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जुकारू उत्सव : पांगी संस्कृति की देखने को मिली झलक
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 22 Feb 2026 10:36 PM IST
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चंबा में जुकारू उत्सव के दौरान प्रस्तुति देते नन्हें कलकार।संवाद
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चंबा। पांगी घाटी के लोगों ने रविवार को जुकारू उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया। इस दौरान युवाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य पेश किया। इसमें पांगी घाटी, चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति की संस्कृति की झलक देखने को मिली।
जुकारू उत्सव सर्दियों के माघ माह के अंत में राजा बली की पूजा-अर्चना से आरंभ होकर करीब एक माह तक चलता है। पांगी कल्याण सभा के अध्यक्ष भगत बड़ौतरा ने बताया कि पांगी घाटी में भी गांव स्तर पर इस उत्सव को आयोजित किया जाता है। हर गांव में सभी लोग एक स्थान पर एकत्रित होते हैं।
आने वाले गर्मी के मौसम के लिए लोग अच्छे दिनों की कामना करते हैं। इस उत्सव की मुख्य विशेषता यह है कि पांगी घाटी के लोग जिले के किसी भी स्थान पर रहते हों। वहां मिलकर इस उत्सव का आयोजन किया जाता है। इसका लोगों को खासकर पांगी वासियों को बेसब्री से इंतजार रहता हैं।
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जुकारू उत्सव सर्दियों के माघ माह के अंत में राजा बली की पूजा-अर्चना से आरंभ होकर करीब एक माह तक चलता है। पांगी कल्याण सभा के अध्यक्ष भगत बड़ौतरा ने बताया कि पांगी घाटी में भी गांव स्तर पर इस उत्सव को आयोजित किया जाता है। हर गांव में सभी लोग एक स्थान पर एकत्रित होते हैं।
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आने वाले गर्मी के मौसम के लिए लोग अच्छे दिनों की कामना करते हैं। इस उत्सव की मुख्य विशेषता यह है कि पांगी घाटी के लोग जिले के किसी भी स्थान पर रहते हों। वहां मिलकर इस उत्सव का आयोजन किया जाता है। इसका लोगों को खासकर पांगी वासियों को बेसब्री से इंतजार रहता हैं।