने पूरे क्षेत्र को नया रूप दे दिया है। हालांकि, इस खूबसूरत नजारे के साथ ठंड का असर भी तेजी से बढ़ा है। पांगी और भरमौर जैसे जनजातीय क्षेत्रों में मौसम का बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगा है। पांगी की सुराल घाटी में बर्फबारी शुरू होने से सर्दी का असर और बढ़ने की आशंका है। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान गिरने के साथ लोगों को अब ठंड से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
जहां ऊंची चोटियां बर्फ से ढक रही हैं, वहीं जिले के निचले क्षेत्रों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और शाम के समय ठंड अधिक महसूस हो रही है। लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। मौसम में आए इस बदलाव से पूरे जिले में सर्दी का एहसास बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का एक साथ होना मौसम के बदलते मिजाज को दर्शाता है। ऐसे में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए रोजमर्रा के कामकाज के दौरान मौसम पर नजर रखना जरूरी हो गया है।
चंबा के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के बीच दो स्नो लेपर्ड नजर आने की सूचना भी सामने आई है। हिमालय के ऊंचे और ठंडे क्षेत्रों में पाया जाने वाला यह दुर्लभ वन्यजीव अपनी छिपकर रहने की प्रकृति के लिए जाना जाता है। ऐसे में इसके दिखाई देने की खबर वन्यजीवों में रुचि रखने वालों के लिए खास है। हालांकि, दोनों स्नो लेपर्ड किस स्थान पर दिखाई दिए, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसलिए इनके देखे जाने के स्थान और परिस्थितियों को लेकर किसी तरह का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
बर्फबारी से पहाड़ों की खूबसूरती बढ़ गई है, लेकिन तापमान में गिरावट और मौसम की अनिश्चितता के बीच सावधानी बरतना भी जरूरी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोगों को यात्रा से पहले सड़क और मौसम की ताजा स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए। बारिश और बर्फबारी के कारण रास्तों पर फिसलन या आवाजाही में परेशानी हो सकती है।