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Chamba News: जातर के लिए गए थे श्रद्धालु, अचानक बढ़ गया चौरासी चला नाले का जलस्तर
Mon, 17 Aug 2026 10:56 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 17 Aug 2026 10:56 PM IST
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84 चला में बादल फटने के बाद पेड़ के सहारे नाले को पार करते श्रद्धालू।स्रोत्र विडियो ग्रैब
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ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर बचाई जान, पुली और करीब 12 तरंगड़ियां बहीं
जलस्तर कम होने पर ग्रामीणों ने रस्सी, पेड़ के सहारे सभी को सुरक्षित निकाला
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। भरमौर विधानसभा क्षेत्र में रविवार शाम भारी बारिश के बीच बादल फटने से ग्राम पंचायत खुंदेल के चौरासी चला नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया।
इससे खुंडी मराल जातर के लिए निकले करीब 50 श्रद्धालु नाले के दूसरी ओर फंस गए। श्रद्धालु औराफाटी, राड़ी और खुंदेल गांवों से जातर के लिए रवाना हुए थे। अचानक बढ़े जलस्तर से श्रद्धालुओं की आवाजाही का रास्ता बंद हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार शाम करीब पांच बजे नाले में पानी का बहाव तेज हो गया। इससे नाले पर बनी लोहे की पुली समेत करीब 12 तरंगड़ियां और गांव को जोड़ने वाला रास्ता भी पानी में बह गया। करीब दो घंटे बाद जब नाले का जलस्तर कुछ कम हुआ तो ग्रामीणों ने बिना देर किए रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
ग्रामीण सरणो राम, जयराम, माधो राम, उधो राम, सोहन लाल और मणिया राम ने रस्सी के सहारे और नाले में सूखा पेड़ गिराकर अस्थायी रास्ता तैयार किया। इसके बाद एक-एक कर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रात को श्रद्धालुओं को अहलमी गांव में ठहराया गया। सोमवार सुबह वे आगे की यात्रा के लिए रवाना हुए।
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हालांकि, चौरासी चला धाम पहुंचने के बाद भी श्रद्धालुओं की मुश्किलें कम नहीं हुईं। खराब मौसम, लगातार बारिश, बढ़े जलस्तर और क्षतिग्रस्त रास्तों को देखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षा के लिहाज से वापस लौटना पड़ा।
पूर्व वार्ड सदस्य पवन कुमार शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की तत्परता से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला गया। पंचायत प्रधान लतीफ खान ने बताया कि बादल फटने से लोहे की पुली और करीब 12 तरंगड़ियां बह गई हैं। इसकी सूचना बीडीओ को दे दी गई है। क्षेत्र में करीब 40-50 श्रद्धालु अलग-अलग स्थानों पर मौजूद हैं और सभी सुरक्षित हैं।
उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि भारी बारिश के बाद जलस्तर बढ़ने से नुकसान की सूचना मिली है। बीडीओ को राहत एवं बचाव कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन दिनों इस मार्ग से मां भगवती खुंडी वाली मंदिर के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ज्येष्ठ मंगलवार के अवसर पर श्रद्धालुओं की ओर से डल झील में पवित्र स्नान करने की भी परंपरा है।
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जलस्तर कम होने पर ग्रामीणों ने रस्सी, पेड़ के सहारे सभी को सुरक्षित निकाला
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। भरमौर विधानसभा क्षेत्र में रविवार शाम भारी बारिश के बीच बादल फटने से ग्राम पंचायत खुंदेल के चौरासी चला नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया।
इससे खुंडी मराल जातर के लिए निकले करीब 50 श्रद्धालु नाले के दूसरी ओर फंस गए। श्रद्धालु औराफाटी, राड़ी और खुंदेल गांवों से जातर के लिए रवाना हुए थे। अचानक बढ़े जलस्तर से श्रद्धालुओं की आवाजाही का रास्ता बंद हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार शाम करीब पांच बजे नाले में पानी का बहाव तेज हो गया। इससे नाले पर बनी लोहे की पुली समेत करीब 12 तरंगड़ियां और गांव को जोड़ने वाला रास्ता भी पानी में बह गया। करीब दो घंटे बाद जब नाले का जलस्तर कुछ कम हुआ तो ग्रामीणों ने बिना देर किए रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
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ग्रामीण सरणो राम, जयराम, माधो राम, उधो राम, सोहन लाल और मणिया राम ने रस्सी के सहारे और नाले में सूखा पेड़ गिराकर अस्थायी रास्ता तैयार किया। इसके बाद एक-एक कर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रात को श्रद्धालुओं को अहलमी गांव में ठहराया गया। सोमवार सुबह वे आगे की यात्रा के लिए रवाना हुए।
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हालांकि, चौरासी चला धाम पहुंचने के बाद भी श्रद्धालुओं की मुश्किलें कम नहीं हुईं। खराब मौसम, लगातार बारिश, बढ़े जलस्तर और क्षतिग्रस्त रास्तों को देखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षा के लिहाज से वापस लौटना पड़ा।
पूर्व वार्ड सदस्य पवन कुमार शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की तत्परता से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला गया। पंचायत प्रधान लतीफ खान ने बताया कि बादल फटने से लोहे की पुली और करीब 12 तरंगड़ियां बह गई हैं। इसकी सूचना बीडीओ को दे दी गई है। क्षेत्र में करीब 40-50 श्रद्धालु अलग-अलग स्थानों पर मौजूद हैं और सभी सुरक्षित हैं।
उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि भारी बारिश के बाद जलस्तर बढ़ने से नुकसान की सूचना मिली है। बीडीओ को राहत एवं बचाव कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन दिनों इस मार्ग से मां भगवती खुंडी वाली मंदिर के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ज्येष्ठ मंगलवार के अवसर पर श्रद्धालुओं की ओर से डल झील में पवित्र स्नान करने की भी परंपरा है।