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Chamba News: बीमा कंपनी को 80 हजार से ज्यादा चुकाने के आदेश

Mon, 10 Aug 2026 10:55 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Mon, 10 Aug 2026 10:55 PM IST
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Order for insurance company to pay more than 80,000
जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला-चंबा ने खारिज किया बीमा कंपनी का दावा
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बीमा राशि पर शिकायत दायर करने की तिथि से 9 फीसदी ब्याज देने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला-चंबा ने बीमा दावे के भुगतान में लापरवाही बरतने पर ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड पर शिकंजा कस दिया है।
आयोग ने शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 45 हजार रुपये की बीमा राशि, उस पर शिकायत दायर करने की तिथि से भुगतान तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज से अदा करने के निर्देश जारी किए हैं। इतना ही नहीं, 20 हजार रुपये मुआवजा और 15 हजार रुपये वाद व्यय अदा करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने माना कि बीमा कंपनी दावा राशि के भुगतान का प्रमाण प्रस्तुत करने में विफल रही और यह सेवा में कमी का मामला है। आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा तथा सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की पीठ ने यह आदेश पप्पू राम निवासी गांव लोथल डाकघर चूड़ी उपतहसील धरवाला की ओर से दायर उपभोक्ता शिकायत पर पारित किया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने एक सफेद खच्चर खरीदी थी। इसका बीमा ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के पास करवाया था। 11 सितंबर 2023 को ऊंचाई से गिरने के कारण खच्चर की मौत हो गई। घटना की सूचना बीमा कंपनी को दी गई। सर्वेक्षण और पोस्टमार्टम भी करवाया गया। सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए गए। बावजूद इसके बार-बार संपर्क करने पर भी बीमा दावा जारी नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दावा किया कि 12 सितंबर 2023 को डिस्चार्ज वाउचर के माध्यम से भुगतान कर दिया था। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता का उसके यहां कोई ऋण खाता नहीं है। केवल बचत खाता है और बीमा दावे की प्रक्रिया में उसकी कोई भूमिका नहीं रही।
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आयोग ने रिकॉर्ड पर प्रस्तुत बैंक खाते का विवरण जांचा। इसमें कथित भुगतान की कोई प्रविष्टि नहीं मिली। आयोग ने कहा कि केवल डिस्चार्ज वाउचर प्रस्तुत कर देना भुगतान सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं है। बैंक रिकॉर्ड बीमा कंपनी के दावे का समर्थन नहीं करता। इसी आधार पर आयोग ने बीमा कंपनी को सेवा में दोषी मानते हुए शिकायत स्वीकार कर आर्थिक राहत प्रदान करने के आदेश दिए।
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