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Chamba News: गैहरा गांव में नहीं जला चूल्हा
Wed, 29 Jul 2026 11:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:03 AM IST
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चंबा। भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाहड़ के समीप हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने गैहरा गांव से एक ही परिवार की पांच जिंदगियां छीन लीं। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया। मंगलवार को गांव में न रोज की चहल-पहल दिखी और न ही घरों में चूल्हा जला।
हर गली, हर चौपाल और हर आंगन में सिर्फ हादसे की चर्चा और अपनों को खोने का दर्द दिखाई दिया। मृतकों के घर पर सुबह से ही रिश्तेदारों, ग्रामीणों और परिचितों का तांता लगा रहा। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
महिलाएं विलाप करती रहीं, जबकि बुजुर्ग गम में खामोश बैठे रहे। हर किसी की जुबान पर यही सवाल था कि एक ही पल में पूरा परिवार कैसे उजड़ गया। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा हृदयविदारक दृश्य कभी नहीं देखा, जब एक ही परिवार की पांच अर्थियां एक साथ उठने की नौबत आई हो।
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हादसे के बाद लोगों ने अपने रोजमर्रा के काम छोड़ दिए और शोकाकुल परिवार के साथ खड़े नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आंख नम थी और पूरे गांव पर गहरा सन्नाटा पसरा रहा।
मंगलवार रात करीब 8 बजे जैसे ही पांचों शव गांव पहुंचाए, पूरे माहौल में चीख-पुकार मच गई। परिजन बेसुध होकर अपनों से लिपट गए। आसपास मौजूद ग्रामीण उन्हें संभालने और ढांढस बंधाने का प्रयास करते रहे, लेकिन हर आंख से आंसू बह रहे थे। गांव में शोक की ऐसी लहर दौड़ी कि माहौल देर रात तक गमगीन बना रहा।
बुधवार को पैतृक श्मशानघाट में पांचों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूरे गांव के लोग अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे। यह हादसा सिर्फ एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे गैहरा गांव की ऐसी त्रासदी बन गया है, जिसकी टीस लंबे समय तक लोगों के दिलों में बनी रहेगी।
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हर गली, हर चौपाल और हर आंगन में सिर्फ हादसे की चर्चा और अपनों को खोने का दर्द दिखाई दिया। मृतकों के घर पर सुबह से ही रिश्तेदारों, ग्रामीणों और परिचितों का तांता लगा रहा। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
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महिलाएं विलाप करती रहीं, जबकि बुजुर्ग गम में खामोश बैठे रहे। हर किसी की जुबान पर यही सवाल था कि एक ही पल में पूरा परिवार कैसे उजड़ गया। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा हृदयविदारक दृश्य कभी नहीं देखा, जब एक ही परिवार की पांच अर्थियां एक साथ उठने की नौबत आई हो।
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हादसे के बाद लोगों ने अपने रोजमर्रा के काम छोड़ दिए और शोकाकुल परिवार के साथ खड़े नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आंख नम थी और पूरे गांव पर गहरा सन्नाटा पसरा रहा।
मंगलवार रात करीब 8 बजे जैसे ही पांचों शव गांव पहुंचाए, पूरे माहौल में चीख-पुकार मच गई। परिजन बेसुध होकर अपनों से लिपट गए। आसपास मौजूद ग्रामीण उन्हें संभालने और ढांढस बंधाने का प्रयास करते रहे, लेकिन हर आंख से आंसू बह रहे थे। गांव में शोक की ऐसी लहर दौड़ी कि माहौल देर रात तक गमगीन बना रहा।
बुधवार को पैतृक श्मशानघाट में पांचों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूरे गांव के लोग अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे। यह हादसा सिर्फ एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे गैहरा गांव की ऐसी त्रासदी बन गया है, जिसकी टीस लंबे समय तक लोगों के दिलों में बनी रहेगी।