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Chamba News: आटे के काले रंग ने फीका कर दिया भरोसा
Fri, 14 Aug 2026 11:04 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 14 Aug 2026 11:04 PM IST
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कुछ डिपुओं में खराब गुणवत्ता का आटा मिलने की शिकायत, उपभोक्ताओं ने की जांच की मांग
उपभोक्ता बोले- खाने योग्य नहीं है आटा, घर ले जाने से कर रहे परहेज
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सरकारी राशन डिपुओं से मिलने वाले आटे की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ने लगी है। जिले के कुछ डिपुओं में काला और खराब गुणवत्ता का आटा पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं।
राशन लेने पहुंचे उपभोक्ताओं का कहना है कि आटे की स्थिति देखकर वे इसे घर ले जाने से भी परहेज कर रहे हैं। लोगों ने खाद्य आपूर्ति विभाग से मामले की जांच करवाकर जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई है।
उपभोक्ताओं के अनुसार कुछ डिपुओं में पहुंच रहे आटे का रंग सामान्य नहीं है। कई जगह आटा काला दिखाई देने की शिकायत है जबकि कुछ डिपुओं में इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकारी राशन में मिलने वाली खाद्य सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। यदि आटा खाने योग्य गुणवत्ता का नहीं है तो इसे उपभोक्ताओं को वितरित नहीं किया जाना चाहिए।
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राशन लेने पहुंचे दीवान चंद, सुरेश कुमार, बलवीर सिंह, सुनील कुमार और अविनाश कुमार ने बताया कि डिपुओं में आटा लेने के दौरान उसकी गुणवत्ता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि विभाग को डिपुओं में पहुंचने वाले आटे के नमूने लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच करवानी चाहिए। यदि जांच में आटा मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उपभोक्ताओं ने कहा कि सरकारी राशन व्यवस्था का सीधा संबंध आम लोगों की जरूरतों से है। ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। खासकर आटा रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा है, इसलिए इसकी गुणवत्ता को लेकर विभाग को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
लोगों ने मांग की है कि जिन डिपुओं में खराब गुणवत्ता के आटे की शिकायत सामने आई है, वहां तत्काल निरीक्षण किया जाए और आटे के सैंपल लेकर जांच करवाई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक संदिग्ध गुणवत्ता वाले आटे के वितरण को लेकर भी उचित कदम उठाए जाएं।
उधर, खाद्य आपूर्ति एवं नियंत्रक विभाग के कर्ण ठाकुर ने कहा कि डिपुओं का निरीक्षण करवाकर आटे की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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उपभोक्ता बोले- खाने योग्य नहीं है आटा, घर ले जाने से कर रहे परहेज
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सरकारी राशन डिपुओं से मिलने वाले आटे की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ने लगी है। जिले के कुछ डिपुओं में काला और खराब गुणवत्ता का आटा पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं।
राशन लेने पहुंचे उपभोक्ताओं का कहना है कि आटे की स्थिति देखकर वे इसे घर ले जाने से भी परहेज कर रहे हैं। लोगों ने खाद्य आपूर्ति विभाग से मामले की जांच करवाकर जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई है।
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उपभोक्ताओं के अनुसार कुछ डिपुओं में पहुंच रहे आटे का रंग सामान्य नहीं है। कई जगह आटा काला दिखाई देने की शिकायत है जबकि कुछ डिपुओं में इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकारी राशन में मिलने वाली खाद्य सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। यदि आटा खाने योग्य गुणवत्ता का नहीं है तो इसे उपभोक्ताओं को वितरित नहीं किया जाना चाहिए।
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राशन लेने पहुंचे दीवान चंद, सुरेश कुमार, बलवीर सिंह, सुनील कुमार और अविनाश कुमार ने बताया कि डिपुओं में आटा लेने के दौरान उसकी गुणवत्ता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि विभाग को डिपुओं में पहुंचने वाले आटे के नमूने लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच करवानी चाहिए। यदि जांच में आटा मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उपभोक्ताओं ने कहा कि सरकारी राशन व्यवस्था का सीधा संबंध आम लोगों की जरूरतों से है। ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। खासकर आटा रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा है, इसलिए इसकी गुणवत्ता को लेकर विभाग को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
लोगों ने मांग की है कि जिन डिपुओं में खराब गुणवत्ता के आटे की शिकायत सामने आई है, वहां तत्काल निरीक्षण किया जाए और आटे के सैंपल लेकर जांच करवाई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक संदिग्ध गुणवत्ता वाले आटे के वितरण को लेकर भी उचित कदम उठाए जाएं।
उधर, खाद्य आपूर्ति एवं नियंत्रक विभाग के कर्ण ठाकुर ने कहा कि डिपुओं का निरीक्षण करवाकर आटे की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।