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Chamba News: चुप हो जाओ, जल्दी ही आ जाएगी मां
Sun, 09 Aug 2026 11:02 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 09 Aug 2026 11:02 PM IST
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मेडिकल कॉलेज में रो रही घायल बच्ची को ढांढस बंधाता मजबूर पिता। संवाद।
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अपनी बच्चियों को मां की मौत की खबर देने की नहीं हिम्मत जुटा पा रहे पिता
दूसरे दिन भी अस्पताल में रो-रो कर मां को पुकारती रहीं घायल छोटी बच्चियां
पिता सिर पर हाथ रखकर देते रहे सांत्वना, मां की मौत से बेखबर हैं बच्चियां
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। अस्पताल के बिस्तर पर चार मासूम आंखें हर पल अपनी मां को तलाश रही हैं और सामने खड़ा पिता अपने भीतर का तूफान छिपाकर उन्हें दिलासा दे रहा है।
बच्चियों को अब तक यह मालूम नहीं कि जिस मां के आने का वे इंतजार कर रही हैं, उसका अंतिम संस्कार हो चुका है। पत्नी को खोने के बाद चार घायल बेटियों के बीच खड़ा पिता अब मौत की यह खबर सुनाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा।
रविवार को मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन बच्चियां रो-रो कर मां को पुकार रही थीं। वहां उन्हें मजबूर पिता यही ढांढस बंधा रहा था कि चुप हो जाओ, मां जल्दी आ जाएगी। जब मोती राम को बस दुर्घटना में अपनी पत्नी नीलमा की मौत की सूचना मिली तो वह पांगी में मजदूरी कर रहे थे। वहां से काम छोड़कर टैक्सी में सवार होकर चंबा के लिए निकले। शाम को तीसा पहुंचे, वहां पत्नी का अंतिम संस्कार किया। उसके बाद घायल चारों बच्चियों के पास मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। इन बच्चियों को यह बताने की उनकी हिम्मत नहीं हो पा रही है कि अब उनकी मां इस दुनिया में नहीं है।
बच्चियों का रो-रो कर बुरा हाल है। मोती राम से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी तक उन्होंने बच्चियों को उनकी मां के मरने के बारे में नहीं बताया है। उनके लिये परिस्थिति काफी नाजुक बनी हुई हैं। एक तरफ पत्नी की मौत हो चुकी है और दूसरी तरफ चारों बेटियां घायल हैं। उनके स्वस्थ होने के बाद ही मां के मरने के बारे में बताया जाएगा।
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दूसरे दिन भी अस्पताल में रो-रो कर मां को पुकारती रहीं घायल छोटी बच्चियां
पिता सिर पर हाथ रखकर देते रहे सांत्वना, मां की मौत से बेखबर हैं बच्चियां
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। अस्पताल के बिस्तर पर चार मासूम आंखें हर पल अपनी मां को तलाश रही हैं और सामने खड़ा पिता अपने भीतर का तूफान छिपाकर उन्हें दिलासा दे रहा है।
बच्चियों को अब तक यह मालूम नहीं कि जिस मां के आने का वे इंतजार कर रही हैं, उसका अंतिम संस्कार हो चुका है। पत्नी को खोने के बाद चार घायल बेटियों के बीच खड़ा पिता अब मौत की यह खबर सुनाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा।
रविवार को मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन बच्चियां रो-रो कर मां को पुकार रही थीं। वहां उन्हें मजबूर पिता यही ढांढस बंधा रहा था कि चुप हो जाओ, मां जल्दी आ जाएगी। जब मोती राम को बस दुर्घटना में अपनी पत्नी नीलमा की मौत की सूचना मिली तो वह पांगी में मजदूरी कर रहे थे। वहां से काम छोड़कर टैक्सी में सवार होकर चंबा के लिए निकले। शाम को तीसा पहुंचे, वहां पत्नी का अंतिम संस्कार किया। उसके बाद घायल चारों बच्चियों के पास मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। इन बच्चियों को यह बताने की उनकी हिम्मत नहीं हो पा रही है कि अब उनकी मां इस दुनिया में नहीं है।
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बच्चियों का रो-रो कर बुरा हाल है। मोती राम से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी तक उन्होंने बच्चियों को उनकी मां के मरने के बारे में नहीं बताया है। उनके लिये परिस्थिति काफी नाजुक बनी हुई हैं। एक तरफ पत्नी की मौत हो चुकी है और दूसरी तरफ चारों बेटियां घायल हैं। उनके स्वस्थ होने के बाद ही मां के मरने के बारे में बताया जाएगा।
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