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Chamba News: फसल का बीमा नहीं करवाया तो आपदा में नहीं मिलेगा मुआवजा
Fri, 14 Aug 2026 11:01 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 14 Aug 2026 11:01 PM IST
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खरीफ फसलों का बीमा करवाने के लिए आज आखिरी मौका, फिर नहीं बढ़ेगी समय सीमा
अंतिम तारीख के बाद स्वीकार नहीं किए जाएंगे आवेदन : डॉ. भूपेंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। खेत में लहलहाती फसल पर मौसम की मार पड़ जाए तो किसान की महीनों की मेहनत पलभर में बर्बाद हो सकती है। ऐसे में फसल बीमा किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का अहम सहारा है।
जिले के किसानों के पास खरीफ फसलों का बीमा करवाने के लिए अब सिर्फ 15 अगस्त तक का समय बचा है। इसके बाद बीमा करवाने की समय सीमा बढ़ने की संभावना नहीं है। ऐसे में जिन किसानों ने अभी तक अपनी खरीफ फसल का बीमा नहीं करवाया है, उन्हें बिना देरी किए प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
जिले में करीब एक लाख किसान खेतीबाड़ी से जुड़े हैं। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण किसानों की फसलें प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अधिक संवेदनशील रहती हैं। खरीफ सीजन में भारी बारिश, बादल फटने, भूस्खलन और अन्य मौसम संबंधी घटनाओं से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। ऐसे में फसल बीमा किसानों को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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पहले खरीफ फसलों का बीमा करवाने की अंतिम तारीख 31 जुलाई निर्धारित की गई थी। बाद में किसानों को राहत देते हुए विभाग ने समय सीमा बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी। विभाग की ओर से किसानों को बीमा करवाने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया, लेकिन अब यह अवधि समाप्त होने वाली है। किसानों के पास बीमा करवाने का यही अंतिम अवसर है।
बीमित फसल प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होने की स्थिति में किसान संबंधित फसल बीमा योजना के प्रावधानों और निर्धारित नियमों के तहत मुआवजे का दावा कर सकते हैं। वहीं, जिन किसानों ने फसल का बीमा नहीं करवाया है, उन्हें योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पाएगा। यही कारण है कि कृषि विभाग की ओर से किसानों को अंतिम तारीख से पहले बीमा करवाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे 15 अगस्त की अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते अपनी खरीफ फसलों का बीमा करवा लें। उन्होंने कहा कि अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार न होने की स्थिति में किसान योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं। किसानों को किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के साथ समय पर बीमा करवाने की सलाह दी गई है।
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अंतिम तारीख के बाद स्वीकार नहीं किए जाएंगे आवेदन : डॉ. भूपेंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। खेत में लहलहाती फसल पर मौसम की मार पड़ जाए तो किसान की महीनों की मेहनत पलभर में बर्बाद हो सकती है। ऐसे में फसल बीमा किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का अहम सहारा है।
जिले के किसानों के पास खरीफ फसलों का बीमा करवाने के लिए अब सिर्फ 15 अगस्त तक का समय बचा है। इसके बाद बीमा करवाने की समय सीमा बढ़ने की संभावना नहीं है। ऐसे में जिन किसानों ने अभी तक अपनी खरीफ फसल का बीमा नहीं करवाया है, उन्हें बिना देरी किए प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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जिले में करीब एक लाख किसान खेतीबाड़ी से जुड़े हैं। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण किसानों की फसलें प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अधिक संवेदनशील रहती हैं। खरीफ सीजन में भारी बारिश, बादल फटने, भूस्खलन और अन्य मौसम संबंधी घटनाओं से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। ऐसे में फसल बीमा किसानों को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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पहले खरीफ फसलों का बीमा करवाने की अंतिम तारीख 31 जुलाई निर्धारित की गई थी। बाद में किसानों को राहत देते हुए विभाग ने समय सीमा बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी। विभाग की ओर से किसानों को बीमा करवाने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया, लेकिन अब यह अवधि समाप्त होने वाली है। किसानों के पास बीमा करवाने का यही अंतिम अवसर है।
बीमित फसल प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होने की स्थिति में किसान संबंधित फसल बीमा योजना के प्रावधानों और निर्धारित नियमों के तहत मुआवजे का दावा कर सकते हैं। वहीं, जिन किसानों ने फसल का बीमा नहीं करवाया है, उन्हें योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पाएगा। यही कारण है कि कृषि विभाग की ओर से किसानों को अंतिम तारीख से पहले बीमा करवाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे 15 अगस्त की अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते अपनी खरीफ फसलों का बीमा करवा लें। उन्होंने कहा कि अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार न होने की स्थिति में किसान योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं। किसानों को किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों के साथ समय पर बीमा करवाने की सलाह दी गई है।